Tuesday, August 21, 2018

जामा मस्जिद लुधियाना ईद उल जुहा बकरीद की नमाज़ सुबह 9 बजे

शाही इमाम पंजाब की इमामत में अदा की जाएगी ईद 
लुधियाना: 21 अगस्त 2018: (मीडिया स्क्रीन ब्यूरो)::
ईद-उल-जुहा (बकरीद) (अरबी में जिसका मतलब क़ुरबानी की ईद) इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्यौहार है। रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति के लगभग 70 दिनों के बाद इसे मनाया जाता है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार हज़रत इब्राहिम अपने पुत्र हज़रत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा की राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उसके पुत्र को जीवनदान दे दिया जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है। जमा मस्जिद लुधियाना में इस बार भी यह त्यौहार पूरी श्रद्धा और आस्था से मनाया जा रहा है। जमा मस्जिद की तरफ से जारी निमंत्रण में कहा गया है कि कल 22 अगस्त को ईद उल जुहा बकरीद की नमाज़ सुबह 9 बजे जामा मस्जिद लुधियाना में शाही इमाम पंजाब की इमामत में अदा की जाएगी।

मेहरबानी करके आप कवरेज़ करने के लिए टाइम से आ जाये। इस अवसर पर जहां ईद पढ़ी जाती है वहीँ अलग अलग दलों के प्रतिनिधि मुस्लिम समाज से एकजुटता भी जताते हैं और देश व दुनिया के मौजूदा स्थिति पर चर्चा भी होती है। मौजूदा हालात में क़ुरबानी के इस विशेष त्योहार पर होने वाली चर्चा बहुत महत्वपूर्ण हो सकती है।  

Thursday, August 9, 2018

प्रेस निमंत्रण: दिल्ली से सोमनाथ जी संकल्प यात्रा

यात्रा होगी श्री मोदी के दीवानों द्धारा पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से 

सेवा में
मुख्य संपादक/मुख्य छायाकार
Chief Editor/Chief Reporter/Chief Photographer or videographer

विषय : दिल्ली से सोमनाथ जी संकल्प यात्रा के प्रस्थान कार्यक्रम हेतू निमंत्रण ।
मान्यवर,
2019 मे भी पुनः नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने इसी उद्देश्य को लेकर श्री मोदी के दीवानों द्धारा दिनांक 10 अगस्त, 2018 (शुक्रवार) दोपहर 2.30 बजे आश्रम एक्सप्रेस द्वारा (पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, संभावित प्लेटफार्म नं०2/3) संकल्प यात्रा दिल्ली से सोमनाथ जी के लिए रवाना होगी । यात्रा के प्रस्थान कार्यक्रम में आप सादर आमंत्रित हैं ।

यात्रा के प्रस्थान कार्यक्रम में श्री श्याम जाजू जी (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं दिल्ली प्रभारी, भाजपा), श्री मनोज तिवारी (प्रदेश अध्यक्ष,भाजपा), श्रीमति किरण चोपड़ा (डायरेक्टर , पंजाब केसरी पब्लिशर्स एवं चेयरपर्सन वरिष्ठ नागरिक केसरी कल्ब) उपस्थित रहेंगे ।

कृपया उपरोक्त कार्यक्रम में आप संवाददाता/Reporter/छायाकार/Photographer or videographer भेजने की कृपा करें ।

यात्रा संयोजक
अनिरुद्ध शर्मा
0 9811553253

Tuesday, June 26, 2018

प्रेस निमंत्रण: नई दिल्ली: सुबह 10 बजे

7200 रेलवे कुली करेंगे प्रदर्शन 
साभार चित्र 
नई दिल्ली: 26 जून 2018: (मीडिया स्क्रीन सर्विस):अब कुली भी मैदान में हैं। देश विदेश का बहुत बड़ा मज़दूर वर्ग भी संघर्ष के लिए मैदान में आने को मजबूर हुआ है। व्हाटसप के बहुत से ग्रुपों में ज़िम्मेदार साथी नरेंद्र भंडारी ने पोस्ट डाली है कि कुली विरोध प्रदर्शन करेंगे।
हिन्द मज़दूर सभा के बैनर तले, सभा के महासचिव हरभजन सिंह सिधू जी के नेतृत्व में देश के 7200 रेलवे स्टेशन के रेलवे लाइसेंस पोर्टर्स (कुली) अपनी मांग को लेकर विशाल विरोध प्रदर्शन करेंगे। गौरतलब है कि इनका नाम तो बदल कर सहायक कर दिया गया था लेकिन इनकी जीवन शैली में से बोझ काम नहीं हो सका। बड़े लोगों की महंगी यात्रियों के दौरान उनके समान  का बोझ उठाने वाले यह मज़दूर वर्ग के लोग आज भी बता रहे हैं वित्तीय अंतराल की बढ़ती हुई खाई को। इस विरोध प्रदर्शन की कवरेज के लिए कोई दिक्क्त ए या जानकारी की ज़रूरत हो तो सम्पर्क नंबर भी नीचे दिया जा रहा है।
27 जून 2018
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से 10 बजे शुरू होकर 11 बजे संसद मार्ग पहुचेगी। 
हरभजन सिंह सिधू
महासचिव। हिन्द मज़दूर सभा
9811073602

