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Friday, January 6, 2023

28 क्षेत्रीय दूरदर्शन चैनल एचडी कार्यक्रम निर्माण में सक्षम होंगे

Posted On: 06 January 2023 at 3:52 PM by PIB Delhi

तेज़ी से फैलेगा आकाशवाणी और दूरदर्शन का दायरा 

बीआईएनडी योजना के तहत एफएम कवरेज का विस्तार 80 प्रतिशत से अधिक आबादी तक

नई दिल्ली: 06 जनवरी 2023: (पीआईबी//मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन)::

भारत सरकार ने सरकारी मीडिया से जुड़े सबसे पुराने संस्थानों आकाशवाणी और दूरदर्शन के विस्तार कार्य की घोषणाएं की हैं। इससे इनका दायरा बहुत ज़्यादा बढ़ जाएगा। ऐसा होने से कवरेज का विस्तार जम्मू-कश्मीर की सीमाओं के साथ 76 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा और भारत-नेपाल सीमा के साथ इसका दायरा 63 प्रतिशत तक विकसित हो जाएगा। 

इस विस्तार को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रसार भारती सुदूर, जनजातीय, एलडब्ल्यूई और सीमावर्ती क्षेत्रों में 8 लाख से अधिक डीडी डीटीएच रिसीवर सेटों का निःशुल्क वितरण भी करेगा। 

कैबिनेट ने 4 जनवरी, 2023 को ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के आधुनिकीकरण, उन्नयन और विस्तार के लिए 2539.61 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ "प्रसारण अवसंरचना नेटवर्क विकास (बीआईएनडी)" योजना को मंजूरी दी। यह योजना 2025-26 तक, अर्थात पांच साल की अवधि के लिए है। इस योजना में आकाशवाणी और दूरदर्शन की प्राथमिक परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें एफएम रेडियो नेटवर्क और मोबाइल टीवी कार्यक्रम निर्माण सुविधाओं के विस्तार और मजबूती पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिनके लिए 950 करोड़ रुपये निर्धारित किये गए हैं। इन परियोजनाओं को फास्ट-ट्रैक मोड पर पूरा किया जाएगा।

इस योजना का उद्देश्य एलडब्ल्यूई, सीमावर्ती और रणनीतिक क्षेत्रों में बेहतर अवसंरचना तैयार करना और सार्वजनिक प्रसारक की पहुंच को बढ़ाना है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दर्शक -  दोनों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का विकास तथा अधिक चैनलों को समायोजित करने के लिए डीटीएच प्लेटफॉर्म की क्षमता के उन्नयन के जरिये विविध सामग्री की उपलब्धता, दर्शकों के लिए उपलब्ध विकल्पों का विस्तार करेगी। योजना का उद्देश्य मुख्य रूप से एलडब्ल्यूई और आकांक्षी जिलों पर ध्यान केंद्रित करते हुए टियर II और टियर-III शहरों में एफएम नेटवर्क का विस्तार करना है।

प्रसार भारती के दो प्रमुख स्तंभों में, आकाशवाणी, देश में 501 आकाशवाणी प्रसारण केंद्रों के माध्यम से 653 आकाशवाणी ट्रांसमीटरों (122 मीडियम वेव, 7 शोर्ट वेव और 524 एफएम ट्रांसमीटर) के साथ विश्व सेवा, पड़ोस सेवाएं, 43 विविध भारती चैनल, 25 रेनबो चैनल और 4 एफएम गोल्ड चैनल की सुविधा देते हुए अपने श्रोताओं को सेवाएं प्रदान करता है।      

दूरदर्शन अपने दर्शकों को 66 दूरदर्शन केंद्रों के माध्यम से 36 डीडी चैनलों का प्रसारण करता है, जो विभिन्न वितरण प्लेटफार्मों, जैसे केबल, डीटीएच, आईपीटीवी "न्यूजऑनएयर" मोबाइल ऐप, विभिन्न यूट्यूब चैनलों और 190+ देशों में वैश्विक उपस्थिति वाले अपने अंतरराष्ट्रीय चैनल डीडी इंडिया के माध्यम से कार्यक्रम प्रसारित करते हैं।

