Sunday, October 27, 2024

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में आकाशवाणी पुस्तकालय

प्रविष्टि तिथि: 27 OCT 2024 1:32 PM by PIB Delhi

उदघाटन में उपराष्ट्रपति के संबोधन का लिखित रुप (अंश)


जयपुर//नई दिल्ली: 27 अक्टूबर 2024: (पीआईबी//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

राजस्थान हाई कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एमएम श्रीवास्तव एक बेहद विलक्षण व्यक्तित्व हैं। क्या शुरुआत की है आपने, दिवाली का तोहफा अपने तरीके से दे दिया। महोदय, इस बार के सदस्य के रूप में, मैं आभारी हूं।

माननीय जस्टिस इंदरजीत सिंह का काम करने का अपना तौर-तरीका है। मुझे अदालत में उनके समक्ष मिलने का अवसर नहीं मिला, लेकिन अदालत के बाहर, वह एक सज्जन व्यक्ति हैं।

एडवोकेट पवन शर्मा और एडवोकेट राज कुमार शर्मा, वह क्या कहते हैं जय और वीरू, इनको सब नुस्खे पता है। आज के दिन मेरा आना बहुत मुश्किल था| मैं कर्नाटक में था दो दिन, IIT जोधपुर का कार्यक्रम था, गुवाहाटी में मेरा कार्यक्रम है, पर यह ऐसे व्यक्ति को लेकर आ गए। रमेश शर्मा जी का निर्णय पहले कर लिया था, मुझे तो मोहर ही लगानी पड़ी। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एडवोकेट भुवनेश शर्मा, मुझे बार काउंसिल ऑफ राजस्थान का सदस्य बनने का अवसर मिला है। एक नियम के कारण मैं अध्यक्ष नहीं बन सका और मैं बार काउंसिल ऑफ इंडिया का प्रतिनिधि नहीं बन सका। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट प्रहलाद शर्मा जी, अगर वे मौजूद नहीं है तो उनकी अनुपस्थिति में मैं उनका अभिनंदन करता हूं।

मेरे समय में मेट्रो-1, मेट्रो-2 जयपुर ज़िले में नहीं थे। मैं पुराने समय का व्यक्ति हूं, लेकिन ज़िला न्यायाधीशों, इस मौके पर मौजूद न्यायपालिका के सदस्यों से मैं कहना चाहता हूं कि मैं इस वक्त बेहद प्रभावित हूं।

जब मैं देश का उपराष्ट्रपति बना, तो पहले ही हफ्ते में मुझे सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने आमंत्रित किया था। मैं काफी समय से उस बार का सदस्य रहा हूं। बल्कि वरिष्ठ अधिवक्ता नामित होने से कुछ समय पहले ही मैं उस बार का सदस्य बन गया। तो उस बार से मेरा संबंध लगभग तीन दशक या उससे अधिक का था। पर मैं तो आपका हूं और कहते हैं ना नाखून उंगलियों से अलग नहीं हो सकता।

मुझे इस बार ने बनाया है। मेरा परम सौभाग्य था कि मैंने ऐसे अधिवक्ता के कार्यालय को अपनी कर्मभूमि बनाया। स्वर्गीय एन एल टिबरेवाल, जिनके बहुत ऊंचे नैतिक मानक थे। मैं कहूंगा कि यह अब तक का सबसे ऊंचा स्थान है। जब ईमानदारी की बात आती है तो बिल्कुल भी समझौता नहीं करना चाहिए। उनके दफ्तर से कोई खाली हाथ नहीं गया। जिस दिन बहस करते थे, मौके पर फीस की बात नहीं करते थे। बहस के बाद ही करते थे, यह उनका सिद्धांत था। उन्होंने पेशे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को अपने बैंक बैलेंस से अधिक महत्व दिया और भगवान उनके प्रति बहुत दयालु थे। वह लंबे समय तक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नहीं रहे, शायद एक दशक तक रहे, लेकिन वह कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने, लगभग एक वर्ष तक कार्यवाहक राज्यपाल रहे। ऊपर वाला न्याय में कभी कमी नहीं रखता है।

जो काम आज हुआ है, वह दोतरफा हैं, कुछ उनमें विरोधाभास है। मैंने आज से दो दशक पहले दिल्ली से दो ट्रक रवाना किए, वह मेरी लाइब्रेरी थी। साल 1940 में , अगर मैं गलत नहीं हूं तो, ऑल इंडिया रिपोर्टर सुधांशु जी मेरे पास थे। शुरू से क्रिमिनल लॉ जनरल थी, सुप्रीम कोर्ट के मामले थे 1669 से, लेबर लॉ जनरल थे बहुत सारे।

