Thursday, January 15, 2026

अंबाला पंचायत भवन में विशेष मीडिया वर्कशाप 16 को

DIPR:Thursday//15th January 2026 at 05:50PM Media Workshop at Panchayat Bhawan Ambala

इस मौके पर होंगीं मीडिया के लिए बहुत सी काम की बातें 

चंडीगढ़//अंबाला: 15 जनवरी 2026: (मीडिया लिंक 32//मीडिया स्क्रीन डेस्क):: 


मेडिकल के क्षेत्र में डाक्टर अपने काम का ज़िक्र करते हुए कहते हैं कि मैं अमुक स्थान पर प्रेक्टिस करता हूं। वकील भी अपने प्रोफेशन का ज़िक्र करते हुए यही कहते हैं कि मैं अमुक जगह पर प्रेक्टिस करता हूं। मानसिक मेहनत और और जिस्मानी श्रम को प्रेक्टिस कहना ही उचित होगा। यह बात पत्रकारिता से जुड़े सभी क्षेत्रों पर लागू होती है। खबर लिखनी हो,  फीचर लिखना हो,  तस्वीरें क्लिक करनी हो या वीडियो बनानी हो तो इसमें निरंतर अभ्यास चार चांद  लगा देता है। अगर इस अभ्यास को छोड़ दिया जाए तो फिर निपुणता में कमी आ जाती है। 

इसी अभ्यास की अहमियत को दर्शाते हुए एक बहुत ही लोकप्रिय दोहा कवि वृन्द जी की ‘वृंद-सतसई' से है। इस में वह कहते हैं: 

करत-करत अभ्यास ते जड़मति होत सुजान। 

रसरी आवत जात ते सिल पर पड़त निसान॥

निरंतर अभ्यास का फायदा पत्रकारिता में भी होता है। कलम में निखार आ जाता है। कलम की धार तेज़ हो जाती  है।  लिखी जाने वाली कि पोस्ट में पैनापन आ जाता है। इसी सिलसिले में एक वर्कशाप का आयोजन भी हो रहा है। 

सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रैस इंफोरमेशन ब्यूरो (पीआईबी) चंडीगढ़ द्वारा अपर महानिदेशक विवेक वैभव के मार्गदर्शन में 16 जनवरी को स्थानीय मीडिया कर्मियों के लिए अंबाला स्थित पंचायत भवन में मीडिया वर्कशाप ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है की ऐसी कार्यशगालयों में शामिल होने से बहुत कुछ मिलता है जिसका फायदा भविष्य में भी मिलता है। 

Friday, November 28, 2025

डीडी फ्री डिश पर लोकप्रिय क्षेत्रीय चैनलों अब और बढ़ेंगे

 सूचना और प्रसारण मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 28 NOV 2025 7:26 PM by PIB Delhi

प्रसार भारती ने विशेष पायलट पहल शुरू की

*डीडी फ्री डिश ने सूचना और शिक्षा तक पहुंच को मजबूत किया

*भारत भर में 65 मिलियन घरों तक पहुंच बनाई

*डीडी फ्री डिश 31 मार्च 2026 तक लाएगा नाइ क्रान्ति 

*नई पायलट पहल के तहत क्षेत्रीय भाषा चैनलों को मुफ्त एमपीईजी-4 स्लॉट प्रदान करेगा

नई दिल्लीः 28 नवंबर 2025:(पीआई बी दिल्ली//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

संकेतक फाईल फोटो 
प्रसार भारती डीडी फ़्री डिश प्लेटफ़ॉर्म पर एक पायलट योजना शुरू कर रही है, जिसके तहत लोकप्रिय क्षेत्रीय भाषाओं के चैनल (अनुसूची आठ की भाषाएँ, हिंदी और उर्दू को छोड़कर), जिन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से अनुमति और लाइसेंस प्राप्त है, को नए उन्नत एमपीईजी-4 स्ट्रीम्स पर उपलब्ध खाली डीडी फ़्री डिश स्लॉट्स के आवंटन के लिए आवेदन करने हेतु आमंत्रित किया गया है। अब तक प्रतिनिधित्व न किए गए और कम प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाने के लिए प्रसार भारती का प्रयास, क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से पहुंच, अवसर और जागरूकता में मौजूद अंतर को पाटने की प्रतिबद्धता से प्रेरित है।

कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम, बांग्ला, असमिया और ओड़िया भाषाओं के क्षेत्रीय चैनल, जो वर्तमान में डीडी फ़्री डिश प्लेटफ़ॉर्म पर अब तक प्रतिनिधित्व न किए गए और कम प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों को अन्य क्षेत्रीय भाषा चैनलों की तुलना में प्राथमिकता दी जाएगी। क्षेत्रीय समाचार चैनलों को गैर-समाचार क्षेत्रीय चैनलों की तुलना में प्राथमिकता दी जाएगी।