बीआईएनडी योजना के तहत निम्नलिखित प्रमुख गतिविधियों की योजना बनाई गई है

आकाशवाणी

भौगोलिक क्षेत्र और आबादी के हिसाब से देश में एफएम कवरेज को क्रमशः 58.83 प्रतिशत और 68 प्रतिशत से बढ़ाकर 66.29 प्रतिशत और 80.23 प्रतिशत करना।

भारत-नेपाल सीमा पर आकाशवाणी के एफएम के कवरेज को मौजूदा 48.27 प्रतिशत से बढ़ाकर 63.02 प्रतिशत करना।

जम्मू एवं कश्मीर सीमा पर आकाशवाणी के एफएम के कवरेज को 62 प्रतिशत से बढ़ाकर 76 प्रतिशत करना।

30,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करने के लिए रामेश्वरम में 300 मीटर उंचे टावर पर 20 किलोवाट क्षमता का एक एफएम ट्रांसमीटर स्थापित किया जाएगा।

दूरदर्शन

प्रसार भारती के केन्द्रों में नवीनतम प्रसारण एवं स्टूडियो उपकरण स्थापित करके दूरदर्शन और आकाशवाणी के चैनलों को नया स्वरूप देना।

डीडीके विजयवाड़ा और लेह स्थित अर्थ स्टेशनों का 24 घंटे प्रसारण वाले चैनलों के रूप में उन्नयन।

प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समारोह/कार्यक्रमों और वीवीआईपी कवरेज को कवर करने के लिए फ्लाई अवे यूनिटों की शुरुआत।

28 क्षेत्रीय दूरदर्शन चैनलों को हाई-डेफिनिशन प्रोग्राम प्रोडक्शन में सक्षम केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

पूरे दूरदर्शन नेटवर्क में 31 क्षेत्रीय समाचार इकाइयों को कारगर तरीके से समाचार एकत्र करने के लिए नवीनतम उपकरणों के साथ उन्नत एवं आधुनिक बनाया जाएगा।

एचडीटीवी चैनलों को अपलिंक करने हेतु डीडीके गुवाहाटी, शिलांग, आइजोल, ईटानगर, अगरतला, कोहिमा, इंफाल, गंगटोक और पोर्ट ब्लेयर के अर्थ स्टेशनों का उन्नयन और प्रतिस्थापन।

इस योजना की कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं: 

देश के छह लाख वर्गमीटर से अधिक इलाके, मुख्य रूप से श्रेणी- II और श्रेणी - III शहरों, एलडब्ल्यूई और सीमावर्ती इलाकों तथा आकांक्षी जिलों में एफएम कवरेज को बढ़ाने के लिए 100 वाट  क्षमता वाले 100 ट्रांसमीटरों के अलावा 10 किलोवाट एवं उच्च क्षमता के 41 एफएम ट्रांसमीटर।

फ्री डिश की डीडी क्षमता को मौजूदा 116 चैनलों से बढ़ाकर लगभग 250 चैनलों तक पहुंचाना ताकि चैनलों का एक समृद्ध एवं विविध गुलदस्ता निशुल्क उपलब्ध कराया जा सके।

यहां यह बताना प्रासंगिक है कि डीडी फ्री डिश प्रसार भारती का फ्री-टू-एयर डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) प्लेटफॉर्म है, जिसके अनुमानित 4.30 करोड़ कनेक्शन हैं (फिक्की और ई एंड वाई रिपोर्ट 2022 के अनुसार) जो इसे भारत का सबसे बड़ा डीटीएच प्लेटफॉर्म बनाते हैं। डीडी फ्री डिश के दर्शकों को इस प्लेटफॉर्म के चैनल देखने के लिए किसी मासिक या वार्षिक शुल्क का भुगतान करने की जरूरत नहीं है। इस प्लेटफॉर्म के पास 167 टीवी चैनलों का समृद्ध गुलदस्ता है जिसमें 49 दूरदर्शन और संसद चैनल, प्रमुख प्रसारकों के 77 निजी टीवी चैनल (11 जीईसी, 14 मूवी, 21 समाचार, 7 संगीत, 9 क्षेत्रीय, 7 भोजपुरी, 1 खेल, 5 भक्ति चैनल, 3 विदेशी चैनल), 51 शैक्षिक चैनल और 48 रेडियो चैनल शामिल हैं।