Saturday, June 16, 2018

छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन का पत्रकार सम्मेलन 23 जुलाई को

साथ ही अलंकरण समारोह भी होगा 
रायपुर: 16 जून 2018: (मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन ब्यूरो)::
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन का एक दिवसीय प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन एवं गणेश शंकर विद्यार्थी अलंकरण समारोह ( तृतीय वर्ष)  23 जुलाई 2018 को निरंजन धर्मशाला वीआईपी रोड रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकारिता अलंकरण हरिभूमि के पत्रकार जे एम तांडी ( भिलाई) को प्रदान करते हुए 11000 रुपये की पुरस्कार राशि, शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जावेगा। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों से 51 पत्रकार एवं समाजसेवा, शिक्षा, राजनीति, लोकसेवा, उद्योग इत्यादि विभिन्न क्षेत्र की कई विभूतियों का भी सम्मान किया जावेगा। उक्त जानकारी देते हुए सीजेयू के प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर दुबे ने बताया कि कार्यक्रम उद्घाटन सत्र प्रातः 12 बजे में केंद्रीय मंत्री, प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री, मंत्रीगण अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समापन सत्र दोपहर 3 बजे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण, वरिष्ठ पत्रकारगण पत्रकारिता विषय पर कार्यशाला में व्याख्यान देंगे। कार्यक्रम में 500 से अधिक पत्रकार साथी उपस्थित रहेंगे। इस आयोजन से सबंधित और विवरण के लिए सम्पर्क किया जा सकता है ईश्वर दुबे से। 

Wednesday, June 13, 2018

14 जून, 2018 के लिए मीडिया निमंत्रण

 स्थान:तीसरा तल,सम्मेलन कक्ष,निर्माण भवन,नई दिल्ली
 महोदय/महोदया,
आप निम्नलिखित कार्यक्रम को कवर करने के लिए सादर आमंत्रित हैं:
कार्यक्रम
:
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जे. पी. नड्डा  राज्यों के साथ आयुष्मान भारत-एनएचपीएम के कार्यान्यन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने पर पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करेंगे। 
दिनांक
:
14 जून, 2018 (बृहस्पतिवार)  
समय
:
शाम 3.15 बजे
स्‍थान
:
तीसरा तल,सम्मेलन कक्ष,निर्माण भवन,नई दिल्ली
 भवदीय
(डॉ. मनीषा वर्मा)

Sunday, May 13, 2018

कामरेड गुरमेल हूंझण की क़ुरबानी को याद करना ज़रूरी

....उसी तरह के खतरे  फिर मंडरा रहे हैं... 
लुधियाना: 13 मई 2018: (मीडिया स्क्रीन ब्यूरो)::
आतंक का ज़माना था। जून-84 और नवम्बर-84 गुज़र चुके थे लेकिन इस सम्बन्ध में भडकी आग शांत होने का नाम ही नहीं ले रही थी। कब किस तरफ से गोली आयेगी कोई नहीं जानता था। कब बम धमाका होगा किसी को पता न होता। हर रोज़ आंगन में आने वाले अखबार खून से लथपथ होते। समाज में विभाजन रेखा खींची जा  चुकी थी। अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने में लगे गरीब और श्रमिक वर्गों को कुछ साज़िशी लोगों ने अपना निशाना बनाया और उन्हें "हिन्दु राष्ट्र"  और "खालिस्तान" के सपनों में उलझा दिया। इस साज़िश ने न जाने कितने घर तबाह कर दिए। पांच दरियाओं की इस पावन धरती पर खून का छठा दरिया बहने लगा। हत्या एक आम बात बन गयी थी। उस नाज़ुक दौर में जब लोग सांस लेते समय भी डरने लगे थे। उस समय वाम दलों ने नारा लगाया था:
 हिन्दु राज न खालिस्तान--जुग जुग जीवे हिंदुस्तान। 
इस नारे को लगाते वाम नेता और वर्कर गाँव गाँव जाते।  शहर के बाज़ारों से काफिले बना कर निकलते। उस दौर में वाम की इस जोशीली पहल ने समाज को टूटने से बचाये रखा। इस अभियान में बहुत से कामरेड शहीद हो गए। 
हिंसा की यह गर्म हवा अहमदगढ़ और आस पास के क्षेत्रों में भी आंधी की तरह चली। आये दिन चलतीं गोलियों की बौछारों ने एक दिन-14 मई 1989 को लोगों से जुड़े हुए कामरेड गुरमेल हूंझण और उनके एक साथी/बाडीगार्ड  जोगिंदर सिंह को शहीद कर दिया। 
यह सब उनके गाँव पंधेरखेड़ी में सुबह सुबह हुआ था। कामरेड गुरमेल सुबह सुबह दैनिक रूटीन के मुताबिक घर से निकले। घर से का इशारा हत्यारों को एक धार्मिक स्थल के स्पीकर की आवाज़ अचानक काम करके दे दिया गया। अभी कुछ कदम ही गए थे कि  हत्यारों ने घेर लिए। कामरेड गुरमेल और उनके जांबाज़ साथी को शहीद कर दिया गया। 
कामरेड गुरमेल की स्मृति को लेकर गाँव पंधेरखेड़ी में हर बरस आयोजन होते हैं। माहौल बिलकुल मेले जैसा होता है। रिश्तेदारों के साथ साथ वे सब लोग भी पहुंचते हैं जिनका कामरेड गुरमेल का साथ विचारधारा का रिश्ता है।  वे लोग भी पहुँचते हैं जो इस समाज को अभी भी बदलना चाहते हैं। 
आतंक और फाशी शक्तियां अब अपना रूप बदल चुकी हैं। इस वक़्त माहौल ज़्यादा नाज़ुक है। आतंक अब गैंगस्टर और दंगई बन कर सामने आ रहा है।  इस समय कामरेड गुरमेल और उनके साथियों की क़ुरबानी को याद करना बहुत ज़रूरी है। अच्छा हो अगर मंच पर सियासत की बमाहौल जाये कामरेड गुरमेल को बातें हों।  जिस खतरनाक में कामरेड ने शहादत दी उस दौर के खतरों की बात हो। माहौल फिर खराब है। हवा में ज़हर घोली जा रहे है। 