उसके बाद मैं डिजिटलीकरण पर फोकस किया। मैंने अपने दफ्तर में मैंने कोई किताब नहीं रखी। हांलाकि तब टेक्नोलॉजी ज्यादा नहीं थी। आज के दिन टेक्नोलॉजी का आलम यह है, अगर हम कहें कि भारत एक-छठी जनसंख्या का घर हैं, वैश्विक डिजिटल लेनदेन का 5- प्रतिशत से ज्यादा लेनदेन हमारे देश में होता है। यदि आप इंटरनेट कंजंप्शन की बात करेंगे, तो एक भारतीय के लिए इंटरनेट कज़म्पशन की प्रति व्यक्ति डेटा खपत, चीन और अमेरिका दोनों को मिला दिया जाए, उसकी तुलना में भी अधिक है। हमारे यहां डिजिटल ट्रांजेक्शन तेज़ी से हो रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी सभी के डिजिटल लेनदेन मिला दिए जाएं, फिर भी हमारे उनसे चार गुना है। ऐसे भारत में इसकी शुरुआत का बहुत बड़ा मतलब है। मैं बार के नेतृत्व और बार के सदस्यों को भी बधाई देता हूं।

प्रौद्योगिकी को अपनाना अब विलासिता नहीं है, यह अब ज़रुरत नहीं, यह एकमात्र रास्ता है। आज के वक्त में नौजवान पीढ़ी इसका प्रयोग ज्यादा करती हैं। मेरी उम्र के लोग कम करेंगे। वे इस बात की सराहना करेंगे कि प्रौद्योगिकी का दायरा बढ़ गया है। एक नया इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन आ गया है। हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन में बहुत बड़े बदलाव के मुहाने पर हैं। पहले अंग्रेजी के शब्द हुआ करते थे। हकीकत में जो उनका डाइमेंशन है बहुत दूर तक ले जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आपकी बहुत मदद कर सकती है। बार के सदस्यों से मेरा अनुरोध है कि कार्य सत्र कराने चाहिए। ऐसे तकनीकी सत्र कराइए, जहां आपको इसके बारे में पता चले। जो समय आप इसमें लगाएंगे, आपको अंदाजा नहीं है कि आप आगे कितना समय बचा पाएंगे। आपकी गुणवत्ता बढ़ेगी और आपकी काबिलियत इसी चीज में है कि बदलाव के संकेतक बनो। जब यह सब कुछ अपने हाथ में है, उसको इस्तेमाल नहीं करना आपके खुद के साथ अन्याय होगा।

इससे जो बहुत बड़ी क्रांति देश में आई है। लंबे समय से बड़ी मांग उठ रही थी कि अंग्रेजों के कानून को हम कब तक ढोते रहेंगे, कब तक बर्दाश्त करते रहेंगे, उनका कानून उनको बचाने के लिए था। दंड विधान से न्याय विधान तक की यात्रा हमें औपनिवेशिक मानसिकता और औपनिवेशिक विरासत से मुक्त करने वाली एक महत्वपूर्ण यात्रा है। जुलाई से ये बदलाव तो लागू हो गए हैं। यह युवा वकीलों के लिए एक वरदान है। अब आप भी इस यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं।

यदि अगर आप ऐसा करेंगे और इसमें तकनीक का इस्तेमाल करेंगे तो आपको बहुत फायदा मिलेगा। जब ये तीन कानून पारित हुए तो मुझे काउंसिल ऑफ स्टेट्स, हाउस ऑफ एल्डर्स, उच्च सदन की अध्यक्षता करने का सौभाग्य मिला। 

एक बहुत ही सशक्त समिति ने प्रत्येक प्रावधान की जांच की, सूक्ष्म स्तर पर उसका विश्लेषण किया। मैं आपको यही कह सकता हूं कि मैं तो अंदाजा नहीं लगा सकता था।

*****//एमजी/आरपीएम/केसी/एनएस/डीके//(रिलीज़ आईडी: 2068667) 

Thursday, October 3, 2024

4 अक्टूबर 2024 को श्री माली के बारे में खास प्रेस कॉन्फ्रेंस

Thursday 3rd October 2024 at 15:44 Via WhatsApp

चंडीगढ़ सिविल सोसाइटी मालविंदर सिंह माली की अवैध गिरफ्तारी पर करेगी प्रेस कॉन्फ्रेंस

चंडीगढ़:3 अक्टूबर 2024: (मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

कल एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए तैयार हो जाइए! चंडीगढ़ सिविल सोसाइटी 4 अक्टूबर, 2024 को सुबह 11:30 बजे केंद्रीय श्री गुरु सिंह सभा, प्लॉट नंबर 1, सेक्टर 28-ए, चंडीगढ़ में एक प्रेस मीट आयोजित कर रही है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक और सामाजिक कार्यकर्ता मालविंदर सिंह माली की अवैध गिरफ्तारी पर विशेष चर्चा की जाएगी।

इस मीटिंग के लिए मुख्य एजेंडा आइटम इस प्रकार रहेंगी:

*मालविंदर सिंह माली की अवैध गिरफ्तारी: अन्यायपूर्ण हिरासत और इसके निहितार्थों पर चर्चा।

*उच्च न्यायालय की अधिसूचना का उल्लंघन: अधिसूचना संख्या 159 दिनांक 22/09/2023 की जांच और जो उल्लंघन हुए हैं।

*अगले कदम और भविष्य के कार्यक्रम: 

*आगे बढ़ने के लिए समाज की योजनाओं और रणनीतियों की रूपरेखा

आप आमंत्रित हैं!