आपदा या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में निर्बाध डीटीएच सेवा सुनिश्चित करने के लिए डीडी फ्री डिश डिजास्टर रिकवरी सुविधा की स्थापना।

सहज और कुशल निर्माण एवं प्रसारण के लिए फील्ड स्टेशनों की प्रसारण सुविधाओं का स्वचालन और आधुनिकीकरण। इसमें स्वचालित प्लेआउट सुविधाएं, न्यूज प्रोडक्शन प्रणाली के लिए समाचार कक्ष में कंप्यूटर प्रणाली, रियल टाईम प्रोडक्शन में संपादन और प्रसारण को पूरा करने के लिए फ़ाइल आधारित कार्य प्रवाह, नवीनतम स्टूडियो कैमरे, लेंस, स्विचर्स, राउटर्स आदि तथा पूरे देश भर में दूरदर्शन के फील्ड स्टेशनों के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के प्रावधान शामिल हैं। यह क्षमता निर्माण उपाय दूरदर्शन को समय के अनुरूप प्रौद्योगिकी और आधुनिक टीवी स्टूडियो प्रोडक्शन की तकनीक से ताममेल करने में सक्षम बनाएगा।

मनोरंजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा, खेल और अन्य सार्वजनिक सेवा सामग्री पर ध्यान देने के साथ क्षेत्रीय भाषाओं सहित समृद्ध सामग्री उपलब्ध करना।

त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं के साथ समाचार एकत्र करने की सुविधाओं को मजबूत बनाना और स्थानीय समाचार कवरेज की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में इसका विस्तार करना।

दृष्टिगत रूप से आकर्षक कार्यक्रमों के कंटेंट निर्माण के लिए ऑगमेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी जैसी नई तकनीकों का समावेश।

उपग्रह ट्रांसपोंडरों के कुशल उपयोग के लिए स्पेक्ट्रम कुशल प्रौद्योगिकी के साथ मौजूदा अप-लिंक स्टेशनों को अपग्रेड करना।

ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन नेटवर्क में डेटा प्रवाह के प्रभावी प्रबंधन के साथ गवर्नेंस में दक्षता और पारदर्शिता लाना।

घरेलू और वैश्विक दर्शकों दोनों के लिए डिजिटल पहुंच में महत्वपूर्ण बढ़ोत्तरी करना।

दूरस्थ, जनजातीय, एलडब्ल्यूई और सीमावर्ती क्षेत्रों में 8 लाख से अधिक डीडी डीटीएच रिसीवर सेटों के मुफ्त वितरण की योजना बनाई गई है ताकि इन क्षेत्रों में दर्शकों को टेलीविजन और रेडियो सेवाओं का उपयोग करने में सक्षम बनाया जा सके।

यह योजना प्रसारण उपकरणों की आपूर्ति और स्थापना से संबंधित विनिर्माण और सेवाओं के माध्यम से अप्रत्यक्ष रोजगारों का सृजन भी करेगी। विभिन्न मीडिया क्षेत्रों के सामग्री उत्पादन क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध होंगे।

*** एमजी/एएम/जेके/आर/आईपीएस/ओपी (रिलीज़ आईडी: 1889219)

Friday, September 24, 2021

नहीं रहे आकाशवाणी के समाचार सुनाने वाले रामनुज प्रसाद सिंह

 दशकों तक जुड़े रहे रेडियो से रामानुज प्रसाद सिंह  

रेडियो की दुनिया//सोशल मीडिया : 23 सितंबर 2021: (मीडिया स्क्रीन ऑनलाइन ब्यूरो)::


