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Monday, August 16, 2021

दूरदर्शन ने "रग रग में गंगा" की दूसरी श्रृंखला का शुभारंभ किया

प्रविष्टि तिथि: 16 AUG 2021 6:32PM by PIB Delhi

 ‘रग रग में गंगा’की पहली श्रृंखला को 1.75 करोड़ लोगों ने देखा था 


नई दिल्ली
: 16 अगस्त 2021: (पीआईबी//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन)::

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने आज केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत और केंद्रीय जल शक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल के साथ सफल यात्रा-वृत्तांत कार्यक्रम, ‘रग रग में गंगा’की दूसरी श्रृंखला का अनावरण किया।

इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि दूसरी श्रृंखला का शुभारंभ ही अपने आप में पहली श्रृंखला की सफलता का पैमाना है, जिसे लगभग 1.75 करोड़ दर्शकों ने देखा था। मंत्री ने कार्यक्रम की टीम को बधाई दी और कहा कि दूसरी श्रृंखला से उम्मीदें अधिक हैं; यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जनभागीदारी से जन आंदोलन तक का एक प्रयास है।

गंगा के कायाकल्प में योगदान देने के लिए लोगों को आमंत्रित करते हुए मंत्री ने कहा कि गंगा का सभी भारतीयों के साथ भावनात्मक जुड़ाव है। भारतीयों के साथ गंगा का आध्यात्मिक संबंध होने के साथ-साथ इसका बहुत बड़ा आर्थिक महत्व भी है। मंत्री ने ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव की चर्चा करते हुए कहा कि आज की जलवायु चुनौतियों से निपटने के प्रयासों में बच्चों को भागीदार बनाया जाना चाहिए।         

मंत्री महोदय ने कहा कि अगले तीन-चार साल में दूरदर्शन सबसे अधिक देखा जाने वाला चैनल बन जाएगा। उन्होंने कहा कि चैनल दूरदर्शन के दर्शकों की संख्या को बढ़ाने के लिए उचित सामग्री का निर्माण करेगा।

श्री ठाकुर ने आज़ादी के अमृत महोत्सव से शताब्दी समारोह तक के लिए विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के तहत किए जा रहे प्रयासों में भाग लेने के लिए लोगों को आमंत्रित करते हुए, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान को दोहराया।

रग रग में गंगा यात्रा-वृत्तांत की दूसरी श्रृंखला में इस महान नदी के सांस्कृतिक, पौराणिक, ऐतिहासिक और सामाजिक-आर्थिक विवरणों को शामिल किया जाएगा तथा यह निर्मलता व अविरलता के विषय पर केंद्रित होगा। यात्रा वृत्तांत एनएमसीजी द्वारा गंगा को बचाने के लिए किए जा रहे कार्यों को भी स्थापित करेगा और एनएमसीजी के सहयोग से इसे दूरदर्शन पर एक यात्रा वृत्तांत श्रृंखला 'रग रग में गंगा' के दूसरे सीजन को फिर से लेकर आएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य गंगा नदी की भव्यता और इसके संरक्षण की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करना है। काव्यात्मक रूप से फिल्माई गई श्रृंखला नदी की भव्यता और उसके परिदृश्य को गंगा नदी की आध्यात्मिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक विरासत और इसकी वर्तमान इकोलोजिकल स्थिति का लेखा-जोखा प्रस्तुत करेगी। यात्रा वृत्तांत, जिसमें 26 एपिसोड शामिल हैं, इस कार्यक्रम के एंकर जाने-माने अभिनेता राजीव खंडेलवाल है और 21 अगस्त 2021 से प्रत्येक शनिवार और रविवार को रात 8:30 बजे दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित किया जाएगा।

श्रोताओं को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार तीन साल की छोटी सी अवधि में इतनी लंबी गंगा नदी को दस सबसे अधिक स्वच्छ नदियों में स्थान दिलाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए गए सभी कार्यक्रमों ने अपने लक्ष्यों को समय से पहले हासिल कर लिया है और यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 4 पी के मंत्र - राजनीतिक इच्छाशक्ति, सार्वजनिक खर्च, हितधारकों के साथ साझेदारी और लोगों की भागीदारी का परिणाम है।