मीडिया प्रतिनिधियों को इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया जाता है।

अधिक जानकारी के लिए, डॉ. प्यारा लाल गर्ग से 99145-05009 पर संपर्क करें।

महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों और चंडीगढ़ सिविल सोसाइटी के प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का यह अवसर न चूकें। श्री माली की इस तरह से गरिफ्तारी साधारण बात नहीं हैं। इसे समझना, गहराई में जाना और इसका तीव्र विरोध उन सभी लोगों को करना चाहिए लोकतंत्र, बेबाक व निष्पक्ष विश्लेषण और साथ ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को पसंद करते हैं। 

कल, 4 अक्टूबर, सुबह 11:30 बजे के लिए अपने कैलेंडर पर निशान लगा लें!

Wednesday, September 18, 2024

मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र महत्वपूर्ण वृद्धि के लिए तैयार

सूचना और प्रसारण मंत्रालय//Posted On: 18 SEP 2024 3:27 PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) की स्थापना को मिली मंजूरी 

*कैबिनेट ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एंड एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर) के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की स्थापना को मंजूरी दी

*आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए सरकार का क्रिएटर्स इकोनॉमी को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास

*एनसीओई भारत को अत्याधुनिक कॉन्टेंट प्रदान करने के कॉन्टेंट हब के रूप में स्थापित करके भारत की सॉफ्ट पावर को वैश्विक स्तर पर बढ़ाएगा और विदेशी निवेश आकर्षित करेगा  


नई दिल्ली: 18 सितंबर 2024:(पीआईबी//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कंपनी अधिनियम, 2013 के अधीन  धारा 8 कंपनी के रूप में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एंड एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर) के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है, जिसमें फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और भारतीय उद्योग परिसंघ भारत सरकार के साथ भागीदार के रूप में उद्योग निकायों का प्रतिनिधित्व करेंगे। एनसीओई की स्थापना मुंबई, महाराष्ट्र में की जाएगी और यह देश में एक एवीजीसी कार्य बल की स्थापना के लिए केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री की वर्ष 2022-23 की बजट घोषणा के अनुसरण में है।

एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र आज मीडिया और मनोरंजन के पूरे क्षेत्र में अपरिहार्य भूमिका निभाता है, जिसमें फिल्म निर्माण, ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म, गेमिंग, विज्ञापन तथा  स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सामाजिक क्षेत्रों सहित कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं, इस प्रकार देश की विकास गाथा की समग्र संरचना को समेटे हुए है। तेजी से विकसित हो रही तकनीक और पूरे देश में इंटरनेट की बढ़ती पहुंच के साथ-साथ सबसे सस्ती डेटा दरों सहित, वैश्विक स्तर पर एवीजीसी-एक्सआर का उपयोग तेजी से बढ़ने को तैयार है।

एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना

इस तेज़ गति को बनाए रखने के लिए, देश में एवीजीसी-एक्सआर इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के शीर्ष संस्थान के रूप में कार्य करने के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की जा रही है। एनसीओई शौकिया और पेशेवर दोनों को अत्याधुनिक एवीजीसी-एक्सआर तकनीकों के नवीनतम कौशलों से लैस करने के लिए विशेष प्रशिक्षण-सह-शिक्षण कार्यक्रम प्रदान करने के साथ-साथ,अनुसंधान एवं विकास को भी बढ़ावा देगा और कंप्यूटर विज्ञान, इंजीनियरिंग, डिजाइन और कला जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा जो एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में बड़ी सफलताओं का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। यह राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र घरेलू उपयोग और वैश्विक आउटरीच दोनों के लिए भारत के आईपी के निर्माण पर भी व्यापक रूप से ध्यान केंद्रित करेगा, जिससे कुल मिलाकर भारत की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कॉन्टेंट का सृजन होगा। इसके अलावा, एनसीओई, एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में स्टार्टअप और शुरुआती अवस्था वाली  कंपनियों को प्रोत्साहन देने के लिए उन्हें संसाधन प्रदान करते हुए एक इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में कार्य करेगा। साथ ही, एनसीओई केवल एक अकादमिक उत्प्रेरक के रूप में ही नहीं, बल्कि उत्पादन/उद्योग उत्प्रेरक के रूप में भी काम करेगा।

एनसीओई को एवीजीसी-एक्सआर उद्योग के विकास के लिए प्रेरक शक्ति के रूप में स्थापित किए जाने से यह देश के सभी हिस्सों के युवाओं के लिए रोजगार के सबसे बड़े स्रोतों में से एक के रूप में काम करेगा। इससे रचनात्मक कला और डिजाइन क्षेत्र को बहुत बढ़ावा मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत पहल के लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हुए भारत को एवीजीसी-एक्सआर गतिविधियों का केंद्र बनाया जा सकेगा।

एवीजीसी-एक्सआर के लिए एनसीओई भारत को अत्याधुनिक कॉन्टेंट उपलब्ध कराने वाले कॉन्टेंट हब के रूप में स्थापित करेगा, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ेगी और मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र के प्रति विदेशी निवेश आकर्षित होगा।