ये आकाशवाणी है! अब आप रामानुज प्रसाद सिंह से समाचार सुनिए! दशकों तक रेडियो समाचार के माध्यम से श्रोताओं को मुग्ध करने वाली ये दमदार, गहरी और ठहरी हुई आवाज़ आज थम गई। 

आकाशवाणी में समाचार वाचक कैडर के आखिरी स्तंभ और महाकवि रामधारी सिंह दिनकर के भतीजे रामानुज प्रसाद सिंह ने 86 साल की उम्र में आज यानी 22 सितंबर 21के दिन इस दुनिया को अलविदा कह दिया। 

आकाशवाणी में समाचार वाचक कैडर की आखिरी चौकड़ी देवकी नंदन पांडेय, विनोद कश्यप, अशोक वाजपेयी और रामानुज प्रसाद सिंह की ही रही. इसके बाद ये कैडर समाप्त हो गया और बाद के समाचार वाचक अनुवादक सह समाचार वाचक की श्रेणी में ही आए. यह जानकारी मीडिया और साहित्य की दुनिया से जुडी शख्सियत मनविंदर भिंबर ने कल अर्थात 22 सितंबर 2021 की रात को 11:02 बजे दी। उन्होंने वाया राजेश चड्ढ़ा यह जानकारी दी। 

रेडियो की यादें दिमाग में आते ही याद आ जाती है रामनुज प्रसाद सिंह जी की याद। बहुत ही अच्छा बोलते थे। उन्हें नमन। बहुत ही दमदार आवाज़ थी। भावों से भरी हुई प्रभावशाली आवाज़। समाचार सुनने को उत्सुक करती हु आवाज़। नींद से जगाती हुई आवाज़। हालात के चक्र की की दस्तक देती हुई आवाज़। आज तक ज़हन में सुनाई देती है। उनका जाना--एक युग का चले जाना है। उनका अतीत हो जाना सचमुच पीड़ादायिक है। रामानुज प्रसाद सिंह जी को श्रद्धासुमन अर्पित हैं। दिल भरा हुआ है। ऑंखें भीगी हुई हैं। अंतर्मन में रेडियो से जुडी यादों का बवंडर सा है। उन्हें एक बार फिर से नमन। काश जाने वालों से कभी दोबारा भेंट का कोई सुअवसर मिला करता। काश वहां भी आकाशवाणी होती और हम सुन पाते उनकी आवाज़ में वहां के समाचार। उनके जाने से जो सदमा हम कुछ लोग महसूस कर रहे हैं उस  महसूस करते हुए हमें मिलजुल कर एक प्रयास करना होगा। रेडियो की दुनिया से जुड़े जो लोग अभी भी हमारे दरम्यान हैं। उन्हें संभालना होगा। उनकी आवाज़ें, उनके अनुभव, उनके ख्याल, उनकी रचनाएं, उनकी तस्वीरें बहुत कुछः सहेजने वाला है। आवाज़ की दुनिया से जुड़े उनके गुर भी उनसे पूछने होंगें तांकि रेडियो की दुनिया अमीर बनी रहे। निश्चिन्त रहिए ,रेडियो समाप्त नहीं होगा हैं तकनीकी रूप चाहे बदलता रहे। रेडियो का जादू कुछ कम हुआ अवश्य लगता है लेकिन जल्द ही लौटेगा रेडियो का करिश्मा। लोग टीवी से अब ऊबने लगे हैं। आओ सुनते हैं ज़रा ध्यान दीजिए। आवाज़ आ रही है---ये आकाशवाणी है! अब आप रामानुज प्रसाद सिंह से समाचार सुनिए......!!!                     ---रेक्टर कथूरिया


