Showing posts with label Protest. Show all posts
Showing posts with label Protest. Show all posts

Tuesday, June 3, 2025

PRTC कर्मचारी नेताओं का पत्रकार सम्मेलन 4 जून को

PRTC लुधियाना डिपो पर विशाल गेट रैली भी होगी 

सभी प्रेस साथियों को सत श्री अकाल जी। 

सभी प्रेस वीरों से निवेदन है कि कल दिनांक 04/06/2025 को ड्यूटी के दौरान आ रही परेशानियों और मैनेजमेंट द्वारा कर्मचारियों के साथ किए जा रहे भेदभावपूर्ण व्यवहार को लेकर PRTC लुधियाना डिपो के गेट पर एक विशाल गेट रैली की जा रही है। अतः हमारी आवाज को आम जनता तक पहुंचाने के लिए आप सभी से निवेदन है कि कल सुबह 10 बजे PRTC लुधियाना डिपो के गेट पर अवश्य पहुंचे।

द्वारा - जगतार सिंह *9877567428

राज्य संयुक्त सचिव

पंजाब रोडवेज पान बस/PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन 25/11

Monday, November 2, 2020

DGP पंजाब ने दिया पत्रकारों को निष्पक्ष जांच से न्याय का भरोसा

पत्रकारों की प्रतिनिधिता की अमरिंदर सिंह और हरप्रीत जस्सोवाल ने 


चंडीगढ़
//खरड़//कुराली: 2 नवम्बर 2020:  (मीडिया स्क्रीन Online टीम )::

समाज के समुचित विकास और सुरक्षा के लिए पुलिस भी अग्रसर रहती है और पत्रकार भी अपनी डयूटी तनदेही से निभाते हैं। प्रेस और पुलिस का यह रिश्ता कई बार नाज़ुक पड़ावों  गुज़रता है लेकिन खट्टे मीठे अनुभवों  के बावजूद कभी भी टूटता नहीं। एक बार फिर इसे टूटने से बचाया है डीजीपी दिनकर गुप्ता ने। 

इस तरह के वरिष्ठ पुलिस अधिकारीयों और की सुखद बातों के बावजूद अलग अलग स्थानों से पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा कुछ  ज़्यादती की खबरें आम होने लगीं हैं। कहीं किसी पत्रकार से कैमरा छीन लिया  जाता है और कहीं पर मोबाईल।  इसी तरह की बहुत सी बातों  के दरम्यान उभर कर सामने आई शहीद भगत सिंह प्रेस एसोसिएशन। पंजाब का शायद ही कोई इलाका बचा हो जहां इस संगठन की पहुंच न हुई हो।  उम्र और अनुभव  में छोटे बड़े सभी पत्रकार इस संगठन में सक्रिय हैं। इस संगठन का कार्यमन्त्र है-पहले विनम्रता और प्रेम से अपनी समस्या हल करने और करवाने का प्रयास करो अगर इसे कमज़ोरी समझा जाए तो फिर लोकतान्त्रिक राह अपनाते हुए एकजुटता की शक्ति का प्रदर्शन करो तांकि विजय प्राप्त हो सके। 

इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ।  पुलिस के साथ किसी मुद्दे पर बहस हुई तो मामला टूल पकड़ गया। दोनों तरफ की ज़िद। पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ तो बात और बिगड़ गई। मामला पांच नवंबर को पुलिस अधिकारिओं के पुतले जलाने की घोषणा तक पहुँच गया। 

पंजाब के बहुत महत्वपूर्ण ज़िले फाजिल्का में भी पुलिस और प्रेस के दरम्यान टकराव जैसी स्थिति बन गई। संगठन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बात आर पार जैस जंग जैसी बन गई। 