***//एमजी /एआर/ आरके/ डीके//(Release ID: 2056033)

Sunday, August 18, 2024

विश्व फोटोग्राफी दिवस को समर्पित विशेष इवेंट

Sunday 18th August 2024 at 3:55 PM

फोटोग्राफरों ने लगाया रक्तदान एवं मैडिकल चैकअप कैंप 

चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन, मानव कल्याण परिसर , इवोक बिल्डर एवं कुमार ब्रदर्स और यूनिमार्क फार्मा इंडिया लिमिटेड ने संयुक्त रूप से सेक्टर-22 स्थित कम्युनिटी सेंटर में कराया कार्यक्रम 


मोहाली
:18 अगस्त 2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन)::

फोटोग्राफी का इतिहास यूं तो बहुत पुराना है लेकिन मीडिया के साथ फोटोग्राफी के संबंधों का इतिहास भी अब नया नहीं रहा। आज का मीडिया फोटो या वीडियो के बिना अधूरा है। मीडिया के साथ कैमरे की इस डयुटी के दौरान पत्रकारों के सामने बहुत बार खतरे भी आए लेकिन पत्रकारों ने जान पर खेल कर भी इन चुनौतियों को स्वीकार किया। कैमरे से जुडी ज़िन्दगी के इस दौर को याद करते हुए फोटो-पत्रकारों ने मेडिकल चैकअप कैंप भी लगाया और खूनदान भी किया। यहां एक बार फिर से बताना ज़रूरी  है कि यह सब विश्व फोटोग्राफी दिवस के संबंध में किया गया। 

चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन, मानव कल्याण परिसर, इवोक बिल्डर एवं कुमार ब्रदर्स और यूनिमार्क फार्मा इंडिया लिमिटेड ने संयुक्त रूप से विश्व फोटोग्राफी दिवस को समर्पित चंडीगढ़ के सेक्टर - 22 स्थित कम्युनिटी सेंटर में रक्तदान और चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया। इस मौके पर वार्ड नंबर 22 की पार्षद अंजू कत्याल और वार्ड नंबर 17 के पार्षद दमनप्रीत सिंह विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए। शिविर में एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरचरण सिंह व सभी सदस्यों ने रक्तदान किया तथा लोगों से इस कार्य के लिए आगे आने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उपस्थित सभी फोटोग्राफरों ने विश्व फोटोग्राफी दिवस के बारे में अपने विचार रखते हुए अपने अनुभव साझा किये। शिविर में पहुंचे अतिथियों द्वारा सभी रक्तदाताओं की सराहना की गई तथा अन्य लोगों को भी समाज सेवा में अपना योगदान देने के लिए कहा गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरचरण सिंह और चेयरमैन नरेश शर्मा ने सभी रक्तदाताओं को सम्मानित किया और गणमान्य व्यक्तियों को यादगारी चिन्ह प्रदान किए। इस अवसर पर मेडिसिन, हड्डी रोग, त्वचा, ईएनटी, होम्योपैथी, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, गायनाकोलोजी और फिजियोथेरेपी के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा लोगों की जांच की गई और आवश्यकतानुसार मुफ्त दवाएं दी गईं। इस मौके पर चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन और मानव कल्याण परिसर के सभी सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों से जुड़े फोटोग्राफर्स भी शामिल हुए।

गौरतलब है कि विश्व फोटोग्राफी दिवस हर साल 19 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य फोटोग्राफी के कला और विज्ञान को सम्मानित करना और फोटोग्राफर्स के योगदान को सराहना है। इस दिन को मनाने की शुरुआत 1839 में फ्रांस द्वारा किए गए एक महत्वपूर्ण ऐलान से हुई थी, जब उन्होंने डैग्युरोटाइप प्रक्रिया को दुनिया के साथ साझा किया, जो फोटोग्राफी का पहला व्यावहारिक तरीका था।

फोटोग्राफी न केवल एक कला का माध्यम है, बल्कि यह ऐतिहासिक और व्यक्तिगत क्षणों को संजोने का भी एक तरीका है। आज के समय में, डिजिटल फोटोग्राफी के विकास ने इसे और अधिक सुलभ बना दिया है, जिससे यह अधिक लोकप्रिय हो गया है।

Wednesday, June 26, 2024

‘‘यदि आप गरीब हो तो मौत आपको जल्दी आलिंगन करती है’’

 26th June 2024 at 12:01 PM

जानेमाने लेखक और पत्रकार एल.एस. हरदेनिया बता रहे हैं विस्तार से 

"यदि आप गरीब हो तो मौत आपको जल्दी आलिंगन करती है’’ यह शीर्षक है इण्डियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट का। इस रिपोर्ट में यह बताया गया है कि देश की राजधानी दिल्ली में रोगियों की क्या स्थिति है। खासकर उन रोगियों की जो कैंसर से पीड़ित हैं। इस लंबी रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे दिल्ली में देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में देश के विभिन्न भागों से खासकर बिहार, उत्तरप्रदेश और झारखंड से लोग आते हैं। इण्डियन एक्सप्रेस के संवाददाता ने इस तरह के अनेक रोगियों और उनके साथ आए उनके रिश्तेदारों से बातचीत की।

