Monday, March 23, 2026

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने टीवी 9 नेटवर्क समिट को संबोधित किया

प्रधानमंत्री कार्यालय//प्रविष्टि तिथि: 23 MAR 2026 at  9:28 PM by PIB Delhi//Azadi Ka Amrit Mahotsav

आज, भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है 

भारत अब चुनौतियों से टकाराता है: प्रधानमंत्री

गल्फ से लेकर ग्लोबल वेस्ट तक और ग्लोबल साउथ से लेकर पड़ोसी देशों तक, 

भारत सभी के लिए भरोसेमंद साझेदार है: प्रधानमंत्री

जिसका आकलन किया जाता है, उसमें सुधार भी होता है और अंततः वह परिवर्तित भी होता है : प्रधानमंत्री

यह नया भारत है, यह अपने विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है: प्रधानमंत्री

नई दिल्ली: 23 मार्च 2026:(PIB Delhi//मीडिया स्क्रीन डेस्क)::


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज ‘इंडिया एंड द वर्ल्ड’ विषय पर
आयोजित टीवी 9 समिट को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने विश्‍व की अभूतपूर्व और गंभीर परिस्थितियों के बीच विचारों के आदान-प्रदान का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाने के लिए टीवी 9 नेटवर्क की सराहना की। श्री मोदी ने कहा, “आज, विश्‍व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वह अभूतपूर्व और बेहद गंभीर हैं, और इन परिस्थितियों के बीच टीवी 9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है।”

संघर्षों से घिरी दुनिया में भारत की स्थिति के बारे में अपने उद्गार व्‍यक्‍त करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से प्रगति कर रही है। 2014 से पहले की परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए भारत नये आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद चुनौतियों के बढ़ने के बावजूद, 140 करोड़ देशवासी एकजुट रहे, जिससे भारत ने हर कठिनाई को पार किया। श्री मोदी ने कहा, “28 फरवरी के बाद इन 23 दिनों में भारत ने अपनी संबंध निर्माण क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और संकट प्रबंधन की क्षमता दिखाई है।”

बँटी हुई वैश्विक व्यवस्था के बीच भारत की कूटनीतिक पहुँच के बारे में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि भारत ने गल्फ से लेकर ग्‍लोबल वेस्‍ट तक, और ग्‍लोबल साउथ से लेकर पड़ोसी देशों तक अभूतपूर्व संबंध बनाए हैं, और खुद को सभी के लिए भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित किया है। भारत किसके साथ है, इस प्रश्‍न का साफ और स्पष्ट जवाब देते हुए श्री मोदी ने कहा, “हम भारत के साथ हैं, भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं और संवाद के साथ हैं।”

संकट के इस समय में जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ डगमगा रही हैं, भारत द्वारा पेश किए गए विविधीकरण और लचीलापन के मॉडल को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे ऊर्जा हो, उर्वरक हों या आवश्यक वस्तुएँ, यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं कि नागरिकों को कम से कम कठिनाइयों का सामना करना पड़े। श्री मोदी ने कहा, “भारत ने विविधीकरण और लचीलेपन का मॉडल पेश किया है, और यह सुनिश्चित करते हुए कि हमारे नागरिकों को कम से कम कठिनाइयों का सामना करना पड़े, हमने इस संबंध में निरंतर प्रयास किया है।”

पश्चिम एशिया संघर्ष के भारत पर प्रभाव के बारे में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने आज लोकसभा में दिए अपने वक्‍तव्‍य का उल्लेख करते हुए कहा कि यद्यपि युद्ध भौगोलिक रूप से भारत की सीमाओं से दूर है, फिर भी आज की परस्‍पर संबद्ध दुनिया में कोई भी देश युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव से अछूता नहीं रह सकता। श्री मोदी ने कहा, “यह संयम और संवेदनशीलता का समय है; जब देशवासी एकजुट होकर किसी संकट का सामना करते हैं, तो परिणाम हमेशा सार्थक होते हैं।”

प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित करते हुए कि दुनिया की उथल-पुथल के बावजूद भारत ने अपनी प्रगति की गति को बनाए रखा है, 28 फरवरी के बाद के 23 दिनों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने दिल्ली मेट्रो रेल के प्रमुख कॉरिडोर के लोकार्पण, सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर और नए कोटा हवाई अड्डे के शिलान्‍यास तथा मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्रदान किए जाने को रेखांकित किया। उन्होंने 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों को स्वीकृति दिए जाने, 1,500 मेगावाट नई क्षमता जोड़ने के लिए लघु जल विद्युत विकास योजना को मंजूरी दिए जाने, जल जीवन मिशन का 2028 तक विस्तार करने, पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि के सीधे हस्तांतरण और एमएसएमई व निर्यातकों के लिए 500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा का भी उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा, “ये सभी कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।”

प्रबंधन के सिद्धांतों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने प्रसिद्ध कहावत ‘जिसका आकलन किया जाता है, उसे प्रबंधित किया जाता है’ को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जिसका आकलन किया जाता है, उसमें सुधार भी होता है और अंततः वह परिवर्तित भी होता है। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि राजमार्ग निर्माण की गति 11–12 किमी/दिन से बढ़कर लगभग 30 किमी/दिन हो गई है; बंदरगाहों पर जहाजों का टर्नअराउंड समय 5–6 दिन से घटकर 2 दिन से भी कम हो गया है; पंजीकृत स्टार्टअप की संख्या 400–500 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है; एमबीबीएस सीटें 50–55 हजार से बढ़कर 1.25 लाख से अधिक हो गई हैं; बैंक खातों की संख्‍या 25 करोड़ से बढ़कर 80 करोड़ से अधिक हो गई है (जिनमें 55 करोड़ जन धन खाते शामिल हैं); और हवाई अड्डों की संख्या 70 से कम थी, जो बढ़कर 160 से अधिक हो गई है। श्री मोदी ने कहा, “आज, भारत फास्‍ट ट्रैक पर है, आज, संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने वर्तमान में जारी महत्‍वपूर्ण परिवर्तनों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जिस असम में कभी गोलियों की आवाज़ सुनाई देती थी, आज वहाँ सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है; ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक क्षेत्रों का विकास हो रहा है; बिहार में पिछले दशक में 5 से अधिक नए पुलों का निर्माण हुआ है; और उत्तर प्रदेश मोबाइल फोन निर्माण के एक वैश्विक केंद्र में बदल हो चुका है। श्री मोदी ने कहा, “भारत अतीत में उत्‍पन्‍न हुए विकास असंतुलनों को भविष्य के अवसरों में बदल रहा है।”

पश्चिम बंगाल का रुख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अतीत में यह संस्कृति, शिक्षा, उद्योग और व्यापार का केंद्र हुआ करता था। उन्‍होंने पिछले 11 वर्षों में पश्चिम बंगाल के विकास के लिए केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण निवेशों का उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा, “देश हित को दल हित से ऊपर रखना आवश्यक है, क्योंकि राष्‍ट्र और उसका विकास राजनीति से ऊपर होता है।”

आज शहीद दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने सर्वोच्च बलिदान दिया था और आज डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती भी है। इस अवसर पर अपना संबोधन समाप्त करते हुए प्रधानमंत्री ने इन महान हस्तियों से प्रेरणा ली, जिन्होंने हमेशा देश को स्वयं से ऊपर रखा। उन्होंने इस बात पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि टीवी 9 समिट भारत के आत्मविश्वास तथा भारतीयों के प्रति दुनिया के भरोसे को और सशक्‍त करेगा। श्री मोदी ने कहा, “देश हित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाएगी।”

पीके/केसी/आरके//(रिलीज़ आईडी: 2244246) 

Thursday, January 15, 2026

अंबाला पंचायत भवन में विशेष मीडिया वर्कशाप 16 को

DIPR:Thursday//15th January 2026 at 05:50PM Media Workshop at Panchayat Bhawan Ambala

इस मौके पर होंगीं मीडिया के लिए बहुत सी काम की बातें 

चंडीगढ़//अंबाला: 15 जनवरी 2026: (मीडिया लिंक 32//मीडिया स्क्रीन डेस्क):: 


मेडिकल के क्षेत्र में डाक्टर अपने काम का ज़िक्र करते हुए कहते हैं कि मैं अमुक स्थान पर प्रेक्टिस करता हूं। वकील भी अपने प्रोफेशन का ज़िक्र करते हुए यही कहते हैं कि मैं अमुक जगह पर प्रेक्टिस करता हूं। मानसिक मेहनत और और जिस्मानी श्रम को प्रेक्टिस कहना ही उचित होगा। यह बात पत्रकारिता से जुड़े सभी क्षेत्रों पर लागू होती है। खबर लिखनी हो,  फीचर लिखना हो,  तस्वीरें क्लिक करनी हो या वीडियो बनानी हो तो इसमें निरंतर अभ्यास चार चांद  लगा देता है। अगर इस अभ्यास को छोड़ दिया जाए तो फिर निपुणता में कमी आ जाती है। 

इसी अभ्यास की अहमियत को दर्शाते हुए एक बहुत ही लोकप्रिय दोहा कवि वृन्द जी की ‘वृंद-सतसई' से है। इस में वह कहते हैं: 

करत-करत अभ्यास ते जड़मति होत सुजान। 

रसरी आवत जात ते सिल पर पड़त निसान॥

निरंतर अभ्यास का फायदा पत्रकारिता में भी होता है। कलम में निखार आ जाता है। कलम की धार तेज़ हो जाती  है।  लिखी जाने वाली कि पोस्ट में पैनापन आ जाता है। इसी सिलसिले में एक वर्कशाप का आयोजन भी हो रहा है। 

सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रैस इंफोरमेशन ब्यूरो (पीआईबी) चंडीगढ़ द्वारा अपर महानिदेशक विवेक वैभव के मार्गदर्शन में 16 जनवरी को स्थानीय मीडिया कर्मियों के लिए अंबाला स्थित पंचायत भवन में मीडिया वर्कशाप ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है की ऐसी कार्यशगालयों में शामिल होने से बहुत कुछ मिलता है जिसका फायदा भविष्य में भी मिलता है। 

Friday, November 28, 2025

डीडी फ्री डिश पर लोकप्रिय क्षेत्रीय चैनलों अब और बढ़ेंगे

 सूचना और प्रसारण मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 28 NOV 2025 7:26 PM by PIB Delhi

प्रसार भारती ने विशेष पायलट पहल शुरू की

*डीडी फ्री डिश ने सूचना और शिक्षा तक पहुंच को मजबूत किया

*भारत भर में 65 मिलियन घरों तक पहुंच बनाई

*डीडी फ्री डिश 31 मार्च 2026 तक लाएगा नाइ क्रान्ति 

*नई पायलट पहल के तहत क्षेत्रीय भाषा चैनलों को मुफ्त एमपीईजी-4 स्लॉट प्रदान करेगा

नई दिल्लीः 28 नवंबर 2025:(पीआई बी दिल्ली//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

संकेतक फाईल फोटो 
प्रसार भारती डीडी फ़्री डिश प्लेटफ़ॉर्म पर एक पायलट योजना शुरू कर रही है, जिसके तहत लोकप्रिय क्षेत्रीय भाषाओं के चैनल (अनुसूची आठ की भाषाएँ, हिंदी और उर्दू को छोड़कर), जिन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से अनुमति और लाइसेंस प्राप्त है, को नए उन्नत एमपीईजी-4 स्ट्रीम्स पर उपलब्ध खाली डीडी फ़्री डिश स्लॉट्स के आवंटन के लिए आवेदन करने हेतु आमंत्रित किया गया है। अब तक प्रतिनिधित्व न किए गए और कम प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाने के लिए प्रसार भारती का प्रयास, क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से पहुंच, अवसर और जागरूकता में मौजूद अंतर को पाटने की प्रतिबद्धता से प्रेरित है।

कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम, बांग्ला, असमिया और ओड़िया भाषाओं के क्षेत्रीय चैनल, जो वर्तमान में डीडी फ़्री डिश प्लेटफ़ॉर्म पर अब तक प्रतिनिधित्व न किए गए और कम प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों को अन्य क्षेत्रीय भाषा चैनलों की तुलना में प्राथमिकता दी जाएगी। क्षेत्रीय समाचार चैनलों को गैर-समाचार क्षेत्रीय चैनलों की तुलना में प्राथमिकता दी जाएगी।

इन क्षेत्रीय चैनलों को पायलट आधार पर निःशुल्क स्लॉट आवंटित किए जाएँगे। यह आवंटन केवल 31.03.2026 तक की अवधि के लिए होगा।

डीडी फ़्री डिश का चैनल बुक़े विविध और समृद्ध है, जिसमें लगभग सभी शैलियों का प्रतिनिधित्व है। वर्तमान में डीडी फ़्री डिश पर कुल 482 टीवी चैनल उपलब्ध हैं (जिनमें 320 डीडी को -ब्रांडेड शैक्षणिक चैनल जैसे पीएम ई-विद्या और स्वयं प्रभा शामिल हैं) और 48 रेडियो चैनल भी शामिल हैं। दूरदर्शन चैनलों के अलावा, इस बुके में सामान्य मनोरंजन, समाचार, भक्ति, फ़िल्में, खेल आदि के निजी टीवी चैनल भी शामिल हैं।

प्रसार भारती का डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) प्लेटफ़ॉर्म "डीडी फ्री डिश" एक मुफ़्त प्रसारण प्लेटफ़ॉर्म है, जहाँ दर्शकों से कोई मासिक या वार्षिक सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाता है। इस अनूठे और किफायती मॉडल ने डीडी फ्री डिश को सबसे बड़ा डीटीएच प्लेटफ़ॉर्म बना दिया है, जो दूरदराज, ग्रामीण, दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी लगभग 65 मिलियन घरों (क्रोम डेटा के अनुसार) तक पहुँचता है। डीडी फ्री डिश के माध्यम से, प्रसार भारती देश के सुदूर कोने तक गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क सूचना, शिक्षा और मनोरंजन प्रदान करके जनता को सशक्त बना रहा है, जिससे समाज के हाशिए पर पड़े और कमज़ोर वर्गों को भी लाभ मिल रहा है, जिससे लोक सेवा प्रसारण का उसका प्राथमिक उद्देश्य पूरा हो रहा है।

***//पीके/केसी/जीके/एसएस//(रिलीज़ आईडी: 2196081) 

Friday, July 25, 2025

फिल्म उद्योग में डिजिटल पायरेसी पर सख्ती शुरू

प्रविष्टि तिथि: 25 JUL 2025 at 6:09 PM by PIB Delhi

सरकार ने अंकुश लगाने के लिए किए सुदृढ़ उपाय

नई दिल्ली: 25 जुलाई 2025: (पीआईबी//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

संकेतक तस्वीर 
सरकार मनोरंजन से जुड़े रचनात्मक सेक्टर पर डिजिटल पायरेसी के प्रतिकूल प्रभाव के प्रति निरंतर सचेत है। इस महत्वपूर्ण समस्या पर ध्यान देने के लिए निम्नलिखित सुधार लागू किए गए हैं:

  • 2023 में सरकार ने डिजिटल पायरेसी के विरुद्ध उपायों को शामिल करने के लिए सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 में संशोधन किया।
  • इन संशोधनों में न्यूनतम 3 महीने का कारावास और 3 लाख रुपये के आर्थिक दंड की सख्त सजा शामिल है, जिसे 3 साल की कैद और लेखापरीक्षित सकल उत्पादन लागत के 5 प्रतिशत तक जुर्माना तक बढ़ाया जा सकता है।
  • सिनेमैटोग्राफ अधिनियम की धारा 6एए और 6एबी फिल्मों की अनधिकृत रिकॉर्डिंग और प्रसारण पर रोक लगाती है।
  • सिनेमैटोग्राफ अधिनियम की नई जोड़ी गई धारा 7(1बी)(ii) सरकार को पायरेटेड सामग्री की मेजबानी के लिए मध्यस्थों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अधिकार देती है।
  • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को कॉपीराइट धारकों या अधिकृत व्यक्तियों से शिकायतें प्राप्त करने तथा ऐसे कंटेंट होस्ट करने वाले मध्यवर्ती संस्थाओं को आवश्यक निर्देश जारी करने का अधिकार दिया गया है।
  • पायरेसी कार्यनीतियों को सुदृढ़ करने और समन्वित कार्य योजनाएं विकसित करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समिति गठित की गई है।
  • विश्व ऑडियो विजुअल एंटरटेनमेंट शिखर सम्मेलन (वेव्स) 2025 के दौरान डिजिटल पायरेसी से निपटने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने हेतु एक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।

सरकार डिजिटल पायरेसी के खतरे को रोकने और भारत के इंटरटेनमेंट इको-सिस्टम की अखंडता की रक्षा के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों सहित संबंधित हितधारकों के साथ संपर्क में है।

सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने राज्यसभा में यह जानकारी दी।

***एमजी/एके/केसी/एसकेजे/एचबी//(रिलीज़ आईडी: 2148538) 

Thursday, June 5, 2025

PEC ने जारी किया मीडिया निमंत्रण

Thursday 5th June 2025 at 9:58 AM Regarding Media Invite to Cover MoU Signing Event

PEC में होने हैं एक विशेष MoU पर हस्ताक्षर-मीडिया को भी निमंत्रण 


चंडीगढ़
: 05 जून 2025: (मीडिया लिंक 32//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन)::

आप सभी को एक विशेष आधिकारिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए उपस्थित होने और इसे कवर करने के लिए सादर आमंत्रित किया जाता है।

कार्यक्रम: पावरग्रिड और पीईसी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

दिनांक: 06 जून, 2025

समय: सायं 4:00 बजे से

स्थान: सीनेट हॉल 

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) और पीईसी चंडीगढ़ के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के लिए मीडिया के सम्मानित सदस्यों को सादर आमंत्रित करता है।

इस कार्यक्रम में चंडीगढ़ प्रशासन (यूटी) के मुख्य सचिव श्री राजीव वर्मा (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, तथा पीजीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री रविन्द्र कुमार त्यागी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

आपकी उपस्थिति से अपार मूल्य जुड़ेगा क्योंकि हम उद्योग-अकादमिक सहयोग और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा रहे हैं।

कृपया अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को सुशोभित करें।

Tuesday, June 3, 2025

PRTC कर्मचारी नेताओं का पत्रकार सम्मेलन 4 जून को

PRTC लुधियाना डिपो पर विशाल गेट रैली भी होगी 

सभी प्रेस साथियों को सत श्री अकाल जी। 

सभी प्रेस वीरों से निवेदन है कि कल दिनांक 04/06/2025 को ड्यूटी के दौरान आ रही परेशानियों और मैनेजमेंट द्वारा कर्मचारियों के साथ किए जा रहे भेदभावपूर्ण व्यवहार को लेकर PRTC लुधियाना डिपो के गेट पर एक विशाल गेट रैली की जा रही है। अतः हमारी आवाज को आम जनता तक पहुंचाने के लिए आप सभी से निवेदन है कि कल सुबह 10 बजे PRTC लुधियाना डिपो के गेट पर अवश्य पहुंचे।

द्वारा - जगतार सिंह *9877567428

राज्य संयुक्त सचिव

पंजाब रोडवेज पान बस/PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन 25/11