इन क्षेत्रीय चैनलों को पायलट आधार पर निःशुल्क स्लॉट आवंटित किए जाएँगे। यह आवंटन केवल 31.03.2026 तक की अवधि के लिए होगा।

डीडी फ़्री डिश का चैनल बुक़े विविध और समृद्ध है, जिसमें लगभग सभी शैलियों का प्रतिनिधित्व है। वर्तमान में डीडी फ़्री डिश पर कुल 482 टीवी चैनल उपलब्ध हैं (जिनमें 320 डीडी को -ब्रांडेड शैक्षणिक चैनल जैसे पीएम ई-विद्या और स्वयं प्रभा शामिल हैं) और 48 रेडियो चैनल भी शामिल हैं। दूरदर्शन चैनलों के अलावा, इस बुके में सामान्य मनोरंजन, समाचार, भक्ति, फ़िल्में, खेल आदि के निजी टीवी चैनल भी शामिल हैं।

प्रसार भारती का डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) प्लेटफ़ॉर्म "डीडी फ्री डिश" एक मुफ़्त प्रसारण प्लेटफ़ॉर्म है, जहाँ दर्शकों से कोई मासिक या वार्षिक सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाता है। इस अनूठे और किफायती मॉडल ने डीडी फ्री डिश को सबसे बड़ा डीटीएच प्लेटफ़ॉर्म बना दिया है, जो दूरदराज, ग्रामीण, दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी लगभग 65 मिलियन घरों (क्रोम डेटा के अनुसार) तक पहुँचता है। डीडी फ्री डिश के माध्यम से, प्रसार भारती देश के सुदूर कोने तक गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क सूचना, शिक्षा और मनोरंजन प्रदान करके जनता को सशक्त बना रहा है, जिससे समाज के हाशिए पर पड़े और कमज़ोर वर्गों को भी लाभ मिल रहा है, जिससे लोक सेवा प्रसारण का उसका प्राथमिक उद्देश्य पूरा हो रहा है।

***//पीके/केसी/जीके/एसएस//(रिलीज़ आईडी: 2196081) 

Friday, July 25, 2025

फिल्म उद्योग में डिजिटल पायरेसी पर सख्ती शुरू

प्रविष्टि तिथि: 25 JUL 2025 at 6:09 PM by PIB Delhi

सरकार ने अंकुश लगाने के लिए किए सुदृढ़ उपाय

नई दिल्ली: 25 जुलाई 2025: (पीआईबी//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

संकेतक तस्वीर 
सरकार मनोरंजन से जुड़े रचनात्मक सेक्टर पर डिजिटल पायरेसी के प्रतिकूल प्रभाव के प्रति निरंतर सचेत है। इस महत्वपूर्ण समस्या पर ध्यान देने के लिए निम्नलिखित सुधार लागू किए गए हैं:

  • 2023 में सरकार ने डिजिटल पायरेसी के विरुद्ध उपायों को शामिल करने के लिए सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 में संशोधन किया।
  • इन संशोधनों में न्यूनतम 3 महीने का कारावास और 3 लाख रुपये के आर्थिक दंड की सख्त सजा शामिल है, जिसे 3 साल की कैद और लेखापरीक्षित सकल उत्पादन लागत के 5 प्रतिशत तक जुर्माना तक बढ़ाया जा सकता है।
  • सिनेमैटोग्राफ अधिनियम की धारा 6एए और 6एबी फिल्मों की अनधिकृत रिकॉर्डिंग और प्रसारण पर रोक लगाती है।
  • सिनेमैटोग्राफ अधिनियम की नई जोड़ी गई धारा 7(1बी)(ii) सरकार को पायरेटेड सामग्री की मेजबानी के लिए मध्यस्थों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अधिकार देती है।
  • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को कॉपीराइट धारकों या अधिकृत व्यक्तियों से शिकायतें प्राप्त करने तथा ऐसे कंटेंट होस्ट करने वाले मध्यवर्ती संस्थाओं को आवश्यक निर्देश जारी करने का अधिकार दिया गया है।
  • पायरेसी कार्यनीतियों को सुदृढ़ करने और समन्वित कार्य योजनाएं विकसित करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समिति गठित की गई है।
  • विश्व ऑडियो विजुअल एंटरटेनमेंट शिखर सम्मेलन (वेव्स) 2025 के दौरान डिजिटल पायरेसी से निपटने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने हेतु एक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।