संकेतक तस्वीर प्लेग्राउंड की इमेज कला से साभार 
वे दिल्ली में कैंसर के रोगी होने के बाद भी कैसे फुटपाथ पर अपने इलाज का इंतज़ार करते रहते हैं। इस तरह के रोगी बताते हैं कि जब गर्मी की दोपहरी में वे इन फुटपाथों पर बैठे रहते हैं तो ऐसा लगता है कि वे गरम पानी के ऊपर बैठे हुए हैं। फुटपाथ इतने गरम होते हैं कि उसकी गर्मी सहना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसी तरह ठंड की रात और भारी बरसात के बीच में इन लोगों को अपनी जिंदगी बितानी पड़ती है। वे सब इतने गरीब होते हैं कि उनके लिए दिल्ली में कोई जगह किराये पर लेकर रह सकना मुश्किल होता है।

संकेतक तस्वीर प्लेग्राउंड की इमेज कला से 

संवाददाता लिखते हैं कि यह दृश्य सिर्फ अकेली दिल्ली का नहीं है देश के अनेक बड़े शहरों में भी इसी तरह की स्थिति है। संवाददाता चंद्रभान नाम के व्यक्ति से मिलते हैं। वे उत्तरप्रदेश से आए हुए हैं। उनके साथ 35 वर्ष के वीरपाल सिंह भी हैं, वे भी वहीं से आए हुए हैं। उनके साथ तीन बड़े झोले हैं जिनमें कपड़े रखे हुए हैं और कुछ सामान भी है। उनके पास कार्डबोर्ड की बनी कुछ चटाईयाँ भी हैं। वे बताते हैं कि यह मेरी पत्नि है प्रेमवती, ये मेरे दोस्त की पत्नि है अशोका देवी। वो चुपचाप बैठी हुई हैं। भारी गर्मी से थकी हुई उनके मुंह से आवाज़ भी नहीं निकल रही है, ये दोनों कैंसर से पीड़ित हैं। इलाज के लिए दिल्ली आती हैं। एक बार आने के बाद फिर 6 महीने के अंतराल के बाद आने को कहा जाता है। रेगुलर इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। इस दरम्यान कैंसर शरीर के बाकी हिस्सों में फैल जाता है। एम्स के बड़े अधिकारी डॉ. मदन कहते हैं कि उनके अस्पताल में कम से कम 20 हजार रोगी रोज़ आते हैं। इनमें बहुसंख्यक कैंसर पीड़ित होते हैं। अस्पताल में सिर्फ लगभग 3500 बिस्तर हैं। कभी-कभी तो एक रोगी को 3 साल के बाद आने का समय दिया जाता है।

एक और रोगी कहते हैं कि
भारत में गरीब होना सबसे बुरी सज़ा है। गरीब को तो कोई रोग लगना ही नहीं चाहिए। क्योंकि एक बार वह किसी रोग और खासकर कैंसर से पीड़ित हो जाता है तो उसकी एक ही प्रार्थना रहती है कि है ईश्वर मुझे उठाले। एक और कैंसर के रोगी बताते हैं कि हम 7 दिन में एक बार नहा पाते हैं और उसके लिए और अपने कपड़े धोने के लिए हमें कीमत चुकानी पड़ती है। कभी-कभी यह कीमत 50 रूपए होती है। जिस दिन हम नहाते हैं और नहाने के लिए 50 रूपए दे देते हैं उस दिन हम भोजन नहीं करते क्योंकि खाने के लिए हमारे पास पैसे नहीं बचते। पीने का पानी भी हम लोगों को टैंकर से दिया जाता है, जो कि पूरा अशुद्ध होता है। ऐसा पानी कम से कम कैंसर के रोगी को नहीं देना चाहिए। फिर ये टैंकर भी कभी-कभी नहीं आता है तो हम बड़ी मुश्किल से आसपास के घरों से पानी उपलब्ध कर पाते हैं। हमारी एक और मुश्किल है कि हम किसी काम से थोड़े समय के लिए फुटपाथ की वह जगह छोड़ कर जाते हैं जहां हम रहते हैं तो लौटकर पाते हैं कि उस हिस्से पर किसी और ने कब्जा कर लिया है। ऐसी हालत में हमें रात बैठे-बैठे गुजारनी पड़ती है। आप कल्पना कर सकते हैं कि कैसे कैंसर का पेशेंट पूरी रात बैठे-बैठे गुजारता है। हम पर कभी चोर लुटेरे भी हमला करते हैं। एक महिला बताती है कि एक चोर मेरे पति का मोबाइल चुरा कर ले गया। जब हमने पुलिस वालों से इसकी शिकायत की तो पुलिस का कहना था कि तुम फुटपाथ पर सोते ही क्यों हो।