Sunday, October 27, 2024

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में आकाशवाणी पुस्तकालय

प्रविष्टि तिथि: 27 OCT 2024 1:32 PM by PIB Delhi

उदघाटन में उपराष्ट्रपति के संबोधन का लिखित रुप (अंश)


जयपुर//नई दिल्ली: 27 अक्टूबर 2024: (पीआईबी//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

राजस्थान हाई कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एमएम श्रीवास्तव एक बेहद विलक्षण व्यक्तित्व हैं। क्या शुरुआत की है आपने, दिवाली का तोहफा अपने तरीके से दे दिया। महोदय, इस बार के सदस्य के रूप में, मैं आभारी हूं।

माननीय जस्टिस इंदरजीत सिंह का काम करने का अपना तौर-तरीका है। मुझे अदालत में उनके समक्ष मिलने का अवसर नहीं मिला, लेकिन अदालत के बाहर, वह एक सज्जन व्यक्ति हैं।

एडवोकेट पवन शर्मा और एडवोकेट राज कुमार शर्मा, वह क्या कहते हैं जय और वीरू, इनको सब नुस्खे पता है। आज के दिन मेरा आना बहुत मुश्किल था| मैं कर्नाटक में था दो दिन, IIT जोधपुर का कार्यक्रम था, गुवाहाटी में मेरा कार्यक्रम है, पर यह ऐसे व्यक्ति को लेकर आ गए। रमेश शर्मा जी का निर्णय पहले कर लिया था, मुझे तो मोहर ही लगानी पड़ी। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एडवोकेट भुवनेश शर्मा, मुझे बार काउंसिल ऑफ राजस्थान का सदस्य बनने का अवसर मिला है। एक नियम के कारण मैं अध्यक्ष नहीं बन सका और मैं बार काउंसिल ऑफ इंडिया का प्रतिनिधि नहीं बन सका। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट प्रहलाद शर्मा जी, अगर वे मौजूद नहीं है तो उनकी अनुपस्थिति में मैं उनका अभिनंदन करता हूं।

मेरे समय में मेट्रो-1, मेट्रो-2 जयपुर ज़िले में नहीं थे। मैं पुराने समय का व्यक्ति हूं, लेकिन ज़िला न्यायाधीशों, इस मौके पर मौजूद न्यायपालिका के सदस्यों से मैं कहना चाहता हूं कि मैं इस वक्त बेहद प्रभावित हूं।

जब मैं देश का उपराष्ट्रपति बना, तो पहले ही हफ्ते में मुझे सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने आमंत्रित किया था। मैं काफी समय से उस बार का सदस्य रहा हूं। बल्कि वरिष्ठ अधिवक्ता नामित होने से कुछ समय पहले ही मैं उस बार का सदस्य बन गया। तो उस बार से मेरा संबंध लगभग तीन दशक या उससे अधिक का था। पर मैं तो आपका हूं और कहते हैं ना नाखून उंगलियों से अलग नहीं हो सकता।

मुझे इस बार ने बनाया है। मेरा परम सौभाग्य था कि मैंने ऐसे अधिवक्ता के कार्यालय को अपनी कर्मभूमि बनाया। स्वर्गीय एन एल टिबरेवाल, जिनके बहुत ऊंचे नैतिक मानक थे। मैं कहूंगा कि यह अब तक का सबसे ऊंचा स्थान है। जब ईमानदारी की बात आती है तो बिल्कुल भी समझौता नहीं करना चाहिए। उनके दफ्तर से कोई खाली हाथ नहीं गया। जिस दिन बहस करते थे, मौके पर फीस की बात नहीं करते थे। बहस के बाद ही करते थे, यह उनका सिद्धांत था। उन्होंने पेशे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को अपने बैंक बैलेंस से अधिक महत्व दिया और भगवान उनके प्रति बहुत दयालु थे। वह लंबे समय तक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नहीं रहे, शायद एक दशक तक रहे, लेकिन वह कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने, लगभग एक वर्ष तक कार्यवाहक राज्यपाल रहे। ऊपर वाला न्याय में कभी कमी नहीं रखता है।

जो काम आज हुआ है, वह दोतरफा हैं, कुछ उनमें विरोधाभास है। मैंने आज से दो दशक पहले दिल्ली से दो ट्रक रवाना किए, वह मेरी लाइब्रेरी थी। साल 1940 में , अगर मैं गलत नहीं हूं तो, ऑल इंडिया रिपोर्टर सुधांशु जी मेरे पास थे। शुरू से क्रिमिनल लॉ जनरल थी, सुप्रीम कोर्ट के मामले थे 1669 से, लेबर लॉ जनरल थे बहुत सारे।

उसके बाद मैं डिजिटलीकरण पर फोकस किया। मैंने अपने दफ्तर में मैंने कोई किताब नहीं रखी। हांलाकि तब टेक्नोलॉजी ज्यादा नहीं थी। आज के दिन टेक्नोलॉजी का आलम यह है, अगर हम कहें कि भारत एक-छठी जनसंख्या का घर हैं, वैश्विक डिजिटल लेनदेन का 5- प्रतिशत से ज्यादा लेनदेन हमारे देश में होता है। यदि आप इंटरनेट कंजंप्शन की बात करेंगे, तो एक भारतीय के लिए इंटरनेट कज़म्पशन की प्रति व्यक्ति डेटा खपत, चीन और अमेरिका दोनों को मिला दिया जाए, उसकी तुलना में भी अधिक है। हमारे यहां डिजिटल ट्रांजेक्शन तेज़ी से हो रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी सभी के डिजिटल लेनदेन मिला दिए जाएं, फिर भी हमारे उनसे चार गुना है। ऐसे भारत में इसकी शुरुआत का बहुत बड़ा मतलब है। मैं बार के नेतृत्व और बार के सदस्यों को भी बधाई देता हूं।

प्रौद्योगिकी को अपनाना अब विलासिता नहीं है, यह अब ज़रुरत नहीं, यह एकमात्र रास्ता है। आज के वक्त में नौजवान पीढ़ी इसका प्रयोग ज्यादा करती हैं। मेरी उम्र के लोग कम करेंगे। वे इस बात की सराहना करेंगे कि प्रौद्योगिकी का दायरा बढ़ गया है। एक नया इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन आ गया है। हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन में बहुत बड़े बदलाव के मुहाने पर हैं। पहले अंग्रेजी के शब्द हुआ करते थे। हकीकत में जो उनका डाइमेंशन है बहुत दूर तक ले जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आपकी बहुत मदद कर सकती है। बार के सदस्यों से मेरा अनुरोध है कि कार्य सत्र कराने चाहिए। ऐसे तकनीकी सत्र कराइए, जहां आपको इसके बारे में पता चले। जो समय आप इसमें लगाएंगे, आपको अंदाजा नहीं है कि आप आगे कितना समय बचा पाएंगे। आपकी गुणवत्ता बढ़ेगी और आपकी काबिलियत इसी चीज में है कि बदलाव के संकेतक बनो। जब यह सब कुछ अपने हाथ में है, उसको इस्तेमाल नहीं करना आपके खुद के साथ अन्याय होगा।

इससे जो बहुत बड़ी क्रांति देश में आई है। लंबे समय से बड़ी मांग उठ रही थी कि अंग्रेजों के कानून को हम कब तक ढोते रहेंगे, कब तक बर्दाश्त करते रहेंगे, उनका कानून उनको बचाने के लिए था। दंड विधान से न्याय विधान तक की यात्रा हमें औपनिवेशिक मानसिकता और औपनिवेशिक विरासत से मुक्त करने वाली एक महत्वपूर्ण यात्रा है। जुलाई से ये बदलाव तो लागू हो गए हैं। यह युवा वकीलों के लिए एक वरदान है। अब आप भी इस यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं।

यदि अगर आप ऐसा करेंगे और इसमें तकनीक का इस्तेमाल करेंगे तो आपको बहुत फायदा मिलेगा। जब ये तीन कानून पारित हुए तो मुझे काउंसिल ऑफ स्टेट्स, हाउस ऑफ एल्डर्स, उच्च सदन की अध्यक्षता करने का सौभाग्य मिला। 

एक बहुत ही सशक्त समिति ने प्रत्येक प्रावधान की जांच की, सूक्ष्म स्तर पर उसका विश्लेषण किया। मैं आपको यही कह सकता हूं कि मैं तो अंदाजा नहीं लगा सकता था।

*****//एमजी/आरपीएम/केसी/एनएस/डीके//(रिलीज़ आईडी: 2068667) 

Thursday, October 3, 2024

4 अक्टूबर 2024 को श्री माली के बारे में खास प्रेस कॉन्फ्रेंस

Thursday 3rd October 2024 at 15:44 Via WhatsApp

चंडीगढ़ सिविल सोसाइटी मालविंदर सिंह माली की अवैध गिरफ्तारी पर करेगी प्रेस कॉन्फ्रेंस

चंडीगढ़:3 अक्टूबर 2024: (मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

कल एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए तैयार हो जाइए! चंडीगढ़ सिविल सोसाइटी 4 अक्टूबर, 2024 को सुबह 11:30 बजे केंद्रीय श्री गुरु सिंह सभा, प्लॉट नंबर 1, सेक्टर 28-ए, चंडीगढ़ में एक प्रेस मीट आयोजित कर रही है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक और सामाजिक कार्यकर्ता मालविंदर सिंह माली की अवैध गिरफ्तारी पर विशेष चर्चा की जाएगी।

इस मीटिंग के लिए मुख्य एजेंडा आइटम इस प्रकार रहेंगी:

*मालविंदर सिंह माली की अवैध गिरफ्तारी: अन्यायपूर्ण हिरासत और इसके निहितार्थों पर चर्चा।

*उच्च न्यायालय की अधिसूचना का उल्लंघन: अधिसूचना संख्या 159 दिनांक 22/09/2023 की जांच और जो उल्लंघन हुए हैं।

*अगले कदम और भविष्य के कार्यक्रम: 

*आगे बढ़ने के लिए समाज की योजनाओं और रणनीतियों की रूपरेखा

आप आमंत्रित हैं!

