24-दिसंबर-2012 15:34 IST
मणिपुर में एक प्राइवेट टी.वी. न्यूज चैनल के स्ट्रिंगर के निधन पर सूचना और प्रसारण मंत्री श्री मनीष तिवारी द्वारा शोक व्यक्त
सूचना और प्रसारण मंत्री श्री मनीष तिवारी ने मणिपुर में एक प्राइवेट टी.वी. न्यूज चैनल के स्ट्रिंगर श्री धीज मणि के निधन पर शोक व्यक्त किया है। श्री मणि की कल इम्फाल में पुलिस की गोलीबारी के दौरान मृत्यु हो गई थी। वे एक अभिनेत्री के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में आयोजित बंद को कवर कर रहे थे।
श्री तिवारी ने कहा कि श्री मणि एक बहादुर पत्रकार और एक सच्चे पेशेवर थे, जिन्होंने कई कठिन घटनाओं को कवर किया। (PIB)वि. कासोटिया/राजगोपाल/चन्द्रकला —6320
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Monday, December 24, 2012
Tuesday, December 18, 2012
लोक सभा में एफटीआईआई का स्तरोन्नयन
राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित करने हेतु कदम उठाए
सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनीष तिवारी ने आज लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि सरकार ने भारतीय फिल्म और टेलीविज़न संस्थान, पुणे (एफटीआईआई) को संसद के अधिनियम द्वारा राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित करने हेतु कदम उठाए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान, पुणे (एफटीआईआई) में पाठ्यक्रम शुल्क अत्यधिक सहायिकी-प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, संस्थान विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी प्रदान करता है। फिल्म, टेलीविज़न और उससे जुड़े विषयों में अनुसंधान को बढ़ावा देना संसद के प्रस्तावित अधिनियम में संस्थान के उद्देश्यों में से एक रूप में प्रकल्पित है। (PIB) 18-दिसंबर-2012 14:32 IST
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मीणा/शोभा/रामकिशन-6181
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| Courtesy Photo |
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मीणा/शोभा/रामकिशन-6181
Wednesday, November 21, 2012
पोलैंड में कॉम्युनिस्ट युग की तुलना में अब स्थिति बेहतर
*क्रिज्टॉफ जानुस्सी ने सेंसरशिप को माना वैश्विक समस्या
*पोलैंड के प्रख्यात फिल्म निर्माता क्रिज्टॉफ जानुस्सी
*इंटरनेट एक संपूर्ण नवीन समाज का निर्माण कर सकता है और यह हमें ध्वस्त भी कर सकता है
*श्री ज़ानुस्सी ने किया है 80 से अधिक फिल्में और वृत चित्रों का निर्माण
*लोकप्रिय फिल्मों का सम्मान किया जाना चाहिए
पोलैंड के प्रख्यात फिल्म निर्माता क्रिज्टॉफ जानुस्सी ने सेंसरशिप को वैश्विक समस्या माना है और इससे निपटने के लिए उपयुक्त मार्ग तलाशने पर बल दिया है। उन्होंने कहा सेंसरशिप हमारी जिंदगी को प्रभावित करने वाली कठोर व्यवस्था है और गैर-लोकतांत्रिक राष्ट्र इसे बेहद कडाई से लागू करते हैं जबकि लोकतांत्रिक देशों का रवैया अधिक लचीला होता है। 43वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में जीवनकालिक उपलब्धियों के लिए गोवा में आज शाम सम्मानित होने वाले जानुस्सी आज सवेरे मीडिया को संबोधित कर रहे थे । कम्फलेज, फैमिली लाइफ, द साइलेंट टच, द कॉन्ट्रैक्ट और रिविजिटेड जैसी सराहनीय फिल्मों का निर्माण करने वाले जानुस्सी ने विश्व को दिशा देने के लिए उच्च विचारों पर जोर दिया। भारत में सेंसरशिप के मुद्दे पर एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि इंटरनेट एक संपूर्ण नवीन समाज का निर्माण कर सकता है और यह हमें ध्वस्त भी कर सकता है इसलिए एक संतुलित मार्ग की पहचान करना बडी चुनौती है। समारोह में उनकी फिल्म “इल्युमिनेशन” को प्रदर्शित किया जाएगा।
भारतीय सिनेमा के बारे में श्री क्रिज्टॉफ ज़ानुस्सी ने कहा कि स्वतंत्र सिनेमा और लोकप्रिय फिल्में एक दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि लोकप्रिय फिल्मों का सम्मान किया जाना चाहिए क्योंकि यह आम व्यक्ति की संस्कृति को दर्शाती हैं। अपने देश में सिनेमा के बारे में श्री जानुस्सी ने कहा कि वहां पर इस दिशा में अच्छा काम चल रहा है लेकिन जो पहचान, 1980 की शुरूआत में राजनीतिक उथलपुथल के दौरान थी वैसी नहीं है। उन्होंने कहा कि पोलैंड में कॉम्युनिस्ट युग की तुलना में अब स्थिति बेहतर है लेकिन युवा फिल्म निर्माताओं को नई समस्याओं और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज़ानुस्सी ने भौतिकी विषय में शिक्षा ग्रहण की है। उन्होंने कहा कि भौतिकी को जब ग्ंभीरता के साथ पढ़ा जाए तो वो इंजीनियर पढ़ाई न लगकर तत्व विज्ञान जैसी लगती है। श्री ज़ानुस्सी ने 80 से अधिक फिल्में और वृत चित्रों का निर्माण किया है। (PIB) 20-नवंबर-2012 14:21 IST
मीणा/प्रियंका/विजयलक्ष्मी/चन्द्रकला-5404
*पोलैंड के प्रख्यात फिल्म निर्माता क्रिज्टॉफ जानुस्सी
*इंटरनेट एक संपूर्ण नवीन समाज का निर्माण कर सकता है और यह हमें ध्वस्त भी कर सकता है
*श्री ज़ानुस्सी ने किया है 80 से अधिक फिल्में और वृत चित्रों का निर्माण
*लोकप्रिय फिल्मों का सम्मान किया जाना चाहिए
पोलैंड के प्रख्यात फिल्म निर्माता क्रिज्टॉफ जानुस्सी ने सेंसरशिप को वैश्विक समस्या माना है और इससे निपटने के लिए उपयुक्त मार्ग तलाशने पर बल दिया है। उन्होंने कहा सेंसरशिप हमारी जिंदगी को प्रभावित करने वाली कठोर व्यवस्था है और गैर-लोकतांत्रिक राष्ट्र इसे बेहद कडाई से लागू करते हैं जबकि लोकतांत्रिक देशों का रवैया अधिक लचीला होता है। 43वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में जीवनकालिक उपलब्धियों के लिए गोवा में आज शाम सम्मानित होने वाले जानुस्सी आज सवेरे मीडिया को संबोधित कर रहे थे । कम्फलेज, फैमिली लाइफ, द साइलेंट टच, द कॉन्ट्रैक्ट और रिविजिटेड जैसी सराहनीय फिल्मों का निर्माण करने वाले जानुस्सी ने विश्व को दिशा देने के लिए उच्च विचारों पर जोर दिया। भारत में सेंसरशिप के मुद्दे पर एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि इंटरनेट एक संपूर्ण नवीन समाज का निर्माण कर सकता है और यह हमें ध्वस्त भी कर सकता है इसलिए एक संतुलित मार्ग की पहचान करना बडी चुनौती है। समारोह में उनकी फिल्म “इल्युमिनेशन” को प्रदर्शित किया जाएगा।
भारतीय सिनेमा के बारे में श्री क्रिज्टॉफ ज़ानुस्सी ने कहा कि स्वतंत्र सिनेमा और लोकप्रिय फिल्में एक दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि लोकप्रिय फिल्मों का सम्मान किया जाना चाहिए क्योंकि यह आम व्यक्ति की संस्कृति को दर्शाती हैं। अपने देश में सिनेमा के बारे में श्री जानुस्सी ने कहा कि वहां पर इस दिशा में अच्छा काम चल रहा है लेकिन जो पहचान, 1980 की शुरूआत में राजनीतिक उथलपुथल के दौरान थी वैसी नहीं है। उन्होंने कहा कि पोलैंड में कॉम्युनिस्ट युग की तुलना में अब स्थिति बेहतर है लेकिन युवा फिल्म निर्माताओं को नई समस्याओं और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज़ानुस्सी ने भौतिकी विषय में शिक्षा ग्रहण की है। उन्होंने कहा कि भौतिकी को जब ग्ंभीरता के साथ पढ़ा जाए तो वो इंजीनियर पढ़ाई न लगकर तत्व विज्ञान जैसी लगती है। श्री ज़ानुस्सी ने 80 से अधिक फिल्में और वृत चित्रों का निर्माण किया है। (PIB) 20-नवंबर-2012 14:21 IST
मीणा/प्रियंका/विजयलक्ष्मी/चन्द्रकला-5404
फिल्म लाइफ ऑफ पाई से होगी
43वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह की शुरूआत
गोवा में 43वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह का शुभारंभ अकेडमी पुरस्कार से सम्मानित निर्देशक आंग ली की बहुचर्चित थ्री डी फिल्म लाइफ ऑफ पाइ प्रदर्शित होने के साथ होगा। इस अवसर पर फिल्म के सदस्य यहां कला अकादमी में मौजूद रहेंगे। आंग ली पहले इस समारोह में हिस्सा लेने वाली थीं लेकिन न्यू यॉर्क में अपने किसी अंतरराष्ट्रीय काम में व्यस्त होने के कारण इसमें भाग नहीं ले सकेंगी। यान मार्टल के बुकर प्राइज़ उपन्यास लाइफ ऑफ पाइ पर आधारित यह फिल्म एक युवक की कहानी है जो लगभग असाध्य बाधाओं के बावजूद समुद्र में जीवित रहता है। आंग ली ने इस उपन्यास को बड़े ही रोमांचक तरीके से फिल्म के रूप में प्रदर्शित किया है।
यह थ्री डी फिल्म दिल को छू जाने वाली है तथा यह दर्शकों को ऐसे आलम में ले जाएगी जो वो कभी नहीं भूल पाएंगे। इस फिल्म की मुख्य रूप से शूटिंग भारत और ताइवान में हुई है। इस फिल्म में इरफान खान, तब्बू, राफे स्पाल और जियार्ड देपारदियू ने काम किया है और सूरज शर्मा ने इस फिल्म के ज़रिए फिल्मी दुनिया में अपना पहला कदम रखा है। मीरा नायर की 'रिलक्टेंट फंडामेंटलिस्ट' समारोह के अंत में दिखाई जाएगी। (PIB) 20-नवंबर-2012 12:12 IST
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मीणा/प्रियंका-5402
गोवा में 43वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह का शुभारंभ अकेडमी पुरस्कार से सम्मानित निर्देशक आंग ली की बहुचर्चित थ्री डी फिल्म लाइफ ऑफ पाइ प्रदर्शित होने के साथ होगा। इस अवसर पर फिल्म के सदस्य यहां कला अकादमी में मौजूद रहेंगे। आंग ली पहले इस समारोह में हिस्सा लेने वाली थीं लेकिन न्यू यॉर्क में अपने किसी अंतरराष्ट्रीय काम में व्यस्त होने के कारण इसमें भाग नहीं ले सकेंगी। यान मार्टल के बुकर प्राइज़ उपन्यास लाइफ ऑफ पाइ पर आधारित यह फिल्म एक युवक की कहानी है जो लगभग असाध्य बाधाओं के बावजूद समुद्र में जीवित रहता है। आंग ली ने इस उपन्यास को बड़े ही रोमांचक तरीके से फिल्म के रूप में प्रदर्शित किया है।
यह थ्री डी फिल्म दिल को छू जाने वाली है तथा यह दर्शकों को ऐसे आलम में ले जाएगी जो वो कभी नहीं भूल पाएंगे। इस फिल्म की मुख्य रूप से शूटिंग भारत और ताइवान में हुई है। इस फिल्म में इरफान खान, तब्बू, राफे स्पाल और जियार्ड देपारदियू ने काम किया है और सूरज शर्मा ने इस फिल्म के ज़रिए फिल्मी दुनिया में अपना पहला कदम रखा है। मीरा नायर की 'रिलक्टेंट फंडामेंटलिस्ट' समारोह के अंत में दिखाई जाएगी। (PIB) 20-नवंबर-2012 12:12 IST
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मीणा/प्रियंका-5402
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