एल एस हरदेनिया 
अंजना देवी इस रिपोर्टर को बताती हैं कि मैं 2 महीनों से इंतजार कर रही हूँ कि अस्पताल में मेरा नंबर लगेगा। रोज जाती हूँ पर खाली हाथ वापिस आती हूँ। अंततः मेरा ऑपरेशन हो पाया है। मैं थायराईड कैंसर से पीड़ित हूँ। परंतु दवाईयों के अभाव में रोग से निवारण भी नहीं पा रहे हैं। हमें बताया गया कि एम्स अस्पताल के पास 3 धर्मशालाएँ हैं परंतु वे हमेशा भरी रहती हैं। तीनों धर्मशालाओं के साथ कुछ गेस्टहाउस भी हैं। इनका किराया 20 रूपए से लेकर 300 रूपए तक है। जब हमारे लिए खाना भी दूभर है और दवाईयां तो दूभर हैं ही। रिपोर्टर की मुलाकात एक माँ से होती है जिसका 12 साल का बच्चा है। उसे इतनी जोर से बुखार आता है कि उसके पूरे शरीर में बार-बार गीला कपड़े लगाना पड़ता है। कपड़े को भिगोने के लिए पानी की उपलब्धता भी बड़ी मुश्किल से हो पाती है। रिपोर्टर की मुलाकात रामविलास राम नामक व्यक्ति से होती है। वे बताते हैं कि उनके बच्चे को ट्यूमर निकल गया है। हमने पहले उसका पटना में इलाज करवाया। वहां उसका ऑपरेशन भी हो गया परंतु दो महीनों के बाद वह फिर उसी रोग से पीड़ित हो गया है। फिर हम उसे लेकर दिल्ली आए हैं। 

इन रोगियों में कई ऐसे भी हैं जो रात में दिल्ली के मेट्रो की सीढ़ियों पर रात गुजारते हैं क्योंकि रात में ये सीढ़ियाँ ठंडी रहती हैं और रात में मेट्रो भी नहीं चलती हैं। हमें अपने राज्यों में, शहरों में, गाँवों में इलाज उपलब्ध नहीं रहता है इसलिए हमें दिल्ली आना पड़ता है और अपने मरीजों के साथ हम लगभग भिखारी से भी बदतर जीवन बिताते हैं।

----एल.एस. हरदेनिया मो. 9425301582

Thursday, March 14, 2024

प्रताप कालेज लुधियाना की तरफ से मीडिया निमंत्रण

Thursday 14th March 2024 at 10:29 AM

16 मार्च को हो रहा है कालेज में विशेष राष्ट्रीय सेमिनार 

लुधियाना: 14 मार्च 2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//मीडिया स्क्रीन Online डेस्क)::

प्रताप कॉलेज ऑफ एजुकेशन, लुधियाना की तरफ से 16 मार्च 2024 को डिजिटल सोसाइटी में शिक्षक शिक्षा की क्षमता को अनलॉक करने पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करने जा रहा है। यह आयोजन आईपीडीए इंडिया और आईक्यूएसी, प्रताप कॉलेज ऑफ एजुकेशन, लुधियाना द्वारा कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल (सीडीसी), पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है रहा है। 

इस ख़ास आयोजन के उद्घाटन का कार्यक्रम सुबह 10 बजे कॉलेज सभागार में होगा। डॉ. दिलप्रीत सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक, सीएसआईआर-सेंट्रल मैकेनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, लुधियाना इस सेमिनार के मुख्य वक्ता होंगे।

मीडिया क्षेत्र की कवरेज वाले करने वाले सभी पत्रकारों को सेमिनार में सादर आमंत्रित  किया गया है। इस मौके पर इस राष्ट्रीय सेमिनार की कवरेज के इच्छुक सभी पत्रकार अपने फोटोग्राफरों और संवाददाताओं को समय रहते नियुक्त कर लें। 

Tuesday, February 27, 2024

निमंत्रण पत्र 28 फरवरी को किसान भवन में पत्रकार सम्मेलन

Tuesday 27 February 2024 at 5:00 PM

 पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष हरचंद सिंह बरसट करेंगे मीडिया से बात 

 साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर): 28 फरवरी 2024: (मीडिया लिंक//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष हरचंद सिंह बरसट द्वारा 28 फरवरी 2024 को दोपहर 12:30 बजे किसान भवन, सेक्टर 35, चंडीगढ़ में महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है। आज के हालात में इस पत्रकार सम्मेलन में बहुत सी अर्थपूर्ण और महत्व की बातें और उनकी चर्चा सम्भव है। समय पर पहुंचना फायदेमंद ही रहेगा। 

कृपया इसे कवर करने और दोपहर के भोजन में शामिल होने के लिए अपने समाचार पत्र/समाचार चैनल के पत्रकार और कैमरामैन को भेजने का कष्ट करें। 

गौरतलब है की श्री बरसट को फरवरी 2023 में एक वर्ष पूर्व पंजाब मंडी बोर्ड का  अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। पदभार संभालने के बाद उन्होंने जहां मंडी बोर्ड के कार्य तूफानी  शुरू किए वहीं आमआदमी पार्टी की पंजाब में और मज़बूती के लिए भी सक्रिय हो कर बहुत से कार्य किए। उन्हें पंजाब में "आप" के स्तंभों में से एक माना जाता है। 

इस आयोजन के लिए अधिकृत इसी विभाग से आया है और सबंधित अधिकारी हैं:

निवेदन-अधीक्षक (प्रचार), 

पंजाब मंडी बोर्ड,

साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर 

Tuesday, January 30, 2024

सुनो!! वो जीत गए.. मगर मैं नही हारा !