मीडिया प्रतिनिधियों को इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया जाता है।

अधिक जानकारी के लिए, डॉ. प्यारा लाल गर्ग से 99145-05009 पर संपर्क करें।

महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों और चंडीगढ़ सिविल सोसाइटी के प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का यह अवसर न चूकें। श्री माली की इस तरह से गरिफ्तारी साधारण बात नहीं हैं। इसे समझना, गहराई में जाना और इसका तीव्र विरोध उन सभी लोगों को करना चाहिए लोकतंत्र, बेबाक व निष्पक्ष विश्लेषण और साथ ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को पसंद करते हैं। 

कल, 4 अक्टूबर, सुबह 11:30 बजे के लिए अपने कैलेंडर पर निशान लगा लें!

Wednesday, September 18, 2024

मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र महत्वपूर्ण वृद्धि के लिए तैयार

सूचना और प्रसारण मंत्रालय//Posted On: 18 SEP 2024 3:27 PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) की स्थापना को मिली मंजूरी 

*कैबिनेट ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एंड एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर) के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की स्थापना को मंजूरी दी

*आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए सरकार का क्रिएटर्स इकोनॉमी को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास

*एनसीओई भारत को अत्याधुनिक कॉन्टेंट प्रदान करने के कॉन्टेंट हब के रूप में स्थापित करके भारत की सॉफ्ट पावर को वैश्विक स्तर पर बढ़ाएगा और विदेशी निवेश आकर्षित करेगा  


नई दिल्ली: 18 सितंबर 2024:(पीआईबी//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कंपनी अधिनियम, 2013 के अधीन  धारा 8 कंपनी के रूप में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एंड एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर) के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है, जिसमें फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और भारतीय उद्योग परिसंघ भारत सरकार के साथ भागीदार के रूप में उद्योग निकायों का प्रतिनिधित्व करेंगे। एनसीओई की स्थापना मुंबई, महाराष्ट्र में की जाएगी और यह देश में एक एवीजीसी कार्य बल की स्थापना के लिए केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री की वर्ष 2022-23 की बजट घोषणा के अनुसरण में है।

एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र आज मीडिया और मनोरंजन के पूरे क्षेत्र में अपरिहार्य भूमिका निभाता है, जिसमें फिल्म निर्माण, ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म, गेमिंग, विज्ञापन तथा  स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सामाजिक क्षेत्रों सहित कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं, इस प्रकार देश की विकास गाथा की समग्र संरचना को समेटे हुए है। तेजी से विकसित हो रही तकनीक और पूरे देश में इंटरनेट की बढ़ती पहुंच के साथ-साथ सबसे सस्ती डेटा दरों सहित, वैश्विक स्तर पर एवीजीसी-एक्सआर का उपयोग तेजी से बढ़ने को तैयार है।

एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना

इस तेज़ गति को बनाए रखने के लिए, देश में एवीजीसी-एक्सआर इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के शीर्ष संस्थान के रूप में कार्य करने के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की जा रही है। एनसीओई शौकिया और पेशेवर दोनों को अत्याधुनिक एवीजीसी-एक्सआर तकनीकों के नवीनतम कौशलों से लैस करने के लिए विशेष प्रशिक्षण-सह-शिक्षण कार्यक्रम प्रदान करने के साथ-साथ,अनुसंधान एवं विकास को भी बढ़ावा देगा और कंप्यूटर विज्ञान, इंजीनियरिंग, डिजाइन और कला जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा जो एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में बड़ी सफलताओं का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। यह राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र घरेलू उपयोग और वैश्विक आउटरीच दोनों के लिए भारत के आईपी के निर्माण पर भी व्यापक रूप से ध्यान केंद्रित करेगा, जिससे कुल मिलाकर भारत की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कॉन्टेंट का सृजन होगा। इसके अलावा, एनसीओई, एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में स्टार्टअप और शुरुआती अवस्था वाली  कंपनियों को प्रोत्साहन देने के लिए उन्हें संसाधन प्रदान करते हुए एक इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में कार्य करेगा। साथ ही, एनसीओई केवल एक अकादमिक उत्प्रेरक के रूप में ही नहीं, बल्कि उत्पादन/उद्योग उत्प्रेरक के रूप में भी काम करेगा।

एनसीओई को एवीजीसी-एक्सआर उद्योग के विकास के लिए प्रेरक शक्ति के रूप में स्थापित किए जाने से यह देश के सभी हिस्सों के युवाओं के लिए रोजगार के सबसे बड़े स्रोतों में से एक के रूप में काम करेगा। इससे रचनात्मक कला और डिजाइन क्षेत्र को बहुत बढ़ावा मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत पहल के लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हुए भारत को एवीजीसी-एक्सआर गतिविधियों का केंद्र बनाया जा सकेगा।

एवीजीसी-एक्सआर के लिए एनसीओई भारत को अत्याधुनिक कॉन्टेंट उपलब्ध कराने वाले कॉन्टेंट हब के रूप में स्थापित करेगा, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ेगी और मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र के प्रति विदेशी निवेश आकर्षित होगा।

***//एमजी /एआर/ आरके/ डीके//(Release ID: 2056033)

Sunday, August 18, 2024

विश्व फोटोग्राफी दिवस को समर्पित विशेष इवेंट

Sunday 18th August 2024 at 3:55 PM

फोटोग्राफरों ने लगाया रक्तदान एवं मैडिकल चैकअप कैंप 

चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन, मानव कल्याण परिसर , इवोक बिल्डर एवं कुमार ब्रदर्स और यूनिमार्क फार्मा इंडिया लिमिटेड ने संयुक्त रूप से सेक्टर-22 स्थित कम्युनिटी सेंटर में कराया कार्यक्रम 


मोहाली
:18 अगस्त 2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन)::

फोटोग्राफी का इतिहास यूं तो बहुत पुराना है लेकिन मीडिया के साथ फोटोग्राफी के संबंधों का इतिहास भी अब नया नहीं रहा। आज का मीडिया फोटो या वीडियो के बिना अधूरा है। मीडिया के साथ कैमरे की इस डयुटी के दौरान पत्रकारों के सामने बहुत बार खतरे भी आए लेकिन पत्रकारों ने जान पर खेल कर भी इन चुनौतियों को स्वीकार किया। कैमरे से जुडी ज़िन्दगी के इस दौर को याद करते हुए फोटो-पत्रकारों ने मेडिकल चैकअप कैंप भी लगाया और खूनदान भी किया। यहां एक बार फिर से बताना ज़रूरी  है कि यह सब विश्व फोटोग्राफी दिवस के संबंध में किया गया। 

चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन, मानव कल्याण परिसर, इवोक बिल्डर एवं कुमार ब्रदर्स और यूनिमार्क फार्मा इंडिया लिमिटेड ने संयुक्त रूप से विश्व फोटोग्राफी दिवस को समर्पित चंडीगढ़ के सेक्टर - 22 स्थित कम्युनिटी सेंटर में रक्तदान और चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया। इस मौके पर वार्ड नंबर 22 की पार्षद अंजू कत्याल और वार्ड नंबर 17 के पार्षद दमनप्रीत सिंह विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए। शिविर में एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरचरण सिंह व सभी सदस्यों ने रक्तदान किया तथा लोगों से इस कार्य के लिए आगे आने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उपस्थित सभी फोटोग्राफरों ने विश्व फोटोग्राफी दिवस के बारे में अपने विचार रखते हुए अपने अनुभव साझा किये। शिविर में पहुंचे अतिथियों द्वारा सभी रक्तदाताओं की सराहना की गई तथा अन्य लोगों को भी समाज सेवा में अपना योगदान देने के लिए कहा गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरचरण सिंह और चेयरमैन नरेश शर्मा ने सभी रक्तदाताओं को सम्मानित किया और गणमान्य व्यक्तियों को यादगारी चिन्ह प्रदान किए। इस अवसर पर मेडिसिन, हड्डी रोग, त्वचा, ईएनटी, होम्योपैथी, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, गायनाकोलोजी और फिजियोथेरेपी के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा लोगों की जांच की गई और आवश्यकतानुसार मुफ्त दवाएं दी गईं। इस मौके पर चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन और मानव कल्याण परिसर के सभी सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों से जुड़े फोटोग्राफर्स भी शामिल हुए।

गौरतलब है कि विश्व फोटोग्राफी दिवस हर साल 19 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य फोटोग्राफी के कला और विज्ञान को सम्मानित करना और फोटोग्राफर्स के योगदान को सराहना है। इस दिन को मनाने की शुरुआत 1839 में फ्रांस द्वारा किए गए एक महत्वपूर्ण ऐलान से हुई थी, जब उन्होंने डैग्युरोटाइप प्रक्रिया को दुनिया के साथ साझा किया, जो फोटोग्राफी का पहला व्यावहारिक तरीका था।

फोटोग्राफी न केवल एक कला का माध्यम है, बल्कि यह ऐतिहासिक और व्यक्तिगत क्षणों को संजोने का भी एक तरीका है। आज के समय में, डिजिटल फोटोग्राफी के विकास ने इसे और अधिक सुलभ बना दिया है, जिससे यह अधिक लोकप्रिय हो गया है।

Wednesday, June 26, 2024

‘‘यदि आप गरीब हो तो मौत आपको जल्दी आलिंगन करती है’’