भारत के और भी बहुत सारे राज्यों में पत्रकारों के साथ हो रही बे इंसाफी के खिलाफ आज शहीद भगत सिंह प्रेस एसोसिएशन का एक स्टेट लेवल का डेलिगेशन पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता से मिलने उनके चंडीगढ़ ऑफिस में गया जिसकी अगुवाई शहीद भगत सिंह प्रेस एसोसिएशन के राष्ट्रीय चेयरमैन अमरिंदर सिंह और राष्ट्रीय जनरल सेक्टरी हरप्रीत सिंह जस्सोवाल ने की ओर उनके साथ रितिष राजा सेक्टरी ट्राइसिटी, हरपाल सिंह भंगू-प्रधान जिला अमृतसर, हरमिंदर सिंह नागपालजनरल सेक्टरी ट्राइसिटी, धरमिंदर सिंगला एडवाइजर,  शमशेर सिंह बग्गा  प्रधान जिला रोपड़, मनीष शंकर प्रधान जिला मोहाली, कुलदीप कुमार वाइस प्रेसिडेंट ट्राइसिटी, विजय जिंदल जीरकपुर, रोहित कुमार सीनियर पत्रकार, अमित कुमार एडवाइजर ओर रवी शर्मा और जगदीश सिंह खालसा इत्यादिकई पत्रकार शामिल थे ।

हरप्रीत सिंह जस्सोवाल, रितिष राजा ओर कुलदीप कुमार ने कहा के देश भर के पत्रकारों के हक में स्टैंड लेने वाली एकमात्र पत्रकार संस्था शहीद भगत सिंह प्रेस एसोसिएशन जो कि हमेशा ही किसी भी पत्रकार के साथ हुई नाइंसाफी के खिलाफ पत्रकारों के साथ खड़ी होती है आज पंजाब के हर जिले समेत भारत के अलग-अलग राज्य में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, यूपी, महाराष्ट्र, चेन्नई, वेस्ट बंगाल में और ओर भी कई राज्यों में लोकप्रियता के साथ आगे बढ़ रही है।

आज फील्ड में काम करने वाले हजारों पत्रकार इस प्रेस एसोसिएशन के परिवार का मेंबर बन चुके हैं ।

 डीजीपी पंजाब से बातचीत के दौरान शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे चेयरमैन अमरिंदर सिंह, धरमिंदर सिंगला ओर हरपाल भंगू ने बताया कि पूरे भारत में पुलिस द्वारा पत्रकारों पर नाजायज झूठे पर्चे दर्द करके उन्हें परेशान किया जा रहा है और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को उनका कार्य करने से रोका जा रहा है जो कि भारत के संविधान के विरुद्ध है। इसी गलत सोच के चलते पंजाब के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों पर दर्ज किए जा रहे झूठे पर्चे दर्ज किए जा रहे है और यह सब राजनीतिक व अन्य दबाव के चलते हो रहा है। 

हरमिंदर सिंह नागपाल , शमशेर सिंह बग्गा ओर कुलदीप कुमार ने कहा कि पंजाब के महत्वपूर्ण ज़िले फाजिल्का में काम कर रहे दो पत्रकारों सुनील सैन और राजू आज़मवालिया पर जिला बार एसोसिएशन फाजिल्का के दबाव मे एक ही मामले मे दो मुकदमो को लेकर उच्च स्तरीय जांच करवाने और इसी मामले मे फाजिल्का सीआईए प्रभारी नवदीप भट्टी ने फोन कर बातचित के दोरान राष्ट्रिय प्रधान रंजीत सिंह मसौन से गाली गलौच कर उन्हे उकसाया और प्रधान मसोन पर गाली गलोच करने का फाजिल्का मे पर्चा दर्ज करने के मामले मे जांच करने व नवदीप भट्टी का डोप् टेस्ट करवाने की मांग करते हुए एक मांग पत्र भी सौंपा गया ।

जिस पर डीजीपी साहब ने मामले की गंभीरता को देखते हुए करवाने इस सारे मामले की निष्पक्ष जांच आई जी फरीदकोट को सोंपते हुए पत्रकारों को इंसाफ दिलवाने का आश्वासन देते हुए कहा की पत्रकारों और पुलिस के रिश्तों को किसी भी कीमत पर खराब नही होने दिया जाएगा ।

एसोसिएशन की ओर से डीजीपी पंजाब श्री दिनकर गुप्ता का मनीष शंकर, अमित कुमार, विजय जिंदल, रवी शर्मा, रोहित कुमार और जगदीश सिंह खालसा ने धन्यवाद किया। प्रेस को यह सारी जानकारी एसोसिएशन के प्रेस सेक्टरी अमरजीत रतन की तरफ से दी गई ।