Wednesday, July 7, 2021

न्‍यूजऑनएयर रेडियो लाइव-स्ट्रीम ग्‍लोबल रैंकिंग

 07-जुलाई-2021 17:16 IST

जर्मनी और कुवैत ने शीर्ष 10 में अपनी जगह बनाई 

एआईआर न्‍यूज 24x7 अब एक पायदान ऊपर

Courtesy Photo
दुनिया के शीर्ष देशों (भारत को छोड़कर), जहां ‘न्यूजऑनएयर एप’ पर ऑल इंडिया रेडियो लाइव-स्ट्रीम सबसे लोकप्रिय हैं, की नवीनतम रैंकिंग में फिजी 5वें स्थान से ऊपर चढ़कर दूसरे पायदान पर पहुंच गया है, जबकि सऊदी अरब ने शीर्ष 10 में अपनी वापसी कर ली है। कुवैत और जर्मनी ने शीर्ष 10 में अपनी जगह बना ली है, जबकि फ्रांस और न्यूजीलैंड अब शीर्ष 10 में नहीं हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका अब भी नंबर 1 बना हुआ है।

एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत ऑल इंडिया रेडियो की तेलुगू और तमिल लाइव-स्ट्रीम सेवाएं संयुक्त राज्य अमेरिका में लोकप्रिय हैं, जबकि एआईआर पंजाबी सेवा ब्रिटेन में लोकप्रिय है।

विश्व स्तर पर (भारत को छोड़कर) शीर्ष एआईआर स्ट्रीम की रैंकिंग में आए बड़े बदलावों के तहत एआईआर न्‍यूज 24x7 सातवें पायदान से एक स्‍थान ऊपर चढ़कर छठे पायदान पर पहुंच गई है, जबकि एआईआर तमिल छठे पायदान से काफी नीचे खिसक कर 10वें पायदान पर आ गई है।

आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) की 240 से भी अधिक रेडियो सेवाओं का ‘न्यूजऑनएयर एप’ पर सीधा प्रसारण (लाइव-स्ट्रीम) किया जाता है, जो प्रसार भारती का आधिकारिक एप है। ‘न्यूजऑनएयर एप’ पर उपलब्‍ध आकाशवाणी की इन स्ट्रीम के श्रोतागण बड़ी संख्या में हैं जो न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में 85 से भी अधिक देशों में और विश्‍व भर के 8000 शहरों में भी हैं।

यहां भारत के अलावा उन शीर्ष देशों की भी एक झलक पेश की गई है, जहां ‘न्यूजऑनएयर एप’ पर एआईआर लाइव-स्‍ट्रीम सबसे लोकप्रिय हैं; दुनिया के बाकी हिस्सों में ‘न्यूजऑनएयर एप’ पर उपलब्‍ध आकाशवाणी की शीर्ष स्ट्रीम की भी एक झलक पेश की गई है। आप इसका देश-वार विवरण भी देख सकते हैं। ये समस्‍त रैंकिंग 16 जून से लेकर 30 जून, 2021 तक के पाक्षिक आंकड़ों पर आधारित हैं। इस डेटा में भारत शामिल नहीं है।

शीर्ष रेडियो स्‍ट्रीम की ग्‍लोबल रैंकिंग देखने के लिए अंग्रेजी का अनुलग्‍नक यहां क्लिक करें