आखिर हारकर....मेरी समाधि पर सर झुकाए खड़े हो जाते हो


जन मीडिया की दुनिया से: 30 जनवरी 2024: (मीडिया लिंक रविंद्र//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन)::

यह सच है कि शरीर तो नश्वर ही होता है इसकी हत्या की जा सकती है, किन अमरता इससे भी बढ़ा सच है। हत्या कर के भी कुछ लोगों को कभी मिटाया नहीं जा सका। आज जब असहनशीलता फिर ज़ोरों पर है। आज फिर अमरता की चर्चा आवश्यक लग रही है।  उनकी अमरता जिन शख्सियतों की जान ले कर भी उन्हें मारा नहीं जा सका। ऐसी ही अनुभूति की अभिव्यक्ति इस पोस्ट में भी है। इसमें काव्य का रंग भी है, फलसफे का रंग भी और  का ज़मीन के पाताल जैसी गहराई का भी और आसमानों की ऊंचाई का भी। मनीष सिंह उनका लोकप्रिय नाम है लेकिन आजकल वह स्वयं को रिबोर्न मनीष भी कहते हैं। वैसे थोडा समझने की बात है--ज्ञान और अनुभव के बाद एक तरह से पुनर्जन्म ही तो होते है। इंसान पहले कहां रह जाता है! मनीष लम्बे समय से बहुत कुछ ऐसा लिख रहे हैं जो आपको ऐसा ज्ञान देता है जिसे सहेजना और याद रखना फायदे में ही होगा। गांधी जी की पुण्य तिथि आज ही थी 30 जनवरी का दिन बहुत कुछ याद दिलाता है। आज़ादी के कुछ ही महीनों बाद चढ़े पहले साल 1948 की 30 जनवरी। उस दुःखद दिन पर इस विशेष पोस्ट का खास महत्व है:-रेक्टर कथूरिया 

सुनो!! कान खोलकर...॥

मोहन पैदा हुआ था, मोहन ही मरा हूँ। 

महात्मा तुम्हारे बापों और दादो ने जबरन बना दिया। मुझे ना महात्मा बनना था, न राष्ट्रपिता

न राष्ट्रपति, न प्रधानमंत्री ..। 

लेखक-मनीष सिंह 

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हां, तुम्हारे बड़े बूढों ने जो प्यार दिया था। जब वो "बापू" कहते तो बड़ा भला लगता। 

लगता.. सब मेरे बच्चे हैं, मेरी जिम्मेदारी हैं। जब सारा देश ही बापू कहने लगा, तो किसी ने उत्साह में राष्ट्रपिता कह डाला। मगर मैं तो मोहन था, मोहन ही रहा। 

सुनो!! तुम्हारे बड़े बूढ़े मुझे नेता कहते थे। मगर मैने कोई चुनाव नही लड़ा, चुनावी तकरीर नही की। 

कोई वादा नही किया, कोई सब्सिडी नही बांटी। मैं तो घूमता था, दोनो हाथ पसारे..  मांगता था बस प्रेम, शांति और एकता। 

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बहुतों ने दिया, तो कुछ ने इन बढ़े हुए हाथों को झटक भी दिया। उन्हें इस फकीर से डर लगता था। प्रेम से डर लगता था, शांति से डर लगता था.. एकता से डर लगता था।

उन्होंने लोगो को समझाया- 

नफरत करो.. तुम एक नही हो, ना कभी हो सकते हो। शांति झूठी है। लड़ो, आगे बढ़ो। मार डालो। जीत जाओ।

सुनो!! वो जीत गए। 

मुझे मार डाला। 

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और टुकड़े कर दिए ...हिन्दुओ के, मुसलमानों के, देश के.. दिलो के।

और वो जीतते गए है। 

साल दर साल, इंच इंच, कतरा कतरा.. धर्म का नाम लेकर, जाति की बात करके, गौरव का नशा पिलाकर वो तुम्हे मदहोश करते गए। वो जीत गए। 

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सुनो!! वो जीत गए.. मगर मैं नही हारा। 

मैं यहीं हूँ.. इस मिट्टी में घुला हुआ। वो रोज तुम्हे एक नया नशा देते है, और नशा फटते ही मैं याद आता हूँ। 

मैं तुम्हारी जागती आंखों का दुःस्वप्न हूँ। तुम हुंकार कर मुझे नकारते हो, उस नकार में ही स्वीकारते हो।

तुम्हें यकीन ही नही होता कि मैं मर चुका हूँ, तो सहमकर फिर से गोलियां चलाते हो। बार बार कब्र खोदते हो, फिर लेटकर देखते हो। कब्र छोटी पड़ती है, और खोदते हो। 

थक जाते हो, आखिर हारकर  .. मेरी समाधि पर सर झुकाए खड़े हो जाते हो। 

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तो सुनो ,कान खोलकर। न तो तुम्हारी इज्जत से महात्मा बना था, न तुम्हारी इज्जत से कोई महात्मा बन सकता है। 

असल तो ये है, जिसे तुम्हारी इज्जत हासिल हो.. वो महात्मा हो ही नही सकता।

तो मोहन की ये बात कान खोल कर सुन लो। तुमको, और तुम्हारे बाप को पीले चावल भेजकर राजघाट नही बुलाता। 

श्रद्धा से भरी अंजुली न हो, तो श्रद्धांजली लेकर आना भी मत। मोहनदास करमचंद गांधी का नाम ...