Thursday, June 11, 2020

अमेरिका में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पत्रकारों पर बल प्रयोग की निन्दा


 मीडियाकर्मियों को अपना काम करने की पूरी आज़ादी हो 
10 जून 2020:मानवाधिकार
संयुक्त राष्ट्र और अमेरिकी राष्ट्रों के संगठन (OAS) द्वारा नियुक्त स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने नस्लभेद विरोधी आन्दोलनों की कवरेज कर रहे पत्रकारों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग की निन्दा की है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि लोकतान्त्रिक समाज में प्रैस की अहम भूमिका है और विरोध प्रदर्शनों के दौरान मीडिया को आज़ादी से काम करने की व्यवस्था का सुनिश्चित किया जाना चाहिए।  
पहरेदार की भूमिका
यूएन और अन्तर-अमेरिकी आयोग के विशेषज्ञों ने कहा कि लोकतान्त्रिक समाजों में प्रैस की एक बेहद आवश्यक पहरेदार (वॉचडॉग) के रूप में अहम भूमिका है। 

उनके मुताबिक अमेरिका में संघीय, प्रान्तीय और स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि मीडियाकर्मियों को अपना काम करने की पूरी आज़ादी हो और उन्हें पूर्ण सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।  

क़ानून एजेंसियों का यह दायित्व है कि पत्रकारों के ख़िलाफ़ ताक़त के इस्तेमाल या फिर ऐसी धमकियाँ दिए जाने से परहेज़ किया जाए और किसी अन्य पक्ष द्वारा की जा रही हिन्सा के दौरान पत्रकारों की रक्षा की जाए। 

“पत्रकारीय ज़िम्मेदारी को निभाने में जुटे मीडियकर्मियों को निशाना बनाए जाने पर अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानूनों के अन्तर्गत पाबन्दी है और यह पुलिस के लिए निर्धारित सर्वश्रेष्ठ मानकों के भी विपरीत है।”

बयान में आगाह किया गया है कि अगर इन नियमों की अवहेलना होती है तो फिर जवाबदेही तय करने के लिए अनुशासनात्मक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। 

विशेषज्ञों ने अफ़सोस ज़ाहिर किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति पिछले कई सालों से अपने बयानों में मीडिया को जनता का दुश्मन बताकर हमला करते रहे हैं जिससे टकराव और असहिष्णुता को बढ़ावा मिलता है। 

साथ ही अमेरिका में पुलिस का सैन्यीकरण हो रहा है जिससे ना सिर्फ़ जनता के शान्तिपूर्ण ढँग से एकत्र होने का अधिकार प्रभावित होता है बल्कि विरोध-प्रदर्शनों की कवरेज करने की मीडिया की आज़ादी पर भी असर होता है।  

इसी को ध्यान में रखकर विशेषज्ञों ने असैन्यीकरण को प्रोत्साहन देने और प्रदर्शनों से निपटने के लिए अन्तरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने की बात कही है। 

स्पेशल रैपोर्टेयर और वर्किंग ग्रुप संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की विशेष प्रक्रिया का हिस्सा हैं. ये विशेष प्रक्रिया संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार व्यवस्था में सबसे बड़ी स्वतंत्र संस्था है। ये दरअसल परिषद की स्वतंत्र जाँच निगरानी प्रणाली है जो किसी ख़ास देश में किसी विशेष स्थिति या दुनिया भर में कुछ प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करती है। 

स्पेशल रैपोर्टेयर स्वैच्छिक रूप से काम करते हैं; वो संयक्त राष्ट्र के कर्मचारी नहीं होते हैं और उन्हें उनके काम के लिए कोई वेतन नहीं मिलता है. ये रैपोर्टेयर किसी सरकार या संगठन से स्वतंत्र होते हैं और वो अपनी निजी हैसियत में काम करते हैं। 