Saturday, September 6, 2014

अब फिर लौट रहा है रेडियो का ज़माना

06-सितम्बर-2014 18:34 IST
प्रधानमंत्री ने रेडियो के जरिए जुड़ने के लिए लोगों से सुझाव मांगे
नई दिल्ली: 6 सितमबर 2014: (रेक्टर कथूरिया//मीडिया स्क्रीन):
कभी  रेडियो का ही ज़माना था। रेडियो ने हिंदी-पंजाबी के साथ साथ अन्य भारतीय भाषाओं के गीत संगीत को भी दूर दूर तक पहुँचाया।  वर्ष 1984 में हुए ब्ल्यू स्टार आप्रेशन जैसी संवेदनशील कार्रवाई तक भी लोग रेडियो पर ही निर्भर थे। विविध भारती हो या तामील-ए-इरशाद या फिर बिनाका गीत माला लोग पूरे ध्यान से सुनते थे। रेडियो की फरमायश में अपना नाम बुलवाने की एक होड़ सी रहती थी। पोस्ट कार्डों के बंडलों के बंडल इस फरमायश के लिए पोस्ट किये जाते थे। आल इंडिया उर्दू सर्विस  (तामील-ए-इरशाद) शमीम कुरैशी, अज़रा कुरैशी, जालंधर की चन्द्रकिरण, हेमराज शर्मा, जानकीदास भारद्धाज  और रेडियो सिलोन के अमीन सयानी से मिलना एक सपना समझा जाता था। रेडियो के रिसेप्शन रूम में मनाही के बावजूद लोग इनसे  मिलते थे। घंटों इनका इंतज़ार करते थे। श्रोता क्लब बनाने का रिवाज सा हो गया था पर दूरदर्शन के बाद रेडियो का जादू कुछ कम  होने लगा।  फिर केबल का ज़माना आते ही इसे ग्रहण लग गया।  अब रेडियो में उतनी भीड़ नहीं होती। इसके बावजूद रेडियो का ज़माना फिर से लौट रहा है। उसके कई कारण है। रेडियो को अपने सिरहाने रख कर आँखें बंद करके सुना जा सकता है। उसके लिए काम छोड़ने की तो कतई कोई आवश्यकता नहीं। ऍफ़ एम और मोबाईल फोन में रेडियो सुनने की सुविधा ने इसकी खूबियों को दोबारा उजागर किया है।
  
इसके साथ ही चमत्कार हुआ है सरकार की तरफ से। इसकी आशा नहीं थी लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने इस तरफ विशेष तवज्जो दी है। पीआईबी की एक सूचना के मुताबिक प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रेडियो के जरिए जुड़ने के लिए लोगों से सुझाव मांगे हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा है कि वे इस संबंध में अपने विचार माईगव प्‍लेटफॉर्म-www.mygov.in पर साझा करें। उम्मीद की जानी चाहिए कि अब रेडियो के अच्छे दिन आने वाले हैं। क्या आप रेडियो से जुड़ना चाहते हैं? अगर हाँ तो अब देर न कीजिये--तुरंत भेजिए अपने कीमती सुझाव। 
गौरतलब है कि रेडियो ने 1962, 1965  और 1971  में लोगों का मनोबल मज़बूत करने और सूचनाओं का आदान प्रदान करने में महत्वपूर्ण सूचना निभाई थी। सैनिक भाईयों के लिए फरमाइशी कार्यक्रम आज भी लोकप्रिय हैं। 
वि.कासोटिया/अर्चना/आरआरएस/एसएनटी-3569




Sunday, January 12, 2014

FM Gold: खबर गर्म है में पहुंचे गौतम जालंधरी

Sun, Jan 12, 2014 at 6:14 PM
खबर गर्म है के जरिये हुए श्रौताओं से रूबरू:कई मुद्दों पर की चर्चा 
लुधियाना: 12 जनवरी 2014: (रेकटर कथूरिया//मीडिया स्क्रीन):
वरिष्ठ पत्रकार एवं ऑन लाइन न्यूज पार्टल नया शिखर के मुखय संपादक गौतम जालंधरी प्रसार भारती के एफएम गोल्ड में हर रविवार सुबह साढ़े नौ बजे प्रसारित कार्यक्रम खबर गर्म है, में विशेष रूप से शामिल हुए। खबर गर्म हैअकाशवाणी लुधियाना एफएम गोल्ड का एक बेहद संजीदा कार्यक्रम है तथा श्रौताओं में काफी पसंद किया जाता है। कार्यक्रम की शुरूआत में संचालक नवयेश नवराही ने पत्रकार जालंधरी को श्रौताओं से रूबरू करवाते हुए आज विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित आम आदमी पाटी, एनआरआई स्म्मेलन व देवयानी प्रकरण सहित अन्य बड़ी खबरों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। श्रौताओं से रूबरू होते हुए पत्रकार जालंधरी ने इन खबरों पर अपना नजरिया व इसका आने वाले समय में प्रभाव के बारे में गहराई से बताया। इससे पहले स्टूडियों आने पर एफएम स्टाफ ने पत्रकार जालंधरी का स्वागत किया।