तुम्हारी इज्जत का मोहताज नही है।

मनीष जी से आप यहां क्लिक करके भी मिल सकते हैं और यहां क्लिक करके भी--आपको हर बार मिलेगा कुछ ऐसा जो आपको सोचने को मजबूर ज़रुर करेगा....  उनकी पोस्ट बिना  या  सही गलत का फैसला आप पर ही  देगी।  

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Wednesday, January 3, 2024

पत्रकारों की मांगों के लिए सामने आया यूनिवर्सल प्रेस क्लब

चार जनवरी को बुलाई विशेष बैठक लुधियाना में 

डा. डी.पी. खोसला, हरि सिंह और संदीप शर्मा हुए सक्रिय 

लुधियाना: 3 जनवरी 2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन)::

आज के इस आधुनिक युग में सर्वाधिक शोषण मीडिया वालों का ही हो रहा है। पत्रकार संगठन और मीडिया संस्थानों के संचालक स्वयं तो किसी राजनीतिक दल के नेता से जुड़े होते हैं और आम दूसरे पत्रकारों से कहते हैं कि सियासत से ऊपर उठ कर काम करो। किसी बड़े सनसनीखेज़ खुलासे पर जब किसी पत्रकार पर दबाव पड़ता है तो उसका साथ देने वाले लोग बहुत कम रह जाते हैं। 

 मीडिया की हालत बेहद दयनीय है। स्थिति यह है कि देश भर के सभी पत्रकारों को न कोई सुनिश्चित वेतन, न पेंशन और  ज़रूरत पड़ने पर न ही कोई मेडिकल सहायता। पंजाब में पत्रकारों को निशुल्क बस सफर का एलान कई मुख्यमंत्रियों ने किया लेकिन आज तक लागू नहीं हो सका। एक्रिडिशन  की सुविधा बहुत कम लोगों को ही मिल पाई। आयुर स्वास्थ्य बीमा सुविधा भी बहुत कम लोगों तक पहुंच पाई। समाज  के लिए दिन रात एक कर के काम करने वाले कलम के इन मज़दूरों के लिए जीवन के लिए आवश्यक सुविधाओं का अभी भी बहुत बड़ी संख्या में अभाव है। खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में यूनिवर्सल प्रेस क्लब ने मीडिया कर्मियों के लिए ज़ोरदार आवाज़ उठाई है। इस संबंध में मिली एक  जरूरी सूचना में बताया गया है कि इन मुद्दों और मांगों पर विशेष बैठक चार जनवरी को बाद दोपहर तीन बजे हो रही है। इस बैठक में  होगी पत्रकारों से संबंधित मुद्दों और समस्याओ की विस्तृत चर्चा बिना किसी भेदभाव के और बिना किसी लिहाज़ के। अच्छा हो कि अगर आप भी  पत्रकारिता से जुड़े हैं तो इस आवाज़ में अपनी आवाज़ को भी स्वयं पहुँच कर शामिल कीजिए। अगर आपके साथ कुछ बेइंसाफी हुई है तो क्लब आपका साथ देगा पूरी दृढ़ता के साथ। 

यूनिवर्सल प्रेस क्लब (रजि:) पंजाब की ओर से  सभी आदरणीय पत्रकारों, छायाकारो तथा प्रेस कैमरामेनो को सूचित किया जाता है कि प्रेस क्लब की जनरलबॉडी की मीटिंग 4 जनवरी 2024 दिन गुरुवार बाद दोपहर समय 3:00 बजे  नगर निगम ए जोन (कार्यालय नगर निगम कर्मचारी संघ) बहुमंजिला पार्किंग के पीछे रखी गई है आप सभी समय पर पहुंचने की कृपा करें और अपने अपने साथ पत्रकारों को भी साथ लेकर आए कम से कम दो-दो मेंबर तो अवश्य होने चाहिए। धन्यवाद। 

इन्हें के संघर्ष  को मार्गदर्शन देने वालों में डॉ. डी.पी. खोसला अध्यक्ष भी उपलब्ध रहेंगे। हरि सिंह महासचिव भी इस बैठक में विशेष एलान करेंगे और करवाएंगे। इसकी सफलता के लिए क्लब की सचिव मैडम संदीप शर्मा भी पूरी तरह से सक्रिय है। पी आर ओ रिंकू भी सबसे सम्पर्क रखेंगे। 

सम्पर्क के लिए नंबर डायल कर सकते हैं-7986656077

उम्मीद है यह संगठन पत्रकारों की बहुत सी मांगें मनवाने में सफल रहेगा।   

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