अभिव्यक्ति की आज़ादी पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ (विशेष रैपोर्टेयर) डेविड काए और मानवाधिकारों पर अन्तर-अमेरिकी आयोग के विशेषज्ञ एडीसन लान्ज़ा ने बुधवार को एक साझा बयान जारी करके पत्रकारों पर हमले, उनके उत्पीड़न, उन्हें हिरासत में रखने और गिरफ़्तार किए जाने पर चिन्ता जताई है। 

ग़ौरतलब है कि अमेरिका के मिनियापॉलिस शहर में एक काले अफ़्रीकी व्यक्ति जियॉर्ज फ़्लॉयड की गर्दन पर एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने कई मिनटों तक घुटना टिकाए रखा था और समझा जाता है कि दम घुटने और हालत बिगड़ने पर बाद में पुलिस हिरासत में ही उनकी मौत हो गई। 

उनकी मौत के बाद बड़े पैमाने पर अमेरिका के कई शहरों और अन्य देशों में नस्लीय न्याय की माँग करते हुए प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे हैं। 

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने हाल ही में जानकारी देते बताया कि कम से कम 200 ऐसी घटनाएँ दर्ज की गई हैं जिनमें प्रदर्शनकारियों को कवर करने वाले पत्रकारों पर शारीरिक रूप से हमला किया गया, उन्हें डराया धमकाया गया या मनमाने तरीक़े से गिरफ़्तार किया गया, जबकि वो पत्रकार अपने प्रैस कार्ड पहने हुए थे। 

ताज़ा बयान में कहा गया है कि पत्रकारों के साथ ऐसा बर्ताव तब हुआ जब वे अमेरिका में ढाँचागत नस्लवाद और पुलिस क्रूरता के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों को कवर करने की अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहे थे। 

उन्होंने ध्यान दिलाया है कि विरोध-प्रदर्शनों की कवरेज कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना क़ानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों का कर्तव्य है। 

साथ ही यह ज़रूरी है कि जनता तक ऐसे प्रदर्शनों से सम्बन्धित जानकारी पहुँच सके, यह उनका अधिकार है। 

Tuesday, October 17, 2017

सेंट्रल बैंक के कर्मचारियों का रोष प्रदर्शन 17 को लुधियाना में

हो सकता है हड़ताल का भी ऐलान 
लुधियाना: 16 अक्टूबर 2017: (मीडिया स्क्रीन ब्यूरो)::
दूर से देखें तो यही लगता है कि बैंकों के कर्मचारी अपनी नौकरी में ऐश करते हैं। अगर आप इस ऐश की वास्तविकता देखना चाहते हैं तो कभी वक़्त निकाल बैंक कर्मचारियों का कामकाज ज़रा नज़दीक से देखिएगा। कब किसको शाम के सात बजते हैं और कब कोई लंच भी नहीं  कर पाता इसका पता नज़दीक होने पर ही चलता है। बहुत से मुलाज़िम इस नौकरी के लिए अक्सर दुसरे स्टेशनों से आते हैं तेज़ गाड़ियों पर भी करीब ढाई तीन घंटों का सफर तय करके। उनकी मांगें एक अर्से से लटक रही हैं।  निजीकरण की तरफ धकेले जा रहे सिस्टम में उनकी आवाज़ भी नहीं सुनी जा रही। करीब 200 बैंक कर्मचारी मौत का शिकार हो चुके हैं। उनके परिवारों में से अभी तक किसी को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी नहीं मिली। इस तरह की कई मांगें करीब दो वर्षों से भी अधिक समय से लटक रही हैं। इन सभी मांगों को लेकर सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के कर्मचारी 17 अक्टूबर 2017 मंगलवार को सांय 5:30 बजे एक रोष प्रदर्शन करेंगे।  यह प्रदर्शन पार्क प्लाजा के साथ ही स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के सामने होगा। इस संबंध में कोई और जानकारी आवश्यक हो तो श्री एम. एस. भाटिया से ली जा सकती है जो कि सेंट्रल बैंक आफ इंडिया इम्प्लाईज़ यूनियन के रीजनल सचिव हैं।  
उनका मोबाईल नंबर है: 9988491002