सरकार डिजिटल पायरेसी के खतरे को रोकने और भारत के इंटरटेनमेंट इको-सिस्टम की अखंडता की रक्षा के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों सहित संबंधित हितधारकों के साथ संपर्क में है।

सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने राज्यसभा में यह जानकारी दी।

***एमजी/एके/केसी/एसकेजे/एचबी//(रिलीज़ आईडी: 2148538) 

Thursday, June 5, 2025

PEC ने जारी किया मीडिया निमंत्रण

Thursday 5th June 2025 at 9:58 AM Regarding Media Invite to Cover MoU Signing Event

PEC में होने हैं एक विशेष MoU पर हस्ताक्षर-मीडिया को भी निमंत्रण 


चंडीगढ़
: 05 जून 2025: (मीडिया लिंक 32//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन)::

आप सभी को एक विशेष आधिकारिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए उपस्थित होने और इसे कवर करने के लिए सादर आमंत्रित किया जाता है।

कार्यक्रम: पावरग्रिड और पीईसी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

दिनांक: 06 जून, 2025

समय: सायं 4:00 बजे से

स्थान: सीनेट हॉल 

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) और पीईसी चंडीगढ़ के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के लिए मीडिया के सम्मानित सदस्यों को सादर आमंत्रित करता है।

इस कार्यक्रम में चंडीगढ़ प्रशासन (यूटी) के मुख्य सचिव श्री राजीव वर्मा (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, तथा पीजीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री रविन्द्र कुमार त्यागी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

आपकी उपस्थिति से अपार मूल्य जुड़ेगा क्योंकि हम उद्योग-अकादमिक सहयोग और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा रहे हैं।

कृपया अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को सुशोभित करें।

Tuesday, June 3, 2025

PRTC कर्मचारी नेताओं का पत्रकार सम्मेलन 4 जून को

PRTC लुधियाना डिपो पर विशाल गेट रैली भी होगी 

सभी प्रेस साथियों को सत श्री अकाल जी। 

सभी प्रेस वीरों से निवेदन है कि कल दिनांक 04/06/2025 को ड्यूटी के दौरान आ रही परेशानियों और मैनेजमेंट द्वारा कर्मचारियों के साथ किए जा रहे भेदभावपूर्ण व्यवहार को लेकर PRTC लुधियाना डिपो के गेट पर एक विशाल गेट रैली की जा रही है। अतः हमारी आवाज को आम जनता तक पहुंचाने के लिए आप सभी से निवेदन है कि कल सुबह 10 बजे PRTC लुधियाना डिपो के गेट पर अवश्य पहुंचे।

द्वारा - जगतार सिंह *9877567428

राज्य संयुक्त सचिव

पंजाब रोडवेज पान बस/PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन 25/11

Sunday, October 27, 2024

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में आकाशवाणी पुस्तकालय

प्रविष्टि तिथि: 27 OCT 2024 1:32 PM by PIB Delhi

उदघाटन में उपराष्ट्रपति के संबोधन का लिखित रुप (अंश)


जयपुर//नई दिल्ली: 27 अक्टूबर 2024: (पीआईबी//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

राजस्थान हाई कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एमएम श्रीवास्तव एक बेहद विलक्षण व्यक्तित्व हैं। क्या शुरुआत की है आपने, दिवाली का तोहफा अपने तरीके से दे दिया। महोदय, इस बार के सदस्य के रूप में, मैं आभारी हूं।

माननीय जस्टिस इंदरजीत सिंह का काम करने का अपना तौर-तरीका है। मुझे अदालत में उनके समक्ष मिलने का अवसर नहीं मिला, लेकिन अदालत के बाहर, वह एक सज्जन व्यक्ति हैं।

एडवोकेट पवन शर्मा और एडवोकेट राज कुमार शर्मा, वह क्या कहते हैं जय और वीरू, इनको सब नुस्खे पता है। आज के दिन मेरा आना बहुत मुश्किल था| मैं कर्नाटक में था दो दिन, IIT जोधपुर का कार्यक्रम था, गुवाहाटी में मेरा कार्यक्रम है, पर यह ऐसे व्यक्ति को लेकर आ गए। रमेश शर्मा जी का निर्णय पहले कर लिया था, मुझे तो मोहर ही लगानी पड़ी। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एडवोकेट भुवनेश शर्मा, मुझे बार काउंसिल ऑफ राजस्थान का सदस्य बनने का अवसर मिला है। एक नियम के कारण मैं अध्यक्ष नहीं बन सका और मैं बार काउंसिल ऑफ इंडिया का प्रतिनिधि नहीं बन सका। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट प्रहलाद शर्मा जी, अगर वे मौजूद नहीं है तो उनकी अनुपस्थिति में मैं उनका अभिनंदन करता हूं।