 26th June 2024 at 12:01 PM

जानेमाने लेखक और पत्रकार एल.एस. हरदेनिया बता रहे हैं विस्तार से 

"यदि आप गरीब हो तो मौत आपको जल्दी आलिंगन करती है’’ यह शीर्षक है इण्डियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट का। इस रिपोर्ट में यह बताया गया है कि देश की राजधानी दिल्ली में रोगियों की क्या स्थिति है। खासकर उन रोगियों की जो कैंसर से पीड़ित हैं। इस लंबी रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे दिल्ली में देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में देश के विभिन्न भागों से खासकर बिहार, उत्तरप्रदेश और झारखंड से लोग आते हैं। इण्डियन एक्सप्रेस के संवाददाता ने इस तरह के अनेक रोगियों और उनके साथ आए उनके रिश्तेदारों से बातचीत की।

संकेतक तस्वीर प्लेग्राउंड की इमेज कला से साभार 
वे दिल्ली में कैंसर के रोगी होने के बाद भी कैसे फुटपाथ पर अपने इलाज का इंतज़ार करते रहते हैं। इस तरह के रोगी बताते हैं कि जब गर्मी की दोपहरी में वे इन फुटपाथों पर बैठे रहते हैं तो ऐसा लगता है कि वे गरम पानी के ऊपर बैठे हुए हैं। फुटपाथ इतने गरम होते हैं कि उसकी गर्मी सहना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसी तरह ठंड की रात और भारी बरसात के बीच में इन लोगों को अपनी जिंदगी बितानी पड़ती है। वे सब इतने गरीब होते हैं कि उनके लिए दिल्ली में कोई जगह किराये पर लेकर रह सकना मुश्किल होता है।

संकेतक तस्वीर प्लेग्राउंड की इमेज कला से 

संवाददाता लिखते हैं कि यह दृश्य सिर्फ अकेली दिल्ली का नहीं है देश के अनेक बड़े शहरों में भी इसी तरह की स्थिति है। संवाददाता चंद्रभान नाम के व्यक्ति से मिलते हैं। वे उत्तरप्रदेश से आए हुए हैं। उनके साथ 35 वर्ष के वीरपाल सिंह भी हैं, वे भी वहीं से आए हुए हैं। उनके साथ तीन बड़े झोले हैं जिनमें कपड़े रखे हुए हैं और कुछ सामान भी है। उनके पास कार्डबोर्ड की बनी कुछ चटाईयाँ भी हैं। वे बताते हैं कि यह मेरी पत्नि है प्रेमवती, ये मेरे दोस्त की पत्नि है अशोका देवी। वो चुपचाप बैठी हुई हैं। भारी गर्मी से थकी हुई उनके मुंह से आवाज़ भी नहीं निकल रही है, ये दोनों कैंसर से पीड़ित हैं। इलाज के लिए दिल्ली आती हैं। एक बार आने के बाद फिर 6 महीने के अंतराल के बाद आने को कहा जाता है। रेगुलर इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। इस दरम्यान कैंसर शरीर के बाकी हिस्सों में फैल जाता है। एम्स के बड़े अधिकारी डॉ. मदन कहते हैं कि उनके अस्पताल में कम से कम 20 हजार रोगी रोज़ आते हैं। इनमें बहुसंख्यक कैंसर पीड़ित होते हैं। अस्पताल में सिर्फ लगभग 3500 बिस्तर हैं। कभी-कभी तो एक रोगी को 3 साल के बाद आने का समय दिया जाता है।

एक और रोगी कहते हैं कि
भारत में गरीब होना सबसे बुरी सज़ा है। गरीब को तो कोई रोग लगना ही नहीं चाहिए। क्योंकि एक बार वह किसी रोग और खासकर कैंसर से पीड़ित हो जाता है तो उसकी एक ही प्रार्थना रहती है कि है ईश्वर मुझे उठाले। एक और कैंसर के रोगी बताते हैं कि हम 7 दिन में एक बार नहा पाते हैं और उसके लिए और अपने कपड़े धोने के लिए हमें कीमत चुकानी पड़ती है। कभी-कभी यह कीमत 50 रूपए होती है। जिस दिन हम नहाते हैं और नहाने के लिए 50 रूपए दे देते हैं उस दिन हम भोजन नहीं करते क्योंकि खाने के लिए हमारे पास पैसे नहीं बचते। पीने का पानी भी हम लोगों को टैंकर से दिया जाता है, जो कि पूरा अशुद्ध होता है। ऐसा पानी कम से कम कैंसर के रोगी को नहीं देना चाहिए। फिर ये टैंकर भी कभी-कभी नहीं आता है तो हम बड़ी मुश्किल से आसपास के घरों से पानी उपलब्ध कर पाते हैं। हमारी एक और मुश्किल है कि हम किसी काम से थोड़े समय के लिए फुटपाथ की वह जगह छोड़ कर जाते हैं जहां हम रहते हैं तो लौटकर पाते हैं कि उस हिस्से पर किसी और ने कब्जा कर लिया है। ऐसी हालत में हमें रात बैठे-बैठे गुजारनी पड़ती है। आप कल्पना कर सकते हैं कि कैसे कैंसर का पेशेंट पूरी रात बैठे-बैठे गुजारता है। हम पर कभी चोर लुटेरे भी हमला करते हैं। एक महिला बताती है कि एक चोर मेरे पति का मोबाइल चुरा कर ले गया। जब हमने पुलिस वालों से इसकी शिकायत की तो पुलिस का कहना था कि तुम फुटपाथ पर सोते ही क्यों हो।

एल एस हरदेनिया 
अंजना देवी इस रिपोर्टर को बताती हैं कि मैं 2 महीनों से इंतजार कर रही हूँ कि अस्पताल में मेरा नंबर लगेगा। रोज जाती हूँ पर खाली हाथ वापिस आती हूँ। अंततः मेरा ऑपरेशन हो पाया है। मैं थायराईड कैंसर से पीड़ित हूँ। परंतु दवाईयों के अभाव में रोग से निवारण भी नहीं पा रहे हैं। हमें बताया गया कि एम्स अस्पताल के पास 3 धर्मशालाएँ हैं परंतु वे हमेशा भरी रहती हैं। तीनों धर्मशालाओं के साथ कुछ गेस्टहाउस भी हैं। इनका किराया 20 रूपए से लेकर 300 रूपए तक है। जब हमारे लिए खाना भी दूभर है और दवाईयां तो दूभर हैं ही। रिपोर्टर की मुलाकात एक माँ से होती है जिसका 12 साल का बच्चा है। उसे इतनी जोर से बुखार आता है कि उसके पूरे शरीर में बार-बार गीला कपड़े लगाना पड़ता है। कपड़े को भिगोने के लिए पानी की उपलब्धता भी बड़ी मुश्किल से हो पाती है। रिपोर्टर की मुलाकात रामविलास राम नामक व्यक्ति से होती है। वे बताते हैं कि उनके बच्चे को ट्यूमर निकल गया है। हमने पहले उसका पटना में इलाज करवाया। वहां उसका ऑपरेशन भी हो गया परंतु दो महीनों के बाद वह फिर उसी रोग से पीड़ित हो गया है। फिर हम उसे लेकर दिल्ली आए हैं। 

इन रोगियों में कई ऐसे भी हैं जो रात में दिल्ली के मेट्रो की सीढ़ियों पर रात गुजारते हैं क्योंकि रात में ये सीढ़ियाँ ठंडी रहती हैं और रात में मेट्रो भी नहीं चलती हैं। हमें अपने राज्यों में, शहरों में, गाँवों में इलाज उपलब्ध नहीं रहता है इसलिए हमें दिल्ली आना पड़ता है और अपने मरीजों के साथ हम लगभग भिखारी से भी बदतर जीवन बिताते हैं।

----एल.एस. हरदेनिया मो. 9425301582

Thursday, March 14, 2024

प्रताप कालेज लुधियाना की तरफ से मीडिया निमंत्रण

Thursday 14th March 2024 at 10:29 AM

16 मार्च को हो रहा है कालेज में विशेष राष्ट्रीय सेमिनार 

लुधियाना: 14 मार्च 2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//मीडिया स्क्रीन Online डेस्क)::

प्रताप कॉलेज ऑफ एजुकेशन, लुधियाना की तरफ से 16 मार्च 2024 को डिजिटल सोसाइटी में शिक्षक शिक्षा की क्षमता को अनलॉक करने पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करने जा रहा है। यह आयोजन आईपीडीए इंडिया और आईक्यूएसी, प्रताप कॉलेज ऑफ एजुकेशन, लुधियाना द्वारा कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल (सीडीसी), पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है रहा है। 

इस ख़ास आयोजन के उद्घाटन का कार्यक्रम सुबह 10 बजे कॉलेज सभागार में होगा। डॉ. दिलप्रीत सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक, सीएसआईआर-सेंट्रल मैकेनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, लुधियाना इस सेमिनार के मुख्य वक्ता होंगे।

मीडिया क्षेत्र की कवरेज वाले करने वाले सभी पत्रकारों को सेमिनार में सादर आमंत्रित  किया गया है। इस मौके पर इस राष्ट्रीय सेमिनार की कवरेज के इच्छुक सभी पत्रकार अपने फोटोग्राफरों और संवाददाताओं को समय रहते नियुक्त कर लें। 

Tuesday, February 27, 2024

निमंत्रण पत्र 28 फरवरी को किसान भवन में पत्रकार सम्मेलन

Tuesday 27 February 2024 at 5:00 PM

 पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष हरचंद सिंह बरसट करेंगे मीडिया से बात 

 साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर): 28 फरवरी 2024: (मीडिया लिंक//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन डेस्क)::

पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष हरचंद सिंह बरसट द्वारा 28 फरवरी 2024 को दोपहर 12:30 बजे किसान भवन, सेक्टर 35, चंडीगढ़ में महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है। आज के हालात में इस पत्रकार सम्मेलन में बहुत सी अर्थपूर्ण और महत्व की बातें और उनकी चर्चा सम्भव है। समय पर पहुंचना फायदेमंद ही रहेगा। 

कृपया इसे कवर करने और दोपहर के भोजन में शामिल होने के लिए अपने समाचार पत्र/समाचार चैनल के पत्रकार और कैमरामैन को भेजने का कष्ट करें। 

गौरतलब है की श्री बरसट को फरवरी 2023 में एक वर्ष पूर्व पंजाब मंडी बोर्ड का  अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। पदभार संभालने के बाद उन्होंने जहां मंडी बोर्ड के कार्य तूफानी  शुरू किए वहीं आमआदमी पार्टी की पंजाब में और मज़बूती के लिए भी सक्रिय हो कर बहुत से कार्य किए। उन्हें पंजाब में "आप" के स्तंभों में से एक माना जाता है। 

इस आयोजन के लिए अधिकृत इसी विभाग से आया है और सबंधित अधिकारी हैं:

निवेदन-अधीक्षक (प्रचार), 

पंजाब मंडी बोर्ड,

साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर 

Tuesday, January 30, 2024

सुनो!! वो जीत गए.. मगर मैं नही हारा !