Wednesday, March 21, 2018

रीतू कलसी ने किया समाज को अनैतिक बनाने की साजिश का पर्दाफाश

बच्चों को टीवी पर वल्गैरिटी दिखाने की "मजबूरी" पर उठाये सवाल 
नई दिल्ली: 21 मार्च 2018: (मीडिया स्क्रीन डेस्क):: 
रीतू कलसी की पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें 
शायद ही कोई ऐसा दिन हो जब रेप या छेड़छाड़ की खबरें न आती हों। विकास और तकनीक के दावों  की धज्जियां उड़ाते हुए गुंडे किस्म के लोग इस तरह के अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। कई बार तो ऐसे लोगों में बड़ी उम्र के लोग, सफेदपोश लोग और धार्मिक स्थलों में काम करने वाले लोग भी शामिल रहते हैं। लड़कियों और महिलाओं के लिए शायद ही कोई जगह सुरक्षित बची हो। अगर इस पर कभी विवाद खड़ा भी होता है तो उसे बहुत ही चालाकी से लड़कियों के फैशन या आधुनिक सोच की ज़िम्मेदारी बता दिया जाता है। बात न बने तो कह दिया जाता है कि आरोपी ने कोई नशा कर रखा होगा।  वास्तविक मुद्दे को दबाने की साज़िशी कोशिश में सारा विवाद अलग अलग दिशाओं की तरफ ले जाया जाता है और इतने में ही कोई न कोई और नई घटना हो जाती है। इस सारे घटनाक्रम में इस बात पर पर्दा डाल दिया जाता है कि मीडिया अपनी ज़िम्मेदारी को भूलते हुए लगातार ऐसा अनैतिक माहौल पैदा कर रहा है जिसमें कभी कभी सही सोच भी प्रदूषित हो जाती है। अगर  गीत लिखे जाते हैं तो उनमें लडकीयों की कमर और वज़न का मापतोल गिना जाता है। अगर टायर का विज्ञापन हो तो कहा जाता है फलां टायर खरीदो तो लड़कियां फंसेंगी।  अगर फलां परफ्यूम इस्तेमाल करो तो लड़कियां फंसेंगी। अगर यह बाईक चलायो तो लड़कियां फंसेंगी। हर मामले में लड़कियों की देह का प्रदर्शन इस सिस्टम में अब आवश्यक बन चुका  है। तथाकथित ज्योतिषी और तांत्रिक भी पीछे नहीं रहे। स्पष्ट कहते हैं-हमारे पास आओ 11 मिण्टस, 21 मिंट या फिर एक घंटे में वो लड़की तड़पती हुई आपके कदमों में आएगी। 
आसानी से समझा जा सकता है कि कच्ची उम्र के बच्चों और नवयुवकों के मन में किस तरह के अनैतिक समाज का निर्माण हो रहा है। इसका पर्दाफाश किया है सरगर्म और जोशीली पत्रकार रीतू कलसी ने सिने दुनिया में।  मीडिया में रहते हुए मीडिया के कारनामों को उजागर करना आसान नहीं होता। आजकल के कार्पोरेट मीडिया में जिस तेज़ी से पत्रकारों को बाहर का रास्ता दिखाने की करवाई की जाती है उसने बड़ों बड़ों को खामोश रहना सीखा दिया है। खबरों के सच के कारण दुश्मन बने लोग भी कातिलाना हमलों से बाज़ नहीं आते। सड़क हादसों में पत्रकारों की मौत अचानक नहीं हुआ करती। इसके बावजूद रीतू कलसी की हिम्मत एक नई उम्मीद जगाती है। सच के ज़िंदा रहने की उम्मीद। हमारे मीडिया जगत की जांबाज़ पत्रकार है रीतू कलसी। हम रीतू को इस तरह की दलेरी भरी पोस्टों पर बधाई देते हए वायदा करते हैं कि हम इस हिम्मत में हमेशां साथ देंगें।