मेरे समय में मेट्रो-1, मेट्रो-2 जयपुर ज़िले में नहीं थे। मैं पुराने समय का व्यक्ति हूं, लेकिन ज़िला न्यायाधीशों, इस मौके पर मौजूद न्यायपालिका के सदस्यों से मैं कहना चाहता हूं कि मैं इस वक्त बेहद प्रभावित हूं।

जब मैं देश का उपराष्ट्रपति बना, तो पहले ही हफ्ते में मुझे सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने आमंत्रित किया था। मैं काफी समय से उस बार का सदस्य रहा हूं। बल्कि वरिष्ठ अधिवक्ता नामित होने से कुछ समय पहले ही मैं उस बार का सदस्य बन गया। तो उस बार से मेरा संबंध लगभग तीन दशक या उससे अधिक का था। पर मैं तो आपका हूं और कहते हैं ना नाखून उंगलियों से अलग नहीं हो सकता।

मुझे इस बार ने बनाया है। मेरा परम सौभाग्य था कि मैंने ऐसे अधिवक्ता के कार्यालय को अपनी कर्मभूमि बनाया। स्वर्गीय एन एल टिबरेवाल, जिनके बहुत ऊंचे नैतिक मानक थे। मैं कहूंगा कि यह अब तक का सबसे ऊंचा स्थान है। जब ईमानदारी की बात आती है तो बिल्कुल भी समझौता नहीं करना चाहिए। उनके दफ्तर से कोई खाली हाथ नहीं गया। जिस दिन बहस करते थे, मौके पर फीस की बात नहीं करते थे। बहस के बाद ही करते थे, यह उनका सिद्धांत था। उन्होंने पेशे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को अपने बैंक बैलेंस से अधिक महत्व दिया और भगवान उनके प्रति बहुत दयालु थे। वह लंबे समय तक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नहीं रहे, शायद एक दशक तक रहे, लेकिन वह कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने, लगभग एक वर्ष तक कार्यवाहक राज्यपाल रहे। ऊपर वाला न्याय में कभी कमी नहीं रखता है।

जो काम आज हुआ है, वह दोतरफा हैं, कुछ उनमें विरोधाभास है। मैंने आज से दो दशक पहले दिल्ली से दो ट्रक रवाना किए, वह मेरी लाइब्रेरी थी। साल 1940 में , अगर मैं गलत नहीं हूं तो, ऑल इंडिया रिपोर्टर सुधांशु जी मेरे पास थे। शुरू से क्रिमिनल लॉ जनरल थी, सुप्रीम कोर्ट के मामले थे 1669 से, लेबर लॉ जनरल थे बहुत सारे।

उसके बाद मैं डिजिटलीकरण पर फोकस किया। मैंने अपने दफ्तर में मैंने कोई किताब नहीं रखी। हांलाकि तब टेक्नोलॉजी ज्यादा नहीं थी। आज के दिन टेक्नोलॉजी का आलम यह है, अगर हम कहें कि भारत एक-छठी जनसंख्या का घर हैं, वैश्विक डिजिटल लेनदेन का 5- प्रतिशत से ज्यादा लेनदेन हमारे देश में होता है। यदि आप इंटरनेट कंजंप्शन की बात करेंगे, तो एक भारतीय के लिए इंटरनेट कज़म्पशन की प्रति व्यक्ति डेटा खपत, चीन और अमेरिका दोनों को मिला दिया जाए, उसकी तुलना में भी अधिक है। हमारे यहां डिजिटल ट्रांजेक्शन तेज़ी से हो रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी सभी के डिजिटल लेनदेन मिला दिए जाएं, फिर भी हमारे उनसे चार गुना है। ऐसे भारत में इसकी शुरुआत का बहुत बड़ा मतलब है। मैं बार के नेतृत्व और बार के सदस्यों को भी बधाई देता हूं।