आखिर हारकर....मेरी समाधि पर सर झुकाए खड़े हो जाते हो


जन मीडिया की दुनिया से: 30 जनवरी 2024: (मीडिया लिंक रविंद्र//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन)::

यह सच है कि शरीर तो नश्वर ही होता है इसकी हत्या की जा सकती है, किन अमरता इससे भी बढ़ा सच है। हत्या कर के भी कुछ लोगों को कभी मिटाया नहीं जा सका। आज जब असहनशीलता फिर ज़ोरों पर है। आज फिर अमरता की चर्चा आवश्यक लग रही है।  उनकी अमरता जिन शख्सियतों की जान ले कर भी उन्हें मारा नहीं जा सका। ऐसी ही अनुभूति की अभिव्यक्ति इस पोस्ट में भी है। इसमें काव्य का रंग भी है, फलसफे का रंग भी और  का ज़मीन के पाताल जैसी गहराई का भी और आसमानों की ऊंचाई का भी। मनीष सिंह उनका लोकप्रिय नाम है लेकिन आजकल वह स्वयं को रिबोर्न मनीष भी कहते हैं। वैसे थोडा समझने की बात है--ज्ञान और अनुभव के बाद एक तरह से पुनर्जन्म ही तो होते है। इंसान पहले कहां रह जाता है! मनीष लम्बे समय से बहुत कुछ ऐसा लिख रहे हैं जो आपको ऐसा ज्ञान देता है जिसे सहेजना और याद रखना फायदे में ही होगा। गांधी जी की पुण्य तिथि आज ही थी 30 जनवरी का दिन बहुत कुछ याद दिलाता है। आज़ादी के कुछ ही महीनों बाद चढ़े पहले साल 1948 की 30 जनवरी। उस दुःखद दिन पर इस विशेष पोस्ट का खास महत्व है:-रेक्टर कथूरिया 

सुनो!! कान खोलकर...॥

मोहन पैदा हुआ था, मोहन ही मरा हूँ। 

महात्मा तुम्हारे बापों और दादो ने जबरन बना दिया। मुझे ना महात्मा बनना था, न राष्ट्रपिता

न राष्ट्रपति, न प्रधानमंत्री ..। 

लेखक-मनीष सिंह 

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हां, तुम्हारे बड़े बूढों ने जो प्यार दिया था। जब वो "बापू" कहते तो बड़ा भला लगता। 

लगता.. सब मेरे बच्चे हैं, मेरी जिम्मेदारी हैं। जब सारा देश ही बापू कहने लगा, तो किसी ने उत्साह में राष्ट्रपिता कह डाला। मगर मैं तो मोहन था, मोहन ही रहा। 

सुनो!! तुम्हारे बड़े बूढ़े मुझे नेता कहते थे। मगर मैने कोई चुनाव नही लड़ा, चुनावी तकरीर नही की। 

कोई वादा नही किया, कोई सब्सिडी नही बांटी। मैं तो घूमता था, दोनो हाथ पसारे..  मांगता था बस प्रेम, शांति और एकता। 

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बहुतों ने दिया, तो कुछ ने इन बढ़े हुए हाथों को झटक भी दिया। उन्हें इस फकीर से डर लगता था। प्रेम से डर लगता था, शांति से डर लगता था.. एकता से डर लगता था।

उन्होंने लोगो को समझाया- 

नफरत करो.. तुम एक नही हो, ना कभी हो सकते हो। शांति झूठी है। लड़ो, आगे बढ़ो। मार डालो। जीत जाओ।

सुनो!! वो जीत गए। 

मुझे मार डाला। 

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और टुकड़े कर दिए ...हिन्दुओ के, मुसलमानों के, देश के.. दिलो के।

और वो जीतते गए है। 

साल दर साल, इंच इंच, कतरा कतरा.. धर्म का नाम लेकर, जाति की बात करके, गौरव का नशा पिलाकर वो तुम्हे मदहोश करते गए। वो जीत गए। 

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सुनो!! वो जीत गए.. मगर मैं नही हारा। 

मैं यहीं हूँ.. इस मिट्टी में घुला हुआ। वो रोज तुम्हे एक नया नशा देते है, और नशा फटते ही मैं याद आता हूँ। 

मैं तुम्हारी जागती आंखों का दुःस्वप्न हूँ। तुम हुंकार कर मुझे नकारते हो, उस नकार में ही स्वीकारते हो।

तुम्हें यकीन ही नही होता कि मैं मर चुका हूँ, तो सहमकर फिर से गोलियां चलाते हो। बार बार कब्र खोदते हो, फिर लेटकर देखते हो। कब्र छोटी पड़ती है, और खोदते हो। 

थक जाते हो, आखिर हारकर  .. मेरी समाधि पर सर झुकाए खड़े हो जाते हो। 

●●

तो सुनो ,कान खोलकर। न तो तुम्हारी इज्जत से महात्मा बना था, न तुम्हारी इज्जत से कोई महात्मा बन सकता है। 

असल तो ये है, जिसे तुम्हारी इज्जत हासिल हो.. वो महात्मा हो ही नही सकता।

तो मोहन की ये बात कान खोल कर सुन लो। तुमको, और तुम्हारे बाप को पीले चावल भेजकर राजघाट नही बुलाता। 

श्रद्धा से भरी अंजुली न हो, तो श्रद्धांजली लेकर आना भी मत। मोहनदास करमचंद गांधी का नाम ...

तुम्हारी इज्जत का मोहताज नही है।

मनीष जी से आप यहां क्लिक करके भी मिल सकते हैं और यहां क्लिक करके भी--आपको हर बार मिलेगा कुछ ऐसा जो आपको सोचने को मजबूर ज़रुर करेगा....  उनकी पोस्ट बिना  या  सही गलत का फैसला आप पर ही  देगी।  

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Wednesday, January 3, 2024

पत्रकारों की मांगों के लिए सामने आया यूनिवर्सल प्रेस क्लब

चार जनवरी को बुलाई विशेष बैठक लुधियाना में 

डा. डी.पी. खोसला, हरि सिंह और संदीप शर्मा हुए सक्रिय 

लुधियाना: 3 जनवरी 2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन)::

आज के इस आधुनिक युग में सर्वाधिक शोषण मीडिया वालों का ही हो रहा है। पत्रकार संगठन और मीडिया संस्थानों के संचालक स्वयं तो किसी राजनीतिक दल के नेता से जुड़े होते हैं और आम दूसरे पत्रकारों से कहते हैं कि सियासत से ऊपर उठ कर काम करो। किसी बड़े सनसनीखेज़ खुलासे पर जब किसी पत्रकार पर दबाव पड़ता है तो उसका साथ देने वाले लोग बहुत कम रह जाते हैं। 

 मीडिया की हालत बेहद दयनीय है। स्थिति यह है कि देश भर के सभी पत्रकारों को न कोई सुनिश्चित वेतन, न पेंशन और  ज़रूरत पड़ने पर न ही कोई मेडिकल सहायता। पंजाब में पत्रकारों को निशुल्क बस सफर का एलान कई मुख्यमंत्रियों ने किया लेकिन आज तक लागू नहीं हो सका। एक्रिडिशन  की सुविधा बहुत कम लोगों को ही मिल पाई। आयुर स्वास्थ्य बीमा सुविधा भी बहुत कम लोगों तक पहुंच पाई। समाज  के लिए दिन रात एक कर के काम करने वाले कलम के इन मज़दूरों के लिए जीवन के लिए आवश्यक सुविधाओं का अभी भी बहुत बड़ी संख्या में अभाव है। खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में यूनिवर्सल प्रेस क्लब ने मीडिया कर्मियों के लिए ज़ोरदार आवाज़ उठाई है। इस संबंध में मिली एक  जरूरी सूचना में बताया गया है कि इन मुद्दों और मांगों पर विशेष बैठक चार जनवरी को बाद दोपहर तीन बजे हो रही है। इस बैठक में  होगी पत्रकारों से संबंधित मुद्दों और समस्याओ की विस्तृत चर्चा बिना किसी भेदभाव के और बिना किसी लिहाज़ के। अच्छा हो कि अगर आप भी  पत्रकारिता से जुड़े हैं तो इस आवाज़ में अपनी आवाज़ को भी स्वयं पहुँच कर शामिल कीजिए। अगर आपके साथ कुछ बेइंसाफी हुई है तो क्लब आपका साथ देगा पूरी दृढ़ता के साथ। 