श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि रग रग में गंगा की दूसरी श्रृंखला अर्थ-गंगा को समर्पित होगी, जिसने हमारी सभ्यता के विस्तार की नींव रखी। उन्होंने लोगों को अमृत महोत्सव की इस अवधि के दौरान गंगा के प्रति हुई अतीत की भूल को सुधारने के प्रयासों में योगदान देने का संकल्प लेने के लिए आमंत्रित किया।

पृष्ठभूमि:

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) और दूरदर्शन ने गंगा की वर्तमान स्थिति तथा उसके अतीत के गौरव को फिर से जीवंत करने की जरूरत के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करने के लिए आपस में भागीदारी की है।

फरवरी, 2019 में 'रग रग में गंगा', जोकि भारत की सबसे पवित्र नदी- गंगा पर आधारित एक यात्रा वृत्तांत है, का राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर एक प्रमुख कार्यक्रम के रूप में शुभारंभ किया गया था। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) द्वारा शुरू की गई 21-कड़ियों वाली इस श्रृंखला में शक्तिशाली गंगा की 2525 किलोमीटर लंबी यात्रा को उसके उद्गम स्थल गोमुख ग्लेशियर से लेकर गंगासागर, जहां वह बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है, तक कवर किया गया। जाने-माने अभिनेता राजीव खंडेलवाल की उद्घोषणा से लैस इस यात्रा वृत्तांत में गंगा के किनारे बसे सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक महत्व के 20 शहरों को शामिल किया गया था। इस नदी से जुड़े सांस्कृतिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक तथ्यों और इसके किनारे बसे लोगों से जुड़े विवरणों को कवर करने के क्रम में गंगा की सफाई से जुड़े संदेश, इस नदी को साफ रखने में जनता की भागीदारी और इस नदी की सफाई व इसका कायाकल्प करने के लिए एनएमसीजी द्वारा किए जा रहे कार्यों को इस यात्रा वृत्तांत की विषय-वस्तु और प्रारूप के रूप में गुंथकर प्रस्तुत किया गया।

पिछली श्रृंखला गंगासागर में समाप्त हुई थी, जहां गंगा बंगाल की खाड़ी में मिल गई थी। इस श्रृंखला का भाग-दो मुर्शिदाबाद जिले में समाप्त हो सकता है, जहां गंगा भारत को छोड़ती हुई बांग्लादेश में प्रवेश करती है और पद्मा नदी बन जाती है। 26 एपिसोड की इस श्रृंखला में दर्शकों को गंगा को फिर से जीवंत करने की जरूरत और इस नदी द्वारा सदियों से उन्हें दिए गए बहुमूल्य उपहारों के प्रति उनके कर्तव्यों का एहसास कराने से जुड़े कई संदेश अंतर्निहित हैं। व्यापक शोध पर आधारित, यह कार्यक्रम गंगा की स्वच्छता की दिशा में सरकार द्वारा किए गए विभिन्न उपायों के साथ-साथ इस संदर्भ में इसकी वर्तमान स्थिति के बारे में बतायेगा और लोगों से इसके लिए काम करने का आह्वान करेगा।

'रग रग में गंगा-II' में गंभीरता और मनोरंजन का एक संतुलित मिश्रण है। यह श्रृंखला शहरी और ग्रामीण, दोनों इलाके को दर्शकों को गंगा की समृद्ध विरासत का स्वाद लेने के लिए प्रेरित करेगी। 'रग रग में गंगा-I' की अपार लोकप्रियता को देखते हुए, यह उम्मीद की गई है कि अनूठी और उच्च गुणवत्ता वाली यह श्रृंखला एक बार फिर दर्शकों के साथ भावनात्मक तौर पर जुड़ पायेगी। एक यात्रा वृत्तांत होने के साथ-साथ यह श्रृंखला जल संरक्षण और जल स्वच्छता (अविरलता और निर्मलता) के संदेश को फैलाने में भी मदद करेगी, जोकि समय की मांग है।