प्रौद्योगिकी को अपनाना अब विलासिता नहीं है, यह अब ज़रुरत नहीं, यह एकमात्र रास्ता है। आज के वक्त में नौजवान पीढ़ी इसका प्रयोग ज्यादा करती हैं। मेरी उम्र के लोग कम करेंगे। वे इस बात की सराहना करेंगे कि प्रौद्योगिकी का दायरा बढ़ गया है। एक नया इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन आ गया है। हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन में बहुत बड़े बदलाव के मुहाने पर हैं। पहले अंग्रेजी के शब्द हुआ करते थे। हकीकत में जो उनका डाइमेंशन है बहुत दूर तक ले जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आपकी बहुत मदद कर सकती है। बार के सदस्यों से मेरा अनुरोध है कि कार्य सत्र कराने चाहिए। ऐसे तकनीकी सत्र कराइए, जहां आपको इसके बारे में पता चले। जो समय आप इसमें लगाएंगे, आपको अंदाजा नहीं है कि आप आगे कितना समय बचा पाएंगे। आपकी गुणवत्ता बढ़ेगी और आपकी काबिलियत इसी चीज में है कि बदलाव के संकेतक बनो। जब यह सब कुछ अपने हाथ में है, उसको इस्तेमाल नहीं करना आपके खुद के साथ अन्याय होगा।

इससे जो बहुत बड़ी क्रांति देश में आई है। लंबे समय से बड़ी मांग उठ रही थी कि अंग्रेजों के कानून को हम कब तक ढोते रहेंगे, कब तक बर्दाश्त करते रहेंगे, उनका कानून उनको बचाने के लिए था। दंड विधान से न्याय विधान तक की यात्रा हमें औपनिवेशिक मानसिकता और औपनिवेशिक विरासत से मुक्त करने वाली एक महत्वपूर्ण यात्रा है। जुलाई से ये बदलाव तो लागू हो गए हैं। यह युवा वकीलों के लिए एक वरदान है। अब आप भी इस यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं।

यदि अगर आप ऐसा करेंगे और इसमें तकनीक का इस्तेमाल करेंगे तो आपको बहुत फायदा मिलेगा। जब ये तीन कानून पारित हुए तो मुझे काउंसिल ऑफ स्टेट्स, हाउस ऑफ एल्डर्स, उच्च सदन की अध्यक्षता करने का सौभाग्य मिला। 

एक बहुत ही सशक्त समिति ने प्रत्येक प्रावधान की जांच की, सूक्ष्म स्तर पर उसका विश्लेषण किया। मैं आपको यही कह सकता हूं कि मैं तो अंदाजा नहीं लगा सकता था।

*****//एमजी/आरपीएम/केसी/एनएस/डीके//(रिलीज़ आईडी: 2068667) 

Thursday, October 3, 2024

4 अक्टूबर 2024 को श्री माली के बारे में खास प्रेस कॉन्फ्रेंस

Thursday 3rd October 2024 at 15:44 Via WhatsApp

चंडीगढ़ सिविल सोसाइटी मालविंदर सिंह माली की अवैध गिरफ्तारी पर करेगी प्रेस कॉन्फ्रेंस

चंडीगढ़:3 अक्टूबर 2024: (मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

कल एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए तैयार हो जाइए! चंडीगढ़ सिविल सोसाइटी 4 अक्टूबर, 2024 को सुबह 11:30 बजे केंद्रीय श्री गुरु सिंह सभा, प्लॉट नंबर 1, सेक्टर 28-ए, चंडीगढ़ में एक प्रेस मीट आयोजित कर रही है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक और सामाजिक कार्यकर्ता मालविंदर सिंह माली की अवैध गिरफ्तारी पर विशेष चर्चा की जाएगी।

इस मीटिंग के लिए मुख्य एजेंडा आइटम इस प्रकार रहेंगी:

*मालविंदर सिंह माली की अवैध गिरफ्तारी: अन्यायपूर्ण हिरासत और इसके निहितार्थों पर चर्चा।

*उच्च न्यायालय की अधिसूचना का उल्लंघन: अधिसूचना संख्या 159 दिनांक 22/09/2023 की जांच और जो उल्लंघन हुए हैं।

*अगले कदम और भविष्य के कार्यक्रम: 

*आगे बढ़ने के लिए समाज की योजनाओं और रणनीतियों की रूपरेखा

आप आमंत्रित हैं!

मीडिया प्रतिनिधियों को इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया जाता है।

अधिक जानकारी के लिए, डॉ. प्यारा लाल गर्ग से 99145-05009 पर संपर्क करें।

महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों और चंडीगढ़ सिविल सोसाइटी के प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का यह अवसर न चूकें। श्री माली की इस तरह से गरिफ्तारी साधारण बात नहीं हैं। इसे समझना, गहराई में जाना और इसका तीव्र विरोध उन सभी लोगों को करना चाहिए लोकतंत्र, बेबाक व निष्पक्ष विश्लेषण और साथ ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को पसंद करते हैं। 

कल, 4 अक्टूबर, सुबह 11:30 बजे के लिए अपने कैलेंडर पर निशान लगा लें!