यूनिवर्सल प्रेस क्लब (रजि:) पंजाब की ओर से  सभी आदरणीय पत्रकारों, छायाकारो तथा प्रेस कैमरामेनो को सूचित किया जाता है कि प्रेस क्लब की जनरलबॉडी की मीटिंग 4 जनवरी 2024 दिन गुरुवार बाद दोपहर समय 3:00 बजे  नगर निगम ए जोन (कार्यालय नगर निगम कर्मचारी संघ) बहुमंजिला पार्किंग के पीछे रखी गई है आप सभी समय पर पहुंचने की कृपा करें और अपने अपने साथ पत्रकारों को भी साथ लेकर आए कम से कम दो-दो मेंबर तो अवश्य होने चाहिए। धन्यवाद। 

इन्हें के संघर्ष  को मार्गदर्शन देने वालों में डॉ. डी.पी. खोसला अध्यक्ष भी उपलब्ध रहेंगे। हरि सिंह महासचिव भी इस बैठक में विशेष एलान करेंगे और करवाएंगे। इसकी सफलता के लिए क्लब की सचिव मैडम संदीप शर्मा भी पूरी तरह से सक्रिय है। पी आर ओ रिंकू भी सबसे सम्पर्क रखेंगे। 

सम्पर्क के लिए नंबर डायल कर सकते हैं-7986656077

उम्मीद है यह संगठन पत्रकारों की बहुत सी मांगें मनवाने में सफल रहेगा।   

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Saturday, December 30, 2023

श्री राम जी के भव्य मंदिर के लिए अक्षित कलश यात्रा

Saturday 30th December 2023 at 2019 

मोहाली के वेव एस्टेट वाले फव्वारा चौंक में होगा विशेष आयोजन 

मोहाली: 30 दिसंबर 2023: (कार्तिका कल्याणी सिंह//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन):: 

श्री अयोध्या में बनने वाले भगवान श्री राम जी के भव्य मंदिर को लेकर आध्यात्मिक माहौल में तेज़ी आ रही है। अस्सी के दशक की तरह फिर से सारा पर्यावरण राम-मय होता जा रहा है। इस राम मंदिर की भव्यता के साथ साथ आस्था तेई से बढ़ रही है। लोग इस मकसद के लिए पूजा अर्चना और के लिए तेज़ी से आगे बढ़ कर आ रहे हैं। इसी सिलसिले में के विशेष आयोजन रविवार को रखा गया है। मोहाली में अक्षित कलश यात्रा की सफलता के लिए लोग पूरी तरह से उत्साहित हैं। इस मौके पर मीडिया, लेखन और फोटोग्राफी से जुड़े लोगों के लिए भी विशेष निमंत्रण है। इस अवसर पर रचा जाने वाला लेखन और शायरी इत्यादि विशेष इतिहास रचा जा रहा है जिसकी कदर और कीमत आने वाले निकट भविष्य में महसूस होगी। 

जो इस दिव्य आयोजन के अहसासों की अनुभूति सहेजना चाहते हैं उन सभी को सूचित किया जाता है कि 31 दिसंबर 2023 दिन रविवार को मोहाली के वेव एस्टेट सैक्टर 85 एवं 99 के निवासीओ द्वारा वेव एस्टेट के फुवहारा चौक में सुबह 11:00 से 1:00 बजे तक किया जाएगा। आप सभी मीडिया वाले साथी सहयोगी इस कार्यक्रम की ऐतिहासिक कवरेज हेतु सादर आमंत्रित हैं। कृपया समय पर पहुँच कर कार्यक्रम की कवरेज करने की कृपालता करें। इसे मिस करने की गलती मत करें। 

आवश्यकता पड़ने पर भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश मीडिया सचिव हरदेव सिंह उभ्भा उपलब्ध रहेंगे ही। इन पलों को अपनी कलम और कैमरे में सहेजने वाले लोगों को मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन की तरफ से  भी विशेष तौर पर उत्साहित किया जाएगा। 

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नव वर्ष पर पंजाब मंडी बोर्ड में विशेष आयोजन

Saturday 30th December 2023 at 12:59 PM

     पहली जनवरी को डाला जाएगा भोग    

मोहाली: 30 दिसंबर 2023: (कार्तिका कल्याणी सिंह//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन)::

एक ऐतिहासिक वर्ष 2023 हमें बहुत से अनुभव दे कर जा रहा है। आने वाला नया वर्ष 2024 आ रहा है। समय की इस वार्षिक तबदीली के इन तीन दिनों में जो लोग और संगठन पूजा पाठ को आवश्यक कर्तव्य समझते हुए धर्मकर्म की  तरफ ध्यान दे रहे हैं उनमें पंजाब मंडी बोर्ड भी एक है। नव वर्ष के अवसर पर पंजाब मंडी कार्यालय में श्री अखंड पाठ साहिब का आयोजन 

पंजाब मंडी बोर्ड के समस्त कर्मचारियों की तरफ से नव वर्ष का स्वागत रूहानियत के अंदाज़ में किया जा रहा है। आज शनिवार 30 दिसंबर को सुबह साढ़े दस बजे शुभारंभ किया गया। इस अखंड पाठ का भोग पहली जनवरी 2024 दिन सोमवार को सुबह 10:15 बजे डाला जाएगा ,नव वर्ष के लिए शुभकामनाओं की यह अरदास पंजाब मंडी बोर्ड के मुख्य कार्यालय पंजाब मंडी भवन में होगी। यह कार्यालय साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर के सेक्टर 65 में स्थित है। पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट और उनकी टीम के अन्य वरिष्ठ लोग भी इस शुभ अवसर पर गुरु की हज़ूरी में हाज़िर रहेंगे। 

गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने इसी वर्ष फरवरी के पहले सप्ताह में  जब छह बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष और सात बाजार समितियों के प्रमुख नियुक्त किए थे तो उनमें हरचंद सिंह बरसट का नाम भी शामिल रहा। उन्होंने करीब तीन सप्ताह बाद फरवरी के आखिरी दिनों में अपना यह पद संभाल भी लिया था। 

श्री बरसट आम आदमी पार्टी के राज्य महासचिव भी हैं और पंजाब सरकार की साख को अधिक बेहतर बनाने के लिए अक्सर सक्रिय भी रहते हैं। इसके साथ ही वह धार्मिक मामलों में भी अपना योगदान देते रहते हैं। 

उन्होंने ने शहीदी सप्ताह के अवसर पर दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी, माता गुजरी जी और चार साहिबजादों के अतुलनीय बलिदान को नमन किया। सोमवार को पार्टी कार्यालय से जारी बयान में ‘आप’ नेता ने कहा कि दसवें गुरु और उनके पूरे परिवार ने मानवता और धर्म की रक्षा के लिए अपनी कुर्बानी दी और पूरी दुनिया के लिए मिसाल कायम की।

अब वह नववर्ष के अवसर पर भी नए साल को सुस्वागतम कहने के लिए श्री अखंड पाठ का आयोजन करा रहे हैं। इसमें शामिल होने का निमंत्रण सभी को दिया गया है। 

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Friday, March 31, 2023

टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र में स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन

प्रविष्टि तिथि: 31 मार्च 2023 5:25 PM by PIB Delhi

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने प्रोत्साहन के लिए सिफारिशें जारी कीं

नई दिल्ली:31 मार्च 2023: (पीआईबी//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन//)::

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने आज "टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र में स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन प्रदान करने" के बारे में अपनी सिफारिशें जारी की हैं।

भारतीय प्रसारण क्षेत्र का डिजिटलीकरण 2012 में शुरू हुआ और मार्च 2017 तक यह काम देश भर में पूरा हो गया। इसने मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय विनिर्माताओं के विकास के लिए एक अनूठा अवसर प्रदान किया। सरकार ने 'मेक इन इंडिया' और 'डिजिटल इंडिया' जैसी पहलें शुरू की हैं और भारत को एक वैश्विक डिजाइन और विनिर्माण केंद्र में परिवर्तित करने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है।

उपकरण विनिर्माण क्षेत्र में भारत की वास्तविक क्षमता का उचित रूप से आकलन करने और सरकार को सिफारिशों पर पहुंचने के उद्देश्य से प्राधिकरण ने भारतीय प्रसारण उपकरण विनिर्माण क्षेत्र को आयात-निर्भर क्षेत्र से स्वदेशी विनिर्माण के वैश्विक केंद्र में परिवर्तित करने के लिए सक्षम बनाया है। प्राधिकरण ने स्वत: संज्ञान लेकर सभी हितधारकों की टिप्पणी प्राप्त करने के लिए 22-12-2021 को "टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र में स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन प्रदान करना" के बारे में एक परामर्श पत्र जारी किया था।

टिप्पणियाँ प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 19-01-2022 और उनके बारे में यदि कोई जवाबी-टिप्पणियाँ प्राप्त करने की तिथि 02-02-2022 तक थी, जिसे हितधारक के अनुरोध पर क्रमशः 09-02-2022 और 23-02-2022 तक बढ़ाया गया था। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण को हितधारकों से 16 टिप्पणियाँ और 01 जवाबी-टिप्पणी प्राप्त हुईं, जो भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इस संबंध में दिनांक 28-04-2022 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ओपन हाउस डिस्कशन भी आयोजित किया गया।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने परामर्श प्रक्रिया के दौरान हितधारकों से प्राप्त सभी टिप्पणियों और मुद्दों के आगे के विश्लेषण पर विचार करने के बाद नीचे दी गई अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप दिया है:

ए-उभरती प्रौद्योगिकियों और सम्मिलन के युग के सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित करने और प्रसारण उपकरणों के लिए एक इको-सिस्टम बनाने का लक्ष्य रखने की आवश्यकता है। प्रसारण उपकरणों के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं या प्रसारण उपकरणों पर भी ध्यान केंद्रित करने के लिए मौजूदा उत्कृष्टता केंद्रों का उन्नयन किया जा सकता है।

बी-टेलीकॉम निर्यात संवर्धन समिति (टीईपीसी) या कुछ इसी तरह के संगठन को स्थानीय रूप से निर्मित प्रसारण उपकरणों के निर्यात को प्रोत्साहन प्रदान करने और सुविधा प्रदान करने के लिए सक्षम करना चाहिए।

सी-दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी), दूरसंचार विभाग को सभी प्रसारण उपकरणों के परीक्षण और मानकीकरण के लिए अनिवार्य किया जाना चाहिए।

डी-सी-डॉट जैसे सार्वजनिक क्षेत्र में मौजूदा अनुसंधान एवं विकास केंद्रों को मजबूत करना। सार्वजनिक-निजी भागेदारी (पीपीपी) के माध्यम से उद्योग जगत की भागीदारी के साथ-साथ स्थानीय अनुसंधान एवं विकास ईकोसिस्टम का विकास करना चाहिये। प्रसारण क्षेत्र के लिए स्थानीय उत्पादों/प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान एवं विकास और विकास को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए 'प्रौद्योगिकी विकास कोष' बनाया जाना चाहिए। स्थानीय सीएएस के उपयोग को प्रोत्साहित करना, अनुसंधान और विकास और मानकीकरण को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए ऐसे उपायों के परिणामों की समीक्षा करना चाहिए।

ई- स्थानीय अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से विकसित उत्पादों के लिए गो टू मार्केट रणनीति भी अपनाई जानी चाहिए। 

एफ- लीनियर सेट-टॉप बॉक्स को उत्पादन से संबद्ध प्रोत्साहन-पीएलआई योजना के अंतर्गत शामिल किया जाना चाहिए।

जी- चिपसेट सहित प्रसारण उपकरण के लिए आवश्यक स्वदेशी घटकों की उपलब्धता की समय-समय पर समीक्षा की जानी चाहिए। उत्पादन से संबद्ध प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत स्थानीयकरण स्तर निर्धारित करते समय स्थानीय घटकों की उपलब्धता को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उत्पादन से संबद्ध प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक निवेश परिव्यय की समीक्षा सूक्ष्म, लघु और माध्यम उद्यम (एमएसएमई) द्वारा समय-समय पर पहचाने जा सकने वाले कुछ चयनित उपकरणों के लिए विनिर्माण को प्रोत्साहन प्रदान करने के दृष्टिकोण से की जानी चाहिए।

एच- सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम की तर्ज पर टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र के अन्य प्रासंगिक घटकों के स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन प्रदान करना चाहिए। स्थानीय रूप से प्राप्त घटकों/सेवाओं के प्रतिशत के संदर्भ में टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र में विभिन्न उपकरण श्रेणियों के लिए 'स्थानीय विनिर्माण' के दायरे को परिभाषित किया जाना चाहिए।

जे- टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र में स्थानीय विनिर्माण पर उनके प्रभाव के संबंध में मुक्त व्यापार समझौता-एफटीए और ऐसे समझौतों की समीक्षा की जानी चाहिए।

सिफारिशों के बारे में पूरी जानकारी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की वेबसाइट www.trai.gov.in पर उपलब्ध है।

**** एमजी/एमएस/एआर/एमकेएस/डीके//(रिलीज़ आईडी: 1912672) 

Thursday, March 23, 2023

पत्रकारिता बचाओ दिवस के मौके पर हुआ विशेष आयोजन

Thursday 23rd March 2023 at 07:55 PM

पत्रकारिता को दरपेश चुनौतियों और खतरों की हुई चर्चा 


चण्डीगढ
23 मार्च 2023: (कार्तिका सिंह//मीडिया स्क्रीन डेस्क)::

पत्रकारिता का ग्लैमर भी बढ़ा है लेकिन खतरे अभी भी कम नहीं हुए। पत्रकारिता पर नज़र आने वाले स्पष्ट हमले भी बढ़े हैं और छुपे हुए सूक्ष्म हमले भी तेज़ हुए हैं। इन सभी खतरों को लेकर जागरूक पत्रकारों के संगठन चिंतित हैं। इसका अहसास आज के आयोजनों से हुआ जो देश भर में किए गए थे। 

चंडीगढ़ के सेक्टर 17 में स्थित प्लाज़ा मार्किट में आज मीडिया की चहल पहल रही। मौका था शहीदी दिवस का और आव्हान था पत्रकारिता बचाओ दिवस मनाने का।  बहुत से पत्रकारों ने आज इस आश्य के संकल्प भी लिए। चंडीगढ़ एंड हरियाणा जर्नलिस्ट यूनियन (रजि.) द्वारा इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन के आह्वान पर देश के महान शहीदों के बलिदान दिवस पर आज पत्रकारिता बचाओ (सेव जर्नलिज्म) दिवस मनाया। इस मौके पर और चंडीगढ़ के सेक्टर 17 स्थितप्लाज़ा मार्कीट ग्राउंड में ही में पत्रकारों की मांगों को लेकर धरना दिया गया और प्रदर्शन भी  किया गया। इस अवसर पर पंजाब व चंडीगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के सदस्य व पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। सीएचजेयू ने पत्रकारिता पर निरंतर बढ़ रहे संकट पर चिंता जताते हुए सरकार से पत्रकारों की मांगों को तुरंत पूरा करने की मांग भी की।

आज की इस बैठक में चंडीगढ़ एंड हरियाणा जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष राम सिंह बराड़, प्रदेश महासचिव सुरेंद्र गोयल, ललित धीमान, सतीश शर्मा, अख्तर फारूखी, रंजना शुक्ला, प्रवीण कुमार, कमलजीत सिंह, अजीत सिंह व इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव बलविंदर जम्मू, पीसीजेयू के प्रदेशाध्यक्ष बलबीर सिंह जंडू, बिंदु सिंह, जय सिंह छिब्बर,त्रिलोचन सिंह सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे। यूनियन के नेताओं ने शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरू व सुखदेव को श्रद्धांजलि देते हुुए कहा कि शहीदे आजम भगत सिंह खूद एक पत्रकार थे और उनका जीवन हमेशा पत्रकारों को प्रेरणा देता रहेगा। इस बैठक के अवसर पर शहीदे आज़म भगत सिंह को एक पत्रकार के तौर पर भी याद किया गया। गौरतलब है कि उस समय की पत्रकारिता आज भी एक उदाहरण के तौर पर याद की जाती है। 

पत्रकारिता बचाओ दिवस मनाने के मकसद से बुलाई गई इस बैठक को संबोधित करते हुए आईजेयू के राष्ट्रीय महासचिव बलविंदर सिंह जम्मू ने कहा कि पत्रकारों की जायज मांगों की पिछले काफी समय से निरंतर अनदेखी हो रही है। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि पत्रकारों को कोरोना काल से पहले रेल यात्रा दौरान रियायती दरों पर यात्रा सुविधा मिलती रही है, जिसे कोरोना काल के दौरान अस्थाई तौर पर बंद किया गया था, लेकिन अब हालात सामान्य होने के बावजूद भी उसे अभी बहाल नहीं किया गया। इसे तुरंत बहाल किया जाए। पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र व राज्य स्तर पर पत्रकार संरक्षण कानून बनाए जाएं, ताकि पत्रकार अपना कर्तव्य बिना किसी दबाव व भय के पूरा कर सकें। प्रेस परिषद के स्थान पर मीडिया परिषद का गठन किया जाए और उसमें राष्ट्रीय स्तर की तमाम यूनियनों व संगठनों को प्रतिनिधित्व दिया जाए। राष्ट्रीय स्तर की सभी यूनियनों व संगठनों को केंद्रीय मीडिया एक्रीडियेशन कमेटी व राज्य एक्रीडियेशन कमेटियों में प्रतिनिधित्व बहाल किया जाए। इससे मीडिया कर्मियों की मुश्किलें कुछ आसान हो सकेंगी। 

पत्रकारिता को दरपेश चुनौतियों की भी विस्तृत चर्चा हुई और मीडिया नेताओं ने कहा कि पत्रकारों पर देश भर में विभिन्न स्थानों पर झूठे मामले दर्ज करना बंद किया जाए। पत्रकारों को मुख्य धारा के कोरोना योद्वा मानते हुए कोरोना काल में मारे गए सभी पत्रकारों के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता दी जाए। 

इसके साथ ही पीआईबी एक्रीडियेशन रूलज में से गैर जरूरी व पक्षपाती नियम व शर्तें हटाई जाएं। उन्होंने कहा कि देशभर में एक ऐसा माहौल कायम किया जाए, जिससे पत्रकार स्वतंत्रता के साथ निष्पक्ष होकर अपना कर्तव्य निभा सके। 

इन मांगों और चुनौतियों की चर्चा करते हुए बलविंदर सिंह जम्मू ने कहा कि आज प्रैस की स्वतंत्रता कसौटी पर लगी हुई है और भारतीय मीडिया दुनिया भर में 150वें स्थान पर पंहुच गया है। सीएचजेयू अध्यक्ष राम सिंह बराड़ ने कहा कि चंडीगढ़ एंड हरियाणा जर्नलिस्ट यूनियन ने काफी समय पहले यूनियन ने प्रदेश सरकार को पत्रकारों की मांगों बारे ज्ञापन सौंपे थे, लेकिन अभी तक उन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। पत्रकारों की जायज मांगों को तुरंत स्वीकार करके सरकार उन्हें राहत प्रदान करे।