प्रसारण का समय



Tuesday, March 19, 2013

दूरदर्शन के लिए राजस्‍व अर्जन

19-मार्च-2013 19:11 IST
मुम्‍बई दूरदर्शन के कर्मचारियों द्वारा वाणिज्यिक धारावाहिकों का निर्माण 
सूचना और प्रसारण राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री मनीष ति‍वारी ने राज्‍य सभा में पूछे गए एक प्रश्‍न के लि‍खि‍त उत्‍तर में जानकारी देते हुए बताया कि‍मुंबई दूरदर्शन घरेलू धारावाहिकों का निर्माण कर रहा है जोकि दूरदर्शन के लिए राजस्‍व अर्जन कर सकते हैं। तथापि, मुंबई दूरदर्शन के स्‍टाफ-सदस्‍य बाहर के वाणिज्‍यिक धारावाहिकों पर कार्य नहीं कर रहे हैं। 

उन्‍होंने बताया कि‍जब कभी कोई शिकायत जानकारी में लाई जाती है, तो उसकी जांच प्रसार भारती में एक पूर्णकालिक मुख्‍य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) की अध्‍यक्षता में स्‍थापित सतर्कता प्रकोष्‍ठ द्वारा की जाती है। 

*****वि. कासोटिया/संजीव/राजीव-1463

Tuesday, March 5, 2013

स्‍लॉटों की नीलामी

05-मार्च-2013 19:59 IST
निजी प्रसारकों को 92.05 करोड़ रु.के लिए 37 स्‍लॉटों की नीलामी
सूचना और प्रसारण राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री मनीष तिवारी ने आज लोकसभा में एक प्रश्‍न के लि‍खि‍त उत्‍तर में बताया कि‍ प्रसार भारती ने सूचित किया है कि दूरदर्शन ने अभी तक निजी प्रसारकों को 92.05 करोड़ रु. की कुल राशि के लिए 37 स्‍लॉटों की नीलामी की है। नीलामी के अगले चक्र को अभी निर्धारित किया जाना है। (PIB)
***
मीणा/राजेन्‍द्र /राजीव-1066

Tuesday, December 18, 2012

टी.वी. चैनलों की कमाई

दूरदर्शन का अधिदेश एवं प्रयोजन निजी प्रसारकों से भिन्न
     सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनीष तिवारी ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि प्रसार भारती ने सूचित किया है कि दूरदर्शन के पास दूसरे चैनलों की राजस्व सृजन ब्यौरे जानने के लिए कोई तंत्र नहीं है। इसलिए दूरदर्शन एवं अन्य निजी चैनलों की कमाई के बीच तुलना का प्रश्न नहीं उठता। इसके अतिरिक्त दूरदर्शन एक लोक सेवा प्रसारक है और उसका अधिदेश एवं प्रयोजन निजी प्रसारकों से भिन्न है। निजी प्रसारकों से भिन्न, यह मूलत: राजस्व उत्पादन की नीयत से कार्य नहीं करता बल्कि यह प्रसार भारती अधिनियम में दिए गए अपने अधिदेश को पूरा करने के लिए कार्य करता है। तथापि, दूरदर्शन द्वारा विछले तीन वर्षों के लिए अर्जित की गई आय निम्नानुसार है:-
                                                     (करोड़ रूपए में)
वर्ष
दूरदर्शन द्वारा अर्जित की गई आय
2009-10
828.48
2010-11#
944.44
2011-12#
990.76
2012-13$
578.75
***      (PIB)
मीणा/राजगोपाल/शदीद-6174

लोकसभा में प्रश्न//उत्तर

दूरदर्शन पर आपत्तिजनक सामग्री
सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनीष तिवारी ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि प्रसार भारती ने सूचित किया है कि दूरदर्शन कार्यक्रमों के निर्माण और प्रसारण के लिए अपनी प्रसारण एवं विज्ञापन संहिता का कड़ाई से अनुपालन करता है। अत: दूरदर्शन पर अभद्रता या आपत्तिजनक विषय-वस्तु वाले कार्यक्रमों का प्रसारण नहीं होता है। इस मंत्रालय ने महिला और बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) अथवा गृह मंत्रालय को दूरदर्शन और अन्य चैनलों पर प्रसारित विषय-वस्तु के लिए विद्यमान कानून में संशोधन करने अथवा नई संहिता बनाने के लिए कोई अनुरोध नहीं भेजा है। गृह मंत्रालय ने सूचित किया है कि वर्तमान में उनके पास दूरदर्शन के विभिन्न चैनलों पर प्रसारित किए जाने वाले कार्यक्रमों और विज्ञापनों में अभद्रता/आपत्तिजनक विषय-वस्तु को रोकने के लिए भारतीय दंड संहिता में संशोधन हेतु कोई प्रस्ताव नहीं है। तथापि, महिला और बाल विकास मंत्रालय ने सूचित किया है कि वह दृश्य श्रव्य मीडिया और इलैक्ट्रोनिक फॉर्म की सामग्री को दायरे में लाने के लिए तथा स्त्रियों के अशिष्ट निरूपण (प्रतिषेध) अधिनियम, 1986 में शास्ति संबंधी प्रावधानों को मजबूत बनाने के लिए कानून के दायरे का विस्तार करने के साथ ही कतिपय संशोधन पर विचार कर रहा है जिसे संसद में संशोधन विधेयक के रूप में पुर:स्थापित करने हेतु सरकार द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है। (PIB)  18-दिसंबर-2012 15:55 IST***
मीणा/राजगोपाल/शदीद-6186

टेलीविजन प्रसारणकर्ताओं हेतु आचार-संहिता

पूरे देश में राज्य स्तर और जिला स्तर की मॉनीटरिंग समितियां गठित 
सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनीष तिवारी ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले सभी कार्यक्रमों एवं विज्ञापनों, जिनका प्रसारण/पुन: प्रसारण केबल टीवी नेटवर्क के माध्यम से किया जाता है, को केबल टीवी नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 और उसके अधीन बनाए गए नियमों के अंतर्गत विनिर्धारित पहले से विद्यमान कार्यक्रम और विज्ञापन संहिताओं का अनुपालन करना होता है। 

मंत्रालय ने कार्यक्रम और विज्ञापन संहिताओं के उल्लंघन की जांच के लिए एक अंतर-मंत्रालयीय समिति गठित की है। इस अंतर-मंत्रालयीय समिति में गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, विधि मंत्रालय, महिला व बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, उपभोक्ता मामले मंत्रालय और भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) के प्रतिनिधि होते हैं। अंतर-मंत्रालयीय समिति की बैठकों में उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाती है। सरकार ने भी 24 घंटे निजी सैटेलाइट टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित होने वाली विषय-वस्तु की मॉनीटरिंग के लिए इलेक्ट्रोनिक मीडिया मॉनीटरिंग केन्द्र (ईएमएमसी) की भी स्थापना की है। 

श्री तिवारी ने कहा कि केबल नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधान क्षेत्रीय भाषा चैनलों सहित सभी निजी सैटेलाइट/केबल टीवी चैनलों पर लागू होते हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार ने पूरे देश में राज्य स्तर और जिला स्तर की मॉनीटरिंग समितियां गठित की हैं जो निजी सैटेलाइट/केबल टेलीविजन चैनलों में प्रसारित विषय-वस्तु की मॉनीटरिंग करती है। अभी तक केन्द्रशासित प्रदेशों सहित 21 राज्य स्तरीय मॉनीटरिंग समितियां और 274 जिसा स्तरीय मॉनीटरिंग समितियां देश भर में गठित की जा चुकी हैं। (PIB)
 18-दिसंबर-2012 14:36 IST***
मीणा/राजगोपाल/